त्योहारी सीजन में मिलावट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को भिलाई-दुर्ग के तीन मिठाई और डेयरी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान एक्सपायरी दूध से पनीर बनाने, गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार करने और पैकेजिंग में अनियमितताएं सामने आईं।
नियंत्रक सह आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 2500 किलो मिठाई और 1000 लीटर दूध नष्ट कराया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों में उत्पादन बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनके लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा भी की जा रही है।
एक्सपायरी दूध से बनाया जा रहा था पनीर
नंदिनी रोड स्थित मां दुर्गा डेयरी में खाद्य सुरक्षा टीम को गंदगी के बीच पनीर और दही बनते मिले। जांच में पता चला कि पनीर बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मदर डेयरी के दूध की एक्सपायरी तारीख 21 अक्टूबर थी।
टीम ने मौके पर 1000 लीटर दूध और 80 किलो दही नष्ट कराया। पनीर, दूध और दही के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग ने डेयरी को सील करने और उसका लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं।
लड्डुओं में अमानक रंग और स्वीटनिंग एजेंट का संदेह
कैंप-2 स्थित गुप्ताजी लड्डू हाउस में करीब 250 किलो मैदे के लड्डुओं में अमानक रंग और स्वीटनिंग एजेंट के इस्तेमाल का संदेह सामने आया। विभाग ने यहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई की।
वहीं, बैकुंठधाम स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट्स में गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। पेड़ा, सोनपापड़ी समेत अन्य मिठाइयों को बिना लेबल वाले प्लास्टिक जार में पैक किया जा रहा था।
यहां करीब 200 किलो पेड़ा, 1020 किलो सोनपापड़ी और 70 किलो मैसूर पाक समेत अन्य मिठाइयों को नष्ट करने की प्रक्रिया की गई।
सात दिन पहले रायपुर में भी नष्ट की गई थीं मिठाइयां
17 अक्टूबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रायपुर के चार प्रमुख प्रतिष्ठानों की जांच की थी। इस दौरान तेलीबांधा की तीन मिठाई दुकानों में मिठाइयों पर मरे हुए कॉकरोच, कीड़े और बाल मिले थे। चाशनी में फफूंद और जाले भी पाए गए थे।
एक अन्य प्रतिष्ठान में भी भारी गंदगी मिली थी। उस कार्रवाई में करीब 150 किलो मिठाइयां और 10 किलो पनीर नष्ट कराया गया था।
बिस्किट पैकेट पर भविष्य की तारीख, विभाग ने शुरू की कार्रवाई
वैशाली नगर स्थित जलाराम नमकीन एंड डेयरी में पैकेजिंग से जुड़ी अनियमितता सामने आई। यहां बिस्किट के पैकेटों पर पैकिंग की तारीख 1 नवंबर 2026 दर्ज थी, जबकि विभाग ने जांच 23 अक्टूबर को की थी। यानी पैकेटों पर जांच की तारीख से नौ दिन आगे की तारीख लिखी हुई थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे भ्रामक लेबलिंग का मामला मानते हुए प्रकरण न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। उपभोक्ताओं को भी मिठाई, दूध और अन्य खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेजिंग, लेबल और एक्सपायरी तारीख की जांच करनी चाहिए।






































