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Jaypee

Jaypee Group पर मुसीबत के बादल ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनोज गौड़ को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को Jaypee Infratech Limited (JIL) के प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़ (Manoj Gaur) को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है।यह केस हज़ारों घर खरीदारों (Home Buyers) से हुई धोखाधड़ी (Fraud) और फंड्स के गलत इस्तेमाल (Fund Misuse) से जुड़ा हुआ है। ED की Action का Background ED ने यह गिरफ्तारी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की है।जांच एजेंसी का कहना है कि Jaypee Infratech ने हज़ारों लोगों से फ्लैट के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं दी।इसके बजाय कंपनी ने इन पैसों को अन्य ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर (Fund Diversion) कर दिया। ED ने इससे पहले भी Jaypee Group की कई प्रॉपर्टीज़ को अटैच किया था और अब इस केस में मनोज गौड़ की गिरफ्तारी से जांच और तेज़ हो गई है। Jaypee Group पर पहले भी लगे हैं आरोप Jaypee Infratech का नाम पहले भी Real Estate Scams में सामने आ चुका है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई प्रोजेक्ट्स में कंपनी ने 20,000 से अधिक घर खरीदारों से एडवांस लिए थे, लेकिन अधिकतर प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए।2017 में कंपनी के खिलाफ NCLT (National Company Law Tribunal) में दिवालिया प्रक्रिया शुरू की गई थी। ED की जांच में क्या सामने आया ED की शुरुआती रिपोर्ट में पता चला कि कंपनी ने कई शेल कंपनियों (Shell Companies) के ज़रिए पैसे इधर-उधर किए।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि Jaypee Group ने Home Buyers से लिए गए फंड्स का इस्तेमाल अपने अन्य बिज़नेस को बचाने के लिए किया।अब ED यह ट्रैक कर रही है कि इन पैसों को किन अकाउंट्स में भेजा गया और किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया। Home Buyers के लिए उम्मीद की किरण इस गिरफ्तारी के बाद Jaypee के हज़ारों घर खरीदारों को न्याय की उम्मीद जगी है।कई लोगों ने कहा कि “अगर ED की जांच सही दिशा में चलती रही तो हमें शायद अपने घर की चाबी मिल जाए।”पिछले कई सालों से ये खरीदार कोर्ट और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए थे। आगे क्या होगा? ED अब मनोज गौड़ से पूछताछ करेगी कि प्रोजेक्ट्स के पैसे कैसे और कहाँ ट्रांसफर किए गए।अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो कंपनी और समूह की अन्य इकाइयों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई (Major Legal Action) हो सकती है।मामले की सुनवाई जल्द ही विशेष PMLA अदालत (Special Court) में शुरू होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tata Motors

Tata Motors CV Share Listing टाटा मोटर्स के शेयर ने दिया 28% Premium

टाटा मोटर्स (Tata Motors) की कमर्शियल व्हीकल यूनिट Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) ने सोमवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी के शेयर ने 28% प्रीमियम के साथ लिस्टिंग की और निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। Tata Motors CV Share Listing Details कंपनी का अनुमानित मूल्य ₹260.75 प्रति शेयर था, लेकिन NSE पर शेयर ₹335 के स्तर पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन जबरदस्त फायदा मिला।यह टाटा मोटर्स के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है क्योंकि कंपनी ने हाल ही में Passenger Vehicle और Commercial Vehicle सेगमेंट को अलग (Demerger) किया था। Demerger से Value Unlocking का फायदा टाटा मोटर्स ने अपने बिज़नेस को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटा:Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPV) – जिसमें कार और EV सेगमेंट शामिल हैं।Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) – जो ट्रक, बस, और कमर्शियल व्हीकल्स पर केंद्रित है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस डिमर्जर से कंपनी का असली वैल्यू सामने आया है और निवेशकों को अब हर सेगमेंट की ग्रोथ को अलग-अलग आकलन करने का मौका मिलेगा। TMCV के लिए Growth Opportunities भारत में कमर्शियल व्हीकल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। इन सब कारणों से आने वाले समय में TMCV की बिक्री और मुनाफा दोनों में तेजी देखी जा सकती है। Short-Term में सावधानी जरूरी हालांकि, शॉर्ट-टर्म निवेशकों को थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि – Experts का मानना है मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि Tata Motors Commercial Vehicles का लॉन्ग-टर्म आउटलुक काफी मजबूत है।यदि कोई निवेशक 3-5 साल की अवधि के लिए निवेश करता है, तो यह शेयर अच्छे रिटर्न दे सकता है।लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

शेयर बाजार में उछाल! Sensex-Nifty ने बनाया नया रिकॉर्ड IT सेक्टर चमका

भारत के शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने बुधवार, 12 नवम्बर 2025 को शानदार शुरुआत की।BSE Sensex में करीब 600 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि Nifty 50 25,892 के स्तर के पार पहुंच गया।ग्लोबल संकेतों, अमेरिका में सकारात्मक खबरों और आईटी सेक्टर (IT Sector) की मजबूत खरीदारी ने बाजार का मूड पूरी तरह हरा बना दिया। Market Rally की बड़ी वजहें Sector-wise प्रदर्शन Top Gainers (Nifty 50) इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, अदाणी एंटरप्राइजेज और मारुति सुजुकी — सभी में 1.5% से 3% की बढ़त दर्ज। Top Losers आईटीसी, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस – एफएमसीजी सेक्टर के कारण हल्की गिरावट। Mutual Fund निवेश में गिरावट हालांकि मार्केट में तेजी रही, लेकिन अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो 19% घटा।एनालिस्ट्स का कहना है कि यह निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है, हालांकि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है। Expert View मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में IT और Midcap Stocks में मजबूती बनी रह सकती है।अमेरिका-भारत ट्रेड डील और ग्लोबल संकेत आने वाले हफ्तों में मार्केट की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Adani

Adani Group बनाएगा India का सबसे बड़ा Battery Storage System, 2026 तक पूरा होगा Mega Project

भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Group ने देश का अब तक का सबसे बड़ा Battery Energy Storage System (BESS) बनाने का ऐलान किया है।यह प्रोजेक्ट गुजरात के खवड़ा (Khavda) क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां अदाणी पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े Renewable Energy Park का निर्माण कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी क्षमता लगभग 50 GWh (गीगावॉट-घंटे) होगी। इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर का निवेश होने जा रहा है, जो भारत की ऊर्जा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। क्या है Battery Energy Storage System (BESS)? यह तकनीक सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा को स्टोर करने में मदद करती है ताकि जब सूरज न निकले या हवा न चले, तब भी बिजली सप्लाई बनी रहे।इससे बिजली ग्रिड को स्थिरता (Grid Stability) मिलती है और 24×7 ग्रीन पावर (Green Power) उपलब्ध कराई जा सकती है। भारत के Clean Energy Goals में अहम योगदान भारत सरकार ने 2031-32 तक 74 GW Battery Storage और 50 GW Pumped Hydro Storage का लक्ष्य तय किया है।अदाणी ग्रुप का यह प्रोजेक्ट इस मिशन में मील का पत्थर साबित हो सकता है।यह न केवल देश की फॉसिल फ्यूल डिपेंडेंसी घटाएगा बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) भी मजबूत करेगा। Adani Project के बड़े फायदे 24×7 Green Power Supply: सोलर और विंड एनर्जी स्टोर करके बिजली की निरंतर आपूर्ति होगी।Fossil Fuel पर निर्भरता में कमी: कोयला और गैस आधारित पावर प्लांट्स की जरूरत घटेगी।Local Employment: गुजरात में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।Make in India को बढ़ावा: बैटरी और ऊर्जा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम। चुनौतियाँ भी कम नहीं भारत के Energy Transition में बड़ा योगदान केंद्र सरकार ने हाल ही में बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन चार्ज वेवर (Transmission Charge Waiver) को जून 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे ऐसे प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी।इसी के साथ, दिल्ली में भी दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा 20MW Battery Energy Storage System शुरू किया गया है, जो बिजली आपूर्ति को स्थिर करने में मदद करेगा। अदाणी ग्रुप का यह मेगा बैटरी प्रोजेक्ट भारत को “Green Energy Superpower” बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।अगर यह योजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो यह भारत की Energy Independence और Net Zero Emission Goal दोनों को गति देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price भारत में सोना ₹1.22 Lakh के पार, शादी सीजन में बढ़ी डिमांड

भारत में सोने की कीमत (Gold Price in India) ने आज नया रिकॉर्ड बना दिया है। सोमवार को MCX (Multi Commodity Exchange) पर दिसंबर वायदा में सोना ₹1,987 की बड़ी बढ़त के साथ ₹1,22,101 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है, जिसने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों को हैरान कर दिया है। क्यों बढ़ी Gold की कीमत? वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की बढ़ती खरीदारी ने कीमतों को ऊपर धकेला है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से निवेशकों ने safe haven asset यानी सोने में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। भारत के प्रमुख शहरों में सोने का भाव (Gold Rate in Major Cities) शहर 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) दिल्ली ₹1,21,800 ₹1,12,000 मुंबई ₹1,21,900 ₹1,12,100 कोलकाता ₹1,21,850 ₹1,11,950 चेन्नई ₹1,22,300 ₹1,12,400 निवेशकों के लिए क्या सलाह? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, मौजूदा ऊंचे स्तर पर नई खरीदारी करने से पहले निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।जिन्होंने पहले से निवेश किया है, उनके लिए यह profit booking का अच्छा मौका हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, डॉलर इंडेक्स में गिरावट के कारण विदेशी निवेशक भी Gold में निवेश बढ़ा रहे हैं। यह वैश्विक स्तर पर bullish trend का संकेत देता है। आने वाले दिनों में क्या रहेगा ट्रेंड? बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर डॉलर कमजोर रहता है और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो सोना आगे भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। शादी के सीजन में मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी सोने की चमक बरकरार रहने की उम्मीद है।2 सोने की कीमतों में यह ऐतिहासिक उछाल बताता है कि निवेशकों के लिए यह अब भी सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है। लेकिन निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lenskart

Lenskart IPO Listing 2025 3% Discount पर लिस्ट हुआ शेयर, निवेशकों को लगा झटका

भारत की जानी-मानी आईवियर कंपनी Lenskart Solutions Ltd ने आज यानी 10 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में अपनी एंट्री की। लाखों निवेशकों को इस आईपीओ से शानदार लिस्टिंग की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी के शेयरों ने कमजोर शुरुआत की। IPO में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के बावजूद लिस्टिंग डिस्काउंट पर हुई, जिससे निवेशकों को निराशा हाथ लगी। Lenskart IPO Listing Day Highlights जबरदस्त सब्सक्रिप्शन, फिर भी Weak Listing Lenskart IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू को 28.26 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें सबसे ज्यादा रुचि संस्थागत निवेशकों (QIBs) की रही। इसके बावजूद शेयर का डिस्काउंट पर लिस्ट होना बताता है कि निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन और प्रॉफिट ग्रोथ को लेकर सतर्क हैं। Lenskart का बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ प्लान Lenskart की शुरुआत 2008 में हुई थी और 2010 में कंपनी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। साल 2013 में दिल्ली में पहला ऑफलाइन स्टोर खोला गया। आज कंपनी भारत के साथ-साथ साउथ-ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी सक्रिय है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने CoCo स्टोर्स (Company Operated Stores) खोलने, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, ब्रांड प्रमोशन और अधिग्रहण (Acquisitions) के लिए करने वाली है। Market Experts की राय विशेषज्ञों के मुताबिक, Lenskart IPO Listing का कमजोर रहना संकेत है कि बाजार फिलहाल हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स को लेकर सावधान है। हालांकि, कंपनी की ब्रांड पावर, डिजिटल स्ट्रेटेजी और ओम्नी-चैनल उपस्थिति (Online + Offline) इसे लॉन्ग टर्म में एक मजबूत दांव बना सकती है। आगे क्या देखना होगा निवेशकों को फिलहाल कुछ मुख्य बिंदुओं पर नजर रखनी चाहिए: Lenskart Share Listing ने पहले दिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और विस्तार योजनाएं इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक बना सकती हैं। निवेशकों को फिलहाल कंपनी के तिमाही नतीजे और शेयर के ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

पिछले तीन हफ्तों से लगातार Gold के दाम गिर रहे हैं। इस हफ्ते भी सोना ₹670 सस्ता हुआ है। अब सोने की कीमतों में यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी कमी आई है — इस हफ्ते चांदी ₹850 घटकर ₹1,48,275 प्रति किलो पर पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने-चांदी पर भी दिख रहा है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के लिए शेयर मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी कमजोर पड़ी है। हालांकि ज्वैलर्स का कहना है कि आने वाले शादी के सीजन में सोने की खरीद फिर से बढ़ सकती है। अगर कीमतें इसी तरह नीचे रहीं, तो ग्राहकों के लिए ये समय सोना खरीदने का सही मौका साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI Stocks

US Market Crash AI Stocks में भारी गिरावट, मंदी की आशंका गहराई

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका के शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया है।S&P 500 में 1.1%, Nasdaq Composite में 2%, और Dow Jones Industrial Average में करीब 0.8% की भारी गिरावट हुई। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि US Economy के लिए Warning Signal मानी जा रही है। AI Stocks Crash: टेक सेक्टर में ‘Bubble Burst’ की आशंका पिछले कुछ महीनों से AI (Artificial Intelligence) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही थी। कंपनियों के वैल्यूएशन आसमान छू रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।AI कंपनियों के शेयर अचानक गिरने लगे हैं और निवेशकों को डर है कि कहीं यह AI Bubble फट न जाए (AI Bubble Burst)।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई टेक कंपनियों के ग्रोथ आंकड़े उनके वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम हैं, जिससे AI Stocks में Correction Phase शुरू हो चुका है। 1.53 Lakh Americans ने खोई Job – 20 साल की सबसे बड़ी छंटनी रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 में करीब 1.53 लाख लोगों की नौकरियां गईं, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा है।यह आंकड़ा बताता है कि अमेरिकी कंपनियां लागत कम करने और मंदी की तैयारी में जुट गई हैं।रोजगार में यह भारी गिरावट अर्थव्यवस्था की कमजोरी को और बढ़ा सकती है। 38 Trillion Dollar का Debt – बढ़ा आर्थिक दबाव अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण (National Debt) अब 38 Trillion Dollar पार कर गया है, जो उसके GDP के करीब 324% तक पहुंच चुका है।इतना अधिक कर्ज सरकार, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों – तीनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि US Economy अब Debt Trap में फँसती जा रही है। Global Impact: भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा असर अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर सिर्फ वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा।भारत जैसे देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय IT और टेक सेक्टर का बड़ा हिस्सा अमेरिकी निवेश और ऑर्डर पर निर्भर है।यदि अमेरिकी कंपनियां खर्च घटाती हैं, तो भारतीय एक्सपोर्ट और जॉब सेक्टर पर भी असर पड़ेगा।साथ ही, Foreign Institutional Investors (FII) भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे Sensex और Nifty पर दबाव बढ़ सकता है। Expert Opinion: निवेशकों को बरतनी होगी सावधानी आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि AI सेक्टर में ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation) और अमेरिकी कर्ज में तेजी से वृद्धि ने बाजार को अस्थिर बना दिया है।वे सलाह दे रहे हैं कि निवेशक इस समय High-Risk Stocks में निवेश से बचें और सुरक्षित विकल्प चुनें।क्योंकि अगर यह गिरावट जारी रही, तो यह एक Global Recession का रूप ले सकती है। अमेरिका में आई यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार की नहीं, बल्कि AI Revolution के Reality Check की निशानी है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़ी Economic Crisis की शुरुआत।दुनियाभर के निवेशक अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हर कदम पर नज़र रख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elon Musk

Tesla से xAI तक की Journey Elon Musk बने दुनिया के सबसे Powerful CEO

दुनिया के सबसे इनोवेटिव और अमीर बिजनेसमैन Elon Musk ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है।वो अब कहलाए जा रहे हैं दुनिया के पहले “Trillion Dollar CEO”, जिनके पास है ऐसा टेक एम्पायर जो Electric Cars, Space Rockets, Artificial Intelligence, Brain Chips और Social Media—सब कुछ कवर करता है।एलन मस्क की सोच और उनकी कंपनियाँ आज दुनिया के टेक्नोलॉजी भविष्य की दिशा तय कर रही हैं। Tesla – Electric Car Company जिसने बदल दी Auto Industry 2003 में शुरू हुई Tesla Motors का मकसद था दुनिया को Petrol-Diesel से Electric Vehicles (EVs) की ओर ले जाना।Elon Musk ने 2004 में कंपनी में निवेश कर चेयरमैन का पद संभाला और 2008 में CEO बने।आज Tesla का मार्केट वैल्यू करीब 1.5 Trillion Dollar है, और कंपनी सिर्फ कारें नहीं बल्कि Solar Panels और Battery Storage Systems भी बनाती है। Tesla की सफलता ने दिखाया कि Clean Energy ही भविष्य है। SpaceX – Elon Musk का Space Dream 2002 में Elon Musk ने शुरू की SpaceX, जिसका मकसद था “Space को सस्ता और सबके लिए सुलभ बनाना।”SpaceX पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी बनी जिसने रॉकेट को ऑर्बिट में भेजकर वापस पृथ्वी पर उतारा।कंपनी का बड़ा प्रोजेक्ट है Starlink, जो पूरी दुनिया में Satellite Internet पहुंचा रही है।आज SpaceX की वैल्यू लगभग 400 Billion Dollar है और Elon Musk के पास इसकी 42% हिस्सेदारी है। xAI – Artificial Intelligence में मस्क का नया दांव 2023 में Elon Musk ने लॉन्च की अपनी नई AI कंपनी xAI, जिसका लक्ष्य है “AI को Safe और Useful बनाना।”इसका सबसे चर्चित प्रोडक्ट है Grok, जो X App (Twitter) में चैटबॉट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।कंपनी की वैल्यू लगभग 80 Billion Dollar बताई जा रही है, और मस्क इसमें लगभग 59% हिस्सेदारी रखते हैं। xAI के आने से Musk ने AI Industry में OpenAI और Google DeepMind को सीधी चुनौती दी है। Neuralink – Mind से Machine तक का सफर 2016 में मस्क ने शुरू की Neuralink, जो Brain-Computer Interface तकनीक पर काम कर रही है।इस टेक्नोलॉजी के ज़रिए इंसान अपने दिमाग के ज़रिए कंप्यूटर को कंट्रोल कर सकेगा।हाल ही में कंपनी ने अपने पहले मानव ट्रायल में सफलता हासिल की है।Neuralink की वैल्यू लगभग 9 Billion Dollar है और यह भविष्य में मेडिकल टेक्नोलॉजी की दिशा बदल सकती है। X (Twitter) – Social Media का Everything App 2022 में मस्क ने Twitter को 44 Billion Dollar में खरीदा और इसका नाम बदलकर X कर दिया।उनका विज़न है कि X App सिर्फ सोशल मीडिया नहीं बल्कि एक Everything App बने — जिसमें चैटिंग, पेमेंट, न्यूज और AI सब कुछ एक साथ हो।हालांकि X की वैल्यू घटकर 9.4 Billion Dollar रह गई है, लेकिन xAI के साथ मिलकर इसका कॉम्बाइंड वैल्यूएशन करीब 45 Billion Dollar है। The Boring Company – Traffic के खिलाफ Underground Revolution 2017 में मस्क ने लॉन्च की The Boring Company, जिसका लक्ष्य है Underground Tunnels बनाकर शहरों का ट्रैफिक कम करना।लास वेगास में बना “Vegas Loop Tunnel” इसका पहला सफल प्रोजेक्ट है।कंपनी की वैल्यू लगभग 5.6 Billion Dollar है और मस्क इसे भविष्य के Smart Cities की नींव मानते हैं। क्यों कहा जा रहा है Elon Musk को ‘Trillion Dollar CEO’? एलन मस्क को Tesla की ओर से मिला $1 Trillion का Pay Package इतिहास का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट बोनस माना जा रहा है।उनकी सभी कंपनियों — Tesla, SpaceX, xAI, Neuralink, X और The Boring Company — की कुल वैल्यू मिलाकर वो एक Trillion Dollar Empire के मालिक बन गए हैं।उनका साम्राज्य अब कई देशों की GDP से भी बड़ा है। Global Impact: कैसे बदला मस्क ने टेक वर्ल्ड Elon Musk सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं, बल्कि Visionary Innovator हैं, जिन्होंने Tech World की परिभाषा बदल दी।Tesla से xAI तक, उनका हर कदम यह साबित करता है कि भविष्य उन्हीं का है जो “बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।”आज एलन मस्क सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक “One-Man Tech Revolution” बन चुके हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MSCI

Today Market Highlights MSCI Index में Indian Companies की Entry से निवेशकों को उम्मीद

आज का शेयर बाजार अपडेट (Stock Market Update Today) गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सुबह के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली हावी रही। Sensex-Nifty की स्थिति कारोबार के दौरान Nifty 50 लगभग 25,546 अंकों पर 51 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। वहीं, Sensex भी मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का असर समग्र बाजार पर दिखाई दिया। सेक्टरवार रुझान (Sector-wise Trend) आज के कारोबार में Metal, Media और Energy सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी ओर, FMCG, IT, Auto और Oil & Gas सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की। निवेशकों का फोकस प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बना हुआ है। Britannia के शानदार नतीजे (Britannia Q2 Results) Britannia Industries ने दूसरी तिमाही (Q2) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 23% बढ़कर ₹655 करोड़ पहुंच गया। इन मजबूत नतीजों से FMCG सेक्टर में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को भरोसा मिला। Ola Electric और अन्य अपडेट्स Ola Electric की आय में साल-दर-साल करीब 43% की गिरावट देखने को मिली, हालांकि कंपनी का घाटा कुछ हद तक घटा है।वहीं, कई भारतीय कंपनियों के MSCI Index में शामिल होने की खबर से निवेशकों के मनोबल में सुधार देखा गया, जिससे विदेशी निवेश (FII inflows) को लेकर उम्मीदें बढ़ीं। ग्लोबल मार्केट्स का असर वैश्विक बाजारों में आज सकारात्मक रुझान रहे। जापान का Topix इंडेक्स 1.1% और दक्षिण कोरिया का Kospi 1% ऊपर रहा। एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया, हालांकि घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली ने बढ़त सीमित कर दी। निवेशकों के लिए सलाह (Investor Takeaway) विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में रहेगा। कंपनियों के Q2 नतीजे और अंतरराष्ट्रीय संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को FMCG, Auto और IT सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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