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Nifty में 540 अंकों की भारी गिरावट, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

Nifty में 540 अंकों की भारी गिरावट, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

शेयर बाजार में आज का दिन निवेशकों के लिए काफी निराशाजनक रहा। हफ्ते के कारोबार के दौरान Nifty 50 में करीब 540 अंकों की बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर पड़ा। इन सेक्टर के कई बड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार का मूड पूरी तरह नकारात्मक हो गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्कता इस गिरावट की बड़ी वजह रही। साथ ही, मुनाफावसूली (profit booking) के कारण भी बाजार पर दबाव बना। ऑटो कंपनियों और बैंकों के शेयरों में गिरावट का असर यह रहा कि छोटे निवेशकों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई निवेशक फिलहाल बाजार में नई खरीदारी करने से बच रहे हैं। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी साबित हो सकता है, लेकिन फिलहाल सावधानी बरतना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च के पहले हफ्ते में देश में ईंधन की खपत को लेकर एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला। जहां एक तरफ LPG (रसोई गैस) की खपत में करीब 17% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं पेट्रोल की बिक्री 13% और डीजल की खपत 8% तक बढ़ गई। क्या है वजह? इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम। महंगे सिलेंडर के कारण होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों पर सीधा असर पड़ा है। रेस्टोरेंट्स पर असर रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 57% रेस्टोरेंट्स ने अपने खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए हैं।छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक, सभी को बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल क्यों बढ़े? आम लोगों पर असर एक तरफ जहां रसोई गैस महंगी होने से घर का बजट बिगड़ रहा है, वहीं बाहर खाना भी महंगा हो गया है। ऐसे में आम आदमी को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Market जंग के असर से सोना गिरा, चांदी दो दिन में ₹16,000 सस्ती

मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी जंग का असर अब भारत के सर्राफा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों दोनों की नजर बाजार पर टिकी हुई है। सोना ₹2,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट ताजा जानकारी के मुताबिक, सोने (Gold) की कीमत करीब ₹2,000 गिरकर लगभग ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है। वहीं चांदी (Silver) में और बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹16,000 सस्ती होकर लगभग ₹2.53 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव का असर बाजार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की खबरों ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। जब भी ऐसी स्थिति बनती है, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग विकल्प तलाशने लगते हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। प्रॉफिट बुकिंग से बढ़ी बिकवाली एक और बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। ऐसे में कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट आ गई। डॉलर मजबूत होने से भी दबाव डॉलर की मजबूती भी बाजार को प्रभावित कर रही है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Gold की मांग कुछ कम हो जाती है। यही वजह है कि हाल के दिनों में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। आगे क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक तनाव इसी तरह बना रहा, तो सोना करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.50 लाख प्रति किलो तक भी आ सकती है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत हालांकि लंबे समय के निवेश के नजरिए से देखा जाए तो Gold और Silver आज भी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। यही वजह है कि कीमतों में गिरावट के बावजूद कई खरीदार इसे खरीदारी के मौके के रूप में भी देख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Market Sensex 1500 Points Down, Nifty में बड़ी गिरावट

Stock Market Crash Today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1500 अंक गिरकर 74,500 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 में लगभग 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,200 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया और बाजार में कई सेक्टरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। Metal और Banking Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव आज के कारोबार में Metal और Banking सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कई बड़े मेटल स्टॉक्स और पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का माहौल नकारात्मक हो गया। इसके अलावा Realty, Auto और Consumer Durables सेक्टर भी दबाव में रहे। हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ निवेशकों ने अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले FMCG सेक्टर में खरीदारी की, जिससे इस सेक्टर के कुछ शेयरों में स्थिरता देखने को मिली। Global Tension का बाजार पर असर विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में बड़े निवेशक जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। Crude Oil की बढ़ती कीमतों से चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं, वहां इसका प्रभाव बाजार की धारणा पर जल्दी दिखाई देता है। Foreign Investors की बिकवाली शेयर बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह Foreign Institutional Investors (FII) की लगातार बिकवाली है। पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है। जब बड़े निवेशक बिकवाली करते हैं तो उसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है। Rupee Weak और Global Market का असर डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का भी भारतीय बाजार पर असर पड़ा है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिससे घरेलू निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक प्रभावित हुआ। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट पैदा की। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Fall सेंसेक्स 77,250 पर आया, Nifty भी टूटा; Banking-Auto सेक्टर में बिकवाली

Stock Market में आज क्यों आई गिरावट? बुधवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक गिरकर लगभग 77,250 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 करीब 250 अंक टूटकर 24,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट का दबाव मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली के कारण रहा। कमजोर शुरुआत से ही दबाव में रहा बाजार सुबह Stock Market की शुरुआत कमजोर रही और दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। बड़े बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय तनाव का बाजार पर असर गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण दुनिया भर के बाजारों में दबाव देखा जा रहा है और निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों का भी पड़ा असर इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की कमजोरी का एक अहम कारण माना जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई और व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा है। हाल के सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है, जिससे बाजार में गिरावट का दबाव और बढ़ गया। कुछ सेक्टर में हल्की खरीदारी हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर जैसे फार्मा, मेटल और मीडिया में हल्की खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त बाजार की कुल कमजोरी को संतुलित करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। निवेशकों के लिए क्या है संकेत Stock Market विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम नहीं होती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं है, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सरल शब्दों में, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo के CEO Pieter Elbers ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कंपनी की कमान अब Rahul Bhatia को सौंपी गई है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि यह फैसला प्रबंधन स्तर पर बदलाव के तहत लिया गया है। पीटर एलबर्स के कार्यकाल में IndiGo ने कई नए अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए और अपने नेटवर्क का विस्तार किया। अब राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी से उम्मीद की जा रही है कि वह भारतीय एविएशन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति को और आगे बढ़ाएगी। ईरान की 7 महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण दूसरी बड़ी खबर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से आई है। Iran की 7 महिला खिलाड़ियों को Australia ने शरण दे दी है। बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने अपने देश में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा की चिंता जताई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मानवीय आधार पर उन्हें शरण देने का फैसला लिया। इस कदम को महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में भी इस फैसले की चर्चा हो रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

देश के कई राज्यों में इन दिनों Commercial LPG Cylinder की सप्लाई अचानक रुक गई है। इससे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलाने वालों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई जगहों पर कारोबारियों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने Essential Commodity Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लागू कर दिया है। इसका मकसद गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक गैस सिलेंडर की सप्लाई सही तरीके से पहुंच सके। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ी चिंता गैस की कमी से सबसे ज्यादा परेशानी होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट चला रहे लोगों को हो रही है। कई कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उन्हें अपना कारोबार कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है। एक रेस्टोरेंट संचालक ने कहा,“हमारा पूरा काम गैस पर ही चलता है। अगर सिलेंडर नहीं मिलेगा तो खाना कैसे बनेगा? ऐसे में दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है।” सरकार की सख्ती सरकार का कहना है कि गैस की कमी को लेकर शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। Essential Commodity Act लागू होने के बाद अब प्रशासन जमाखोरी करने वालों और ज्यादा कीमत पर गैस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकेगा। आम लोगों पर भी पड़ सकता है असर अगर कॉमर्शियल गैस की समस्या जल्दी हल नहीं हुई तो इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। होटल-रेस्टोरेंट बंद होने से लोगों को बाहर खाने-पीने की सुविधा कम हो सकती है और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Today Gold Price सोने के दाम में गिरावट, चांदी भी सस्ती

Gold और Silver खरीदने वालों के लिए आज राहत की खबर है। सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आज बाजार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ा है। यही वजह है कि आज कई बड़े शहरों में सोना थोड़ा सस्ता हुआ है और चांदी के दाम में भी कमी आई है। आज का Gold Price (सोने का ताजा भाव) आज भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,61,000 से ₹1,63,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,48,000 से ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। बताया जा रहा है कि आज सोने की कीमत में करीब ₹1,900 से ₹2,000 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने का सोच रहे लोगों के लिए यह समय कुछ हद तक बेहतर माना जा रहा है। महानगरों में आज का Gold Rate देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम लगभग इस तरह हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। आज बाजार में चांदी करीब ₹3,000 से ₹3,600 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। फिलहाल देश के कई बाजारों में चांदी का भाव लगभग ₹2.60 लाख से ₹2.85 लाख प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। क्यों बदल रहे हैं Gold Silver Price? विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं: इन सभी कारकों का असर सीधे सर्राफा बाजार पर पड़ता है। खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Middle East Crisis Iran तनाव से Stock Market Down, Sensex गिरा और Oil Prices चढ़े

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने सोमवार को दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को हिला दिया। Iran से जुड़े युद्ध के खतरे और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में घबराहट का माहौल देखने को मिला। इसका सीधा असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां Sensex करीब 2,100 अंक गिरकर लगभग 76,800 के स्तर पर आ गया। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex 2,000 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई। कुछ ही घंटों में भारतीय बाजार से लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू कम हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। Oil Prices में तेजी से बढ़ी चिंता मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का उच्च स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। यही कारण है कि ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ गई है। भारत पर क्यों ज्यादा असर पड़ता है? भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल की कीमतें बढ़ने से: इसी वजह से तेल में तेजी आने पर अक्सर शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिलता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक मध्य-पूर्व के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं और बाजार में हल्की-फुल्की घबराहट भी दिखाई दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

Gas Price ईरान तनाव का असर, घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा

भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि कर दी है। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये का इजाफा किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है। Middle East tension का असर भारत तक मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़े संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल और गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी तरह का संकट सीधे भारत के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है। इसी कारण LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। सरकार ने LPG production बढ़ाने के दिए निर्देश संभावित गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को LPG का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैसों को पेट्रोकेमिकल उद्योग की बजाय घरेलू LPG उत्पादन में इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। आम परिवारों के बजट पर असर LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ना तय है। कई घरों में पहले से ही महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है, ऐसे में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि भविष्य में गैस की उपलब्धता बनी रहे। आगे क्या हो सकता है ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो LPG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए आने वाले महीनों में ऊर्जा बाजार पर सभी की नजर बनी रहेगी। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट के हालात ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वैश्विक घटनाओं का असर सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच सकता है। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियां सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नवंबर राशिफल 2026, करियर राशिफल, नौकरी प्रमोशन, राशि भविष्यफल, ज्योतिष समाचार

नवंबर 2026 में इन 5 राशियों के करियर में आ सकते हैं नए मौके, नौकरी बदलने से प्रमोशन तक बन सकती है बात

नवंबर का महीना कुछ राशि वालों के लिए नौकरी, कारोबार और पेशेवर तरक्की के लिहाज से नई संभावनाओं का संकेत दे सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों को अपने काम में आगे बढ़ने, नई जिम्मेदारियां संभालने या बेहतर अवसर तलाशने की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक सफलता व्यक्ति की योग्यता, तैयारी और परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है। किन राशियों के लिए महत्वपूर्ण रह सकता है नवंबर? नौकरी में लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हों या बेहतर अवसर की तलाश में हों, नवंबर का महीना कुछ लोगों के लिए अपनी पेशेवर योजनाओं की समीक्षा करने का अच्छा समय हो सकता है। ज्योतिषीय आकलन में पांच राशियों के लिए करियर से जुड़े कुछ खास संकेत बताए गए हैं। 1. मेष राशि: काम में नई जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद मेष राशि के जातकों के लिए नवंबर में अपनी क्षमता साबित करने के अवसर बन सकते हैं। ऑफिस में किसी नए काम या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोग भी अपनी योग्यता के अनुरूप विकल्प तलाश सकते हैं। कारोबारियों के लिए नई योजनाओं पर काम करने और पहले से चल रहे काम को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने का समय हो सकता है। जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अवसरों का सही आकलन करना जरूरी रहेगा। 2. सिंह राशि: प्रतिभा दिखाने का मिल सकता है मौका सिंह राशि वालों के लिए कार्यस्थल पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर बन सकता है। जिन लोगों को प्रमोशन की उम्मीद है, उन्हें अपने काम की गुणवत्ता, समय पर जिम्मेदारियां पूरी करने और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल पर ध्यान देना चाहिए। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भूमिका मिलने से आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, केवल उम्मीद के भरोसे रहने के बजाय अपने प्रदर्शन को मजबूत बनाना ज्यादा जरूरी होगा। 3. वृश्चिक राशि: नौकरी बदलने वालों की बढ़ सकती है उम्मीद वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नवंबर करियर में बदलाव की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई नौकरी खोज रहे लोगों को इंटरव्यू, आवेदन या नए पेशेवर संपर्कों के जरिए अवसर मिलने की उम्मीद हो सकती है। जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए भी अपनी कार्यक्षमता और अनुभव को सामने रखने का समय हो सकता है। नौकरी बदलने से पहले वेतन, काम की जिम्मेदारियों और भविष्य की संभावनाओं की तुलना करना समझदारी होगी। 4. मकर राशि: मेहनत और अनुशासन से बन सकती है बात मकर राशि वालों के लिए लगातार मेहनत और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से निभाना अहम रह सकता है। ऑफिस में उनके काम की सराहना होने की संभावना जताई गई है। जो लोग लंबे समय से तरक्की की तैयारी कर रहे हैं, वे अपने लक्ष्य और आगे की रणनीति पर दोबारा विचार कर सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी योजनाओं को बेहतर बनाने और कामकाज की कमियों को दूर करने पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। 5. कुंभ राशि: करियर में नए रास्ते तलाशने का समय कुंभ राशि के जातकों के लिए नवंबर में नए पेशेवर विकल्पों पर विचार करने की संभावना बताई गई है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोग अपनी स्किल, अनुभव और मौजूदा बाजार की मांग के अनुसार अवसर तलाश सकते हैं। नई भूमिका या काम के अलग क्षेत्र में जाने की इच्छा रखने वालों को अपनी तैयारी मजबूत करनी चाहिए। सही जानकारी जुटाकर और विकल्पों की तुलना करके लिया गया फैसला भविष्य के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है। ग्रहों की चाल को क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण? ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को संवाद, बुद्धिमत्ता और व्यापार से, शुक्र को सुख-सुविधाओं और आर्थिक मामलों से तथा सूर्य को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जाता है। मंगल और गुरु की स्थिति को भी ऊर्जा, निर्णय लेने की क्षमता और विकास की संभावनाओं के संदर्भ में देखा जाता है। इन्हीं ग्रहों की चाल के आधार पर नवंबर के लिए करियर संबंधी अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यवाणियां वैज्ञानिक रूप से सुनिश्चित परिणाम नहीं हैं। किसी व्यक्ति को नौकरी मिलेगी, प्रमोशन होगा या आय बढ़ेगी, इसकी गारंटी राशि के आधार पर नहीं दी जा सकती। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के लिए क्या करें? नवंबर में करियर को लेकर सक्रिय रहने वाले लोगों के लिए कुछ व्यावहारिक कदम उपयोगी हो सकते हैं:

X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।

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