आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

दलीप ट्रॉफी 2026-27: करीब एक साल बाद रेड बॉल क्रिकेट में लौटे अर्शदीप सिंह, नॉर्थ जोन टीम में मिली जगह

नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की करीब एक साल बाद रेड बॉल क्रिकेट में वापसी हो गई है। उन्हें दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए नॉर्थ जोन की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। अर्शदीप ने अपना पिछला रेड बॉल मुकाबला पिछले साल दलीप ट्रॉफी में खेला था। नॉर्थ जोन की कप्तानी जम्मू-कश्मीर के विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वधावन को सौंपी गई है, जबकि दिल्ली के ऑलराउंडर आयुष बडोनी को उपकप्तान बनाया गया है। नॉर्थ जोन की टीम अपना पहला मुकाबला 23 अगस्त को बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में वेस्ट जोन के खिलाफ खेलेगी। जम्मू-कश्मीर के 6 खिलाड़ियों को मिला मौका नॉर्थ जोन की टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें कप्तान कन्हैया वधावन के अलावा ओपनर कामरान इकबाल, बल्लेबाज अब्दुल समद, स्पिन ऑलराउंडर आबिद मुश्ताक और तेज गेंदबाज सुनील कुमार व युद्धवीर सिंह शामिल हैं। पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में अब्दुल समद ने 15 पारियों में 57.53 की औसत से 748 रन बनाकर टीम के सबसे सफल बल्लेबाज का दर्जा हासिल किया था। वहीं, कप्तान वधावन ने 13 पारियों में 474 रन बनाए थे। कामरान इकबाल को पहली बार दलीप ट्रॉफी में मौका मिला है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ नाबाद 160 रन की शानदार पारी खेली थी। आबिद मुश्ताक ने पिछले सीजन में 445 रन बनाने के साथ 20 विकेट भी अपने नाम किए थे। दिल्ली के चार खिलाड़ियों का चयन नॉर्थ जोन की टीम में दिल्ली के चार खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनमें आयुष दोसेजा, सनत सांगवान, यश धुल और आयुष बडोनी शामिल हैं। आयुष दोसेजा ने पिछले रणजी सीजन में 7 मैचों की 12 पारियों में 105.44 की औसत से 949 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 5 अर्धशतक निकले। वहीं सनत सांगवान ने 7 मैचों में 69.00 की औसत से 828 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे। यश धुल और आयुष बडोनी को लगातार दूसरी बार दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन टीम में चुना गया है। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी अर्शदीप पर नॉर्थ जोन के तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान अर्शदीप सिंह, अंशुल कंबोज, युद्धवीर सिंह और सुनील कुमार संभालेंगे। हालांकि, पिछले रणजी सीजन के सबसे सफल गेंदबाज आकिब नबी का चयन इस बार नहीं किया गया है, क्योंकि वह भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर व्यस्त हैं। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
Commonwealth

Commonwealth Games: Boxing बना भारत की ताकत, Athletics में नहीं आया Gold

Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। भारत ने अब तक कुल 39 Medals अपने नाम किए हैं और Medal Table में चौथे स्थान पर बना हुआ है। खास बात यह है कि भारतीय दल के 123 खिलाड़ियों में से 38 खिलाड़ी पदक जीतने में कामयाब रहे हैं। यानी करीब 31 प्रतिशत खिलाड़ियों ने देश के लिए Medal जीता। भारत के प्रदर्शन की सबसे बड़ी तस्वीर Boxing से सामने आई है। रिंग में उतरे भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार मुकाबले करते हुए देश की Medal उम्मीदों को मजबूत किया। दूसरी ओर Athletics में खिलाड़ियों ने मेहनत जरूर की, लेकिन Gold Medal हासिल नहीं कर सके। यही वजह है कि भारतीय अभियान में Boxing की चमक सबसे ज्यादा नजर आ रही है। Boxing ने बढ़ाया भारत का भरोसा Commonwealth Games में Boxing हमेशा से भारत का मजबूत पक्ष रहा है और इस बार भी भारतीय मुक्केबाजों ने निराश नहीं किया। अलग-अलग Weight Categories में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। रिंग में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास साफ नजर आया। कई मुकाबलों में उन्होंने दबाव के बावजूद वापसी की और अपने अनुभव का फायदा उठाया। यही प्रदर्शन भारत को Medal Table में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर रहा है। Athletics में पदक आए, लेकिन Gold नहीं Track and Field Events में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना पूरा जोर लगाया। कुछ स्पर्धाओं में भारत के खाते में पदक भी आए, लेकिन Gold Medal हाथ नहीं लगा। Athletics में Gold की कमी भारतीय अभियान का एक ऐसा पहलू है, जिस पर आगे जरूर नजर रहेगी। भारत के पास इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन Commonwealth Games जैसे बड़े मंच पर शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए प्रदर्शन को एक कदम और आगे ले जाने की जरूरत दिखाई देती है। 123 में से 38 खिलाड़ी बने Medalist भारत ने इस Commonwealth Games में 123 खिलाड़ियों का दल उतारा। इनमें से 38 खिलाड़ी पदक जीतने में सफल रहे। यह आंकड़ा भारतीय दल की गहराई को दिखाता है। अगर इसे प्रतिशत में देखें तो करीब 31% भारतीय खिलाड़ियों ने Medal जीता। यानी लगभग हर तीन में से एक खिलाड़ी पोडियम तक पहुंचा। यह किसी भी बड़े Multi-Sport Event में भारतीय दल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला आंकड़ा है। 39 Medals के साथ चौथे स्थान पर Team India भारत के खाते में फिलहाल 39 Medals हैं और टीम चौथे स्थान पर है। अलग-अलग खेलों में आए पदकों ने भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। हालांकि Medal Table में ऊपर पहुंचने के लिए अब बाकी मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण होंगे। भारतीय खिलाड़ियों के पास अभी और पदक जीतने के मौके हैं और टीम की नजर इस संख्या को बढ़ाने पर होगी। Boxing की सफलता, Athletics की चुनौती भारत के Commonwealth Games अभियान को अगर दो हिस्सों में देखें तो Boxing ने उम्मीदें बढ़ाई हैं, जबकि Athletics ने एक सवाल भी छोड़ा है। Boxing में लगातार मजबूत प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं Athletics में Gold Medal नहीं मिलना बताता है कि इस क्षेत्र में अभी और मेहनत की जरूरत है। फिलहाल 39 Medals के साथ चौथे स्थान पर मौजूद Team India के लिए तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं, बल्कि काफी उम्मीद भरी है। आने वाले मुकाबलों में एक-दो बड़े Gold Medal भारत को Medal Table में और ऊपर पहुंचा सकते हैं। अब नजर बाकी मुकाबलों पर Commonwealth Games अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का मौका है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Team India अपने मौजूदा प्रदर्शन को और आगे ले जाकर Top-3 में जगह बना पाएगी? Boxing ने भारत को मजबूत आधार दिया है और अब बाकी खेलों से भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। 39 Medals के बाद भारतीय फैंस की नजरें अब उन मुकाबलों पर हैं, जहां एक जीत पूरे Medal Table का समीकरण बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स: आज भारत के लिए मेडलों की बारिश का मौका, बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मुकाबले; लवलीना समेत कई स्टार्स एक्शन में

कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की झड़ी लग सकती है। शनिवार को भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में 44 गोल्ड मेडल मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बॉक्सिंग से है। भारतीय मुक्केबाज 10 गोल्ड मेडल फाइनल खेलेंगे। इनमें ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन भी शामिल हैं। बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनल मुकाबले भारत की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे प्रीति पवार (54 किग्रा) के फाइनल से होगी। बॉक्सिंग फाइनल का शेड्यूल: एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद भारतीय एथलीट भी कई फाइनल मुकाबलों में उतरेंगे। प्रमुख मुकाबले: जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भी चुनौती जूडो में उन्नति शर्मा, करणजीत सिंह मान, हर्ष तोकस और इनुंगानबी ताखेल्लामबम अपने शुरुआती मुकाबले खेलेंगे। ट्रैक साइक्लिंग में: लॉन बॉल्स में इंग्लैंड से मुकाबला महिला सिंगल्स में: भारत को शनिवार को बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में कई स्वर्ण पदकों की उम्मीद है। सभी की नजरें खासतौर पर ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और अन्य भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर रहेंगी। अधिक खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

भारत-बांग्लादेश क्रिकेट सीरीज पर सस्पेंस बरकरार, BCB ने सरकार से भारत को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील

भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में प्रस्तावित सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने अपनी सरकार से भारत के साथ बातचीत कर टीम इंडिया को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील की है। भारत को बांग्लादेश दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हालांकि, इस सीरीज को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी तक आधिकारिक मंजूरी या कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। 3 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला 1. पहले 2024 में होना था दौरा यह सीरीज मूल रूप से वर्ष 2024 में आयोजित होनी थी। लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और सरकार विरोधी आंदोलन के बाद हालात बदल गए। इसके चलते दौरा स्थगित कर दिया गया। अब इसे सितंबर 2026 में कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन भारत की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। 2. सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा तमीम इकबाल ने बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबैद इस्लाम से मुलाकात कर आग्रह किया कि सरकार भारत के साथ बातचीत करे और टीम इंडिया की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे। 3. रिश्ते सुधरे तो सीरीज संभव हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद बढ़ा है। भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS सम्मेलन का निमंत्रण दिया गया है। साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच भी बातचीत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजनीतिक संबंध सामान्य होते हैं, तो सीरीज आयोजित होने की संभावना बढ़ जाएगी। तमीम इकबाल ने क्या कहा? तमीम इकबाल ने कहा कि, “हम इस सीरीज को लेकर काफी आशावान हैं, लेकिन कुछ फैसले हमारे हाथ में नहीं हैं। यह दोनों देशों की सरकारों के बीच का विषय है और वही अंतिम निर्णय लेंगी।” BCB भारत के जवाब का इंतजार कर रहा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड फिलहाल भारत सरकार और BCCI के फैसले का इंतजार कर रहा है। जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक ब्रॉडकास्ट अधिकार और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही मैचों का आधिकारिक शेड्यूल जारी किया जाएगा। अधिक खेल जगत की खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
Commonwealth Games

Commonwealth Games प्रीति पवार ने दिलाया Silver, आज भारत के लिए Gold जीतने का बड़ा मौका

Commonwealth Games 2026 का नौवां दिन भारत के लिए शानदार खबर लेकर आया। भारतीय महिला मुक्केबाज़ प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में दमदार जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर दिया है। अब पूरे देश की उम्मीदें उनके गोल्ड मेडल मुकाबले पर टिकी हैं। भारत का प्रदर्शन इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार बेहतर होता जा रहा है। हर दिन भारतीय खिलाड़ी नए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं और नौवें दिन भी कई खेलों में भारत के पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका है। प्रीति पवार ने दिखाया दम, फाइनल में बनाई जगह महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में प्रीति पवार ने जाम्बिया की मुक्केबाज़ कैथरीन म्वापे के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका फायदा उन्हें जीत के रूप में मिला। इस जीत के साथ प्रीति ने फाइनल का टिकट कटाया और भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया। अब फाइनल मुकाबले में उनकी नजर गोल्ड जीतकर इतिहास रचने पर होगी। अगर वह स्वर्ण पदक अपने नाम करती हैं तो यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक और बड़ी उपलब्धि होगी। Neeraj Chopra पर टिकी करोड़ों भारतीयों की नजर नौवें दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा का जेवलिन थ्रो फाइनल रहेगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद है। नीरज का अनुभव और मौजूदा फॉर्म भारत के लिए बड़ी ताकत मानी जा रही है। कई खेलों में मेडल की उम्मीद बॉक्सिंग के अलावा भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, जूडो, लॉन बॉल्स, ट्रैक साइक्लिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी चुनौती पेश कर रहे हैं। कई भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने इवेंट के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं, जिससे पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। भारतीय बॉक्सिंग दल इस बार विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन कर रहा है। कई मुक्केबाज़ पहले ही पदक पक्का कर चुके हैं, जबकि कुछ खिलाड़ी गोल्ड मेडल की दौड़ में बने हुए हैं। ऐसे में टीम इंडिया का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। भारत के लिए अहम साबित हो सकता है Day 9 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नीरज चोपड़ा सहित अन्य खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो भारत की पदक तालिका में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। प्रीति पवार का सिल्वर मेडल सुनिश्चित होना भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। अब हर किसी की निगाहें उनके फाइनल मुकाबले और उन भारतीय खिलाड़ियों पर हैं जो आज देश के लिए नए पदक जीतने मैदान में उतरेंगे। Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का जज्बा यह दिखा रहा है कि आने वाले दिनों में भी देश के खाते में कई और मेडल जुड़ सकते हैं। करोड़ों भारतीय प्रशंसक अपने खिलाड़ियों से एक और यादगार दिन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Read more

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के 12 मेजबान शहरों का किया ऐलान, 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा टूर्नामेंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। क्रिकेट का यह महाकुंभ 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 24 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी फिर से अफ्रीकी महाद्वीप को मिली है। दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले टूर्नामेंट के अधिकांश मैच दक्षिण अफ्रीका में खेले जाएंगे। यहां जोहानसबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, ग्केबेर्हा, कुगोम्पो सिटी, केपटाउन, पार्ल और ब्लोमफोंटेन को मेजबान शहर बनाया गया है। वहीं जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स, जबकि नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी कर चुका है। वहीं नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि इस वर्ष उसने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 मैचों में से 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में संभव 2027 वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच खेले जाएंगे। इनमें से कम से कम 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, 7 से 10 मैच जिम्बाब्वे और कम से कम तीन मैच नामीबिया में होने की संभावना है। इसके अलावा बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के लिए चुना गया है। यही शहर अगले वर्ष होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर की भी मेजबानी कर सकते हैं। विक्टोरिया फॉल्स पहली बार बनेगा वर्ल्ड कप वेन्यू इस बार 12 मेजबान शहरों में विक्टोरिया फॉल्स नया नाम है। यहां लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। 14 टीमों के साथ नए फॉर्मेट में खेला जाएगा वर्ल्ड कप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू किया है। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की संभावना नए फॉर्मेट के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मैच खेले जा सकते हैं। यदि दोनों टीमें एक ही ग्रुप में रहती हैं तो पहला मुकाबला ग्रुप स्टेज में होगा। दोनों के सुपर-7 में पहुंचने पर दूसरी भिड़ंत होगी और यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचते हैं तो तीसरी बार आमना-सामना संभव है। मेजबान देशों की क्वालिफिकेशन स्थिति ICC के फुल मेंबर होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं तीसरे मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। अधिक जानकारी और ताज़ा खेल खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
Indian Hockey Team

Indian Hockey Team Jersey Controversy: Orange Jersey पर मचा बवाल

भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) की नई Orange Jersey इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टीम के पारंपरिक Blue Color को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान रास्किन्हा ने जर्सी के रंग में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान रहा है और इससे खिलाड़ियों व फैंस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं, Hockey India ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि नई जर्सी का चुनाव खिलाड़ियों की पसंद और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। संस्था का कहना है कि रंग बदलने का मतलब भारतीय हॉकी की पुरानी पहचान को खत्म करना नहीं है। Blue Jersey से जुड़ी है भारतीय हॉकी की यादें भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी लंबे समय से देश की खेल पहचान का हिस्सा रही है। मैदान पर जब खिलाड़ी नीले रंग की जर्सी पहनकर उतरते हैं तो फैंस के बीच एक अलग ही जुड़ाव देखने को मिलता है। रास्किन्हा का कहना है कि जर्सी का रंग सिर्फ कपड़े का एक हिस्सा नहीं होता, बल्कि वह देश की भावनाओं और खेल की विरासत को भी दर्शाता है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है। Hockey India ने बताया बदलाव का कारण हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने Orange Jersey को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि खिलाड़ियों की राय को महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीम की सुविधा, आत्मविश्वास और खिलाड़ियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान सिर्फ जर्सी के रंग से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मेहनत और उपलब्धियों से बनती है। Social Media पर फैंस की अलग-अलग राय नई Orange Jersey को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस देखने को मिल रही है। कुछ फैंस ने इसे नया और आकर्षक बदलाव बताया, जबकि कई लोगों का मानना है कि भारतीय टीम की पारंपरिक Blue Jersey को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कई खेल प्रेमियों का कहना है कि टीम की जर्सी देश की भावनाओं से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे बदलावों को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। क्या Orange Jersey बनेगी नई पहचान? भारतीय खेल टीमों की जर्सी हमेशा से चर्चा में रही हैं। समय के साथ डिजाइन और रंगों में बदलाव होते रहे हैं, लेकिन पुरानी यादें और भावनाएं भी अपनी जगह बनाए रखती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि भारतीय हॉकी टीम नई Orange Jersey के साथ मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है। अगर टीम शानदार नतीजे हासिल करती है, तो यही रंग आने वाले समय में भारतीय हॉकी की नई पहचान भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Commonwealth Games

India Wins Third Gold: Commonwealth Games में गावित बने चैंपियन, बासिल और मुरली ने बढ़ाया देश का मान

Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। देश के लिए एक और गौरवपूर्ण पल तब आया, जब पैरा एथलेटिक्स की 100 मीटर दौड़ में भारत के गावित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। इसी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी बासिल ने भी बेहतरीन दौड़ लगाकर रजत पदक (Silver Medal) जीता। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए खुशी यहीं नहीं रुकी। पुरुषों की पैरा लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी मुरली ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा कर दिया। पैरा 100 मीटर में भारत का दबदबा पैरा 100 मीटर स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। गावित ने तेज रफ्तार और बेहतरीन तकनीक के दम पर सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए फिनिश लाइन सबसे पहले पार की। उनके पीछे भारत के ही बासिल दूसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन ने भारतीय दल को एक साथ गोल्ड और सिल्वर दिलाकर देशवासियों को जश्न मनाने का मौका दिया। लॉन्ग जंप में मुरली ने बढ़ाया भारत का गौरव पैरा लॉन्ग जंप स्पर्धा में मुरली ने लगातार बेहतर प्रयास किए और अंततः रजत पदक जीतने में सफल रहे। हालांकि वे स्वर्ण पदक से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। उनकी इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को और मजबूती मिली। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार अभियान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा एथलेटिक्स में मिली इन सफलताओं ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। गावित का स्वर्ण, बासिल और मुरली के रजत पदक भारतीय दल के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगे। देशभर में खुशी की लहर भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के बाद खेल प्रेमियों और खेल जगत से लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है। सोशल मीडिया पर भी गावित, बासिल और मुरली के प्रदर्शन की जमकर सराहना हो रही है। खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण ने एक बार फिर पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। भारत को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में भी खिलाड़ी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में और पदक जोड़ेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ajinkya Rahane

Ajinkya Rahane Retirement Melbourne Century से Gaba Victory तक, शानदार रहा रहाणे का क्रिकेट सफर

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अपने संयमित स्वभाव, शानदार तकनीक और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि अब उनके जीवन का नया सफर शुरू हो रहा है। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का भी समापन हो गया। रहाणे ने अपने करियर में कई अहम पारियां खेलीं, लेकिन साल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा उन्हें हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास में खास पहचान दिलाएगा। मुश्किल हालात में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। Australia Tour 2020-21 ने बनाया इतिहास ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था। इसके बाद नियमित कप्तान विराट कोहली निजी कारणों से स्वदेश लौट गए और टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में आ गई। कई दिग्गज खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और लगातार चोटों के बीच रहाणे ने न सिर्फ टीम का आत्मविश्वास बनाए रखा, बल्कि मेलबर्न टेस्ट में शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेलकर भारत को शानदार जीत दिलाई। इसके बाद युवा खिलाड़ियों के दम पर भारत ने सिडनी टेस्ट ड्रॉ किया और ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत को भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे विदेशी दौरों में गिना जाता है। विदेशी धरती पर हमेशा रहे भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का नाम उन भारतीय बल्लेबाजों में लिया जाता है जिन्होंने विदेशी परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज जैसी कठिन पिचों पर उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। टेस्ट क्रिकेट में उनका शांत रवैया और टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी। कई मौकों पर उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय पारी को संभालकर टीम को जीत की राह दिखाई। शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर रहाणे ने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,000 से ज्यादा रन बनाए और कई यादगार शतक जड़े। उन्होंने कई बार उपकप्तान और कप्तान के रूप में भी टीम की जिम्मेदारी निभाई और हर भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाया। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत, मेलबर्न की शतकीय पारी और विदेशी मैदानों पर लगातार शानदार प्रदर्शन शामिल हैं। सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोचों, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्यार और विश्वास ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब उसे नए सफर की शुरुआत करनी होती है और अब वह उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। IPL और घरेलू क्रिकेट में नजर आ सकते हैं रहाणे हालांकि अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन उन्होंने IPL या घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाने का कोई संकेत नहीं दिया है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि उनका अनुभव आने वाले समय में भी भारतीय क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित होगा। भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेगा रहाणे का योगदान अजिंक्य रहाणे उन चुनिंदा खिलाड़ियों में रहे जिन्होंने कभी शोर नहीं मचाया, बल्कि अपने बल्ले से जवाब दिया। जब भी टीम मुश्किल में फंसी, उन्होंने जिम्मेदारी उठाई और उदाहरण पेश किया। मेलबर्न की शतकीय पारी, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत और मैदान पर उनका शांत नेतृत्व हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा रहेगा। भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय सफर अब समाप्त हो गया हो, लेकिन उनकी उपलब्धियां और योगदान क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में लंबे समय तक जीवित रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, भारत के खाते में आया पांचवां मेडल

नई दिल्ली। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवां पदक जीत लिया है। भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया है। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने क्रमशः 103, 107 और 111 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाए। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया, हालांकि डिडीह के रिकॉर्ड प्रदर्शन के सामने उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेडल टैली में भारत आठवें स्थान पर ज्ञानेश्वरी के सिल्वर के बाद भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 17 स्वर्ण सहित 39 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। मीराबाई चानू ने दिलाया पहला गोल्ड इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल किया। संघर्ष से सफलता तक का सफर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में भी उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बॉक्सिंग में भारत की मजबूत शुरुआत भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। एथलेटिक्स और स्विमिंग में भी उम्मीदें कायम एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच गए, जबकि तेजस शिर्से ने 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में जगह बनाई। जिम्नास्टिक्स में पदक से चूकीं प्रतिष्ठा महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। वहीं भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। आज इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजर आज महिला 58 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल में बिंद्यारानी देवी और पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में वी. अजया बाबू भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे। वहीं हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम से भी देश को बड़ी उम्मीदें हैं। देश और दुनिया की ताजा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
1 … 8 9 10 11 12 … 49

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.