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CDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया Battlefield

Table of Content

युद्ध का मतलब अब सिर्फ सीमा पर आमने-सामने खड़ी सेनाएं और गोलाबारी नहीं रह गया है। समय के साथ Battlefield का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जमीन, समुद्र और आसमान के साथ अब Cyber, Space, Drones, Artificial Intelligence और Electronic Warfare भी किसी संघर्ष का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ‘सुरक्षा सभा आजतक’ में भविष्य के युद्ध और भारत के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए Multi-Domain Strategy की जरूरत पर जोर दिया।

एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ा जाएगा अगला युद्ध

CDS के मुताबिक आने वाले समय में किसी भी संघर्ष को केवल एक मोर्चे से समझना मुश्किल होगा। युद्ध के दौरान जमीन पर ऑपरेशन के साथ हवा, समुद्र, Space और Cyber Domain में भी गतिविधियां चल सकती हैं।

ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। यही Multi-Domain Operations की मूल सोच है।

सरल शब्दों में कहें तो भविष्य के युद्ध में जिस देश की सेनाएं और तकनीकी सिस्टम जितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़कर काम करेंगे, उसे उतना ही फायदा मिल सकता है।

Technology ने बदल दी Battlefield की तस्वीर

आज युद्धक्षेत्र में Drone, Satellite, Sensors और आधुनिक Communication Systems का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे सैनिकों और कमांडरों को बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में जानकारी मिलती है।

लेकिन चुनौती सिर्फ Information जुटाने की नहीं है। असली चुनौती यह है कि सही जानकारी को समय पर समझा जाए और उसके आधार पर तुरंत फैसला लिया जाए।

यही कारण है कि Artificial Intelligence और Data Analytics भविष्य की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Drone और Precision Weapons ने बढ़ाई चुनौती

हाल के वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों ने यह दिखाया है कि छोटे और अपेक्षाकृत कम लागत वाले Drones भी युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा Precision Weapons और लंबी दूरी की मारक क्षमता ने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

अब सुरक्षा की तैयारी केवल सीमा पर तैनात जवानों तक सीमित नहीं रह सकती। देश के महत्वपूर्ण Infrastructure, Communication Networks और Logistics व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है।

Cyber और Space भी बन चुके हैं War Domain

आधुनिक युद्ध में Cyber और Space की भूमिका तेजी से बढ़ी है। Communication, Navigation और Surveillance जैसी कई व्यवस्थाएं Space-based Systems पर निर्भर हैं।

वहीं Cyber Domain में किसी महत्वपूर्ण Digital System को प्रभावित करने की कोशिश भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।

इसलिए भविष्य की Defence Planning में इन क्षेत्रों को पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी है।

आत्मनिर्भर Defence Industry पर जोर

किसी भी बड़े संकट के दौरान हथियारों और जरूरी सैन्य उपकरणों की लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मजबूत Domestic Defence Industry और Supply Chain की जरूरत है।

भारत के लिए Aatmanirbhar Defence इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से जरूरत के समय बाहरी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

युद्ध में Logistics भी तय करता है नतीजा

किसी ऑपरेशन की सफलता सिर्फ आधुनिक हथियारों से तय नहीं होती। सैनिकों तक समय पर जरूरी सामान पहुंचाना, उपकरणों की Maintenance और लगातार Supply बनाए रखना भी उतना ही अहम है।

यानी किसी भी लंबे संघर्ष में Logistics, Technology और Manpower तीनों का मजबूत होना जरूरी है।

Human और Machine साथ मिलकर बनाएंगे बढ़त

AI और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद इंसान की भूमिका खत्म नहीं होने वाली। जरूरत ऐसे प्रशिक्षित लोगों की होगी जो आधुनिक Technology को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें।

भविष्य की सैन्य क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंसान और Machine मिलकर कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं।

बदलते युद्ध के लिए बदलनी होगी तैयारी

CDS के संदेश का सार यही है कि भविष्य का युद्ध पहले की तरह सीधा और सीमित नहीं हो सकता। एक साथ कई Domains में चुनौती सामने आ सकती है।

इसलिए भारत को अपनी Defence Preparedness में Army, Navy और Air Force के Joint Operations के साथ Cyber, Space, AI, Drones, Electronic Warfare और मजबूत Defence Industry पर भी ध्यान देना होगा।

आज की बदलती दुनिया में मजबूत सेना जरूरी है, लेकिन उसके साथ मजबूत Technology, तेज Decision Making और आत्मनिर्भर व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही Multi-Domain Warfare के दौर में भारत की बड़ी जरूरत बनकर सामने आ रही है।

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Yukta

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TMC

TMC MP Nadimul Haque पर ED Action, कोलकाता से दिल्ली तक 7 ठिकानों पर Raid

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत एजेंसी की टीमों ने कोलकाता, दिल्ली और रांची में 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। ED की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। तलाशी के दायरे में नदीमुल हक से जुड़े परिसरों के अलावा उर्दू अखबार ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े ठिकाने भी बताए जा रहे हैं। ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े मामले में जांच मोहम्मद नदीमुल हक ‘अखबार-ए-मशरिक’ का संचालन करने वाली कंपनी से जुड़े बताए जाते हैं। ED की जांच में कथित तौर पर कंपनी के वित्तीय लेन-देन और फंडिंग से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज FIR से हुई थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। तीन राज्यों में ED की छापेमारी ED की टीमों ने कोलकाता के साथ-साथ दिल्ली और रांची में भी संबंधित परिसरों की तलाशी ली। कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार के कार्यालय में भी एजेंसी के अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, ED को कार्रवाई में क्या मिला, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। फंडिंग और वित्तीय लेन-देन पर नजर जांच एजेंसी कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि संबंधित पैसों का स्रोत क्या था और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया। मामले में अखबार से जुड़े कुछ अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को अभी जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए। किसी भी आरोप के आधार पर संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। नदीमुल हक के लिए बढ़ सकती है मुश्किल ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तलाशी के बाद ED आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आरोपों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Nepal Flood : 11वें दिन मलबे और सुरंग से मिली जिंदगी, 2 लोग जिंदा रेस्क्यू

Nepal में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के 11वें दिन उस वक्त लोगों की उम्मीद फिर जगी, जब बचाव दल ने दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया। इनमें एक 64 साल की महिला भी शामिल है, जो अपने घर के मलबे के नीचे फंसी हुई थी। बचाव दल ने एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकाला। वह करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा हुआ था। कई दिनों तक सुरंग के अंदर जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। मलबे में दबी थी 64 साल की महिला बचाव अभियान के दौरान टीम को एक घर के मलबे में महिला के जिंदा होने का पता चला। करीब 64 साल की महिला को काफी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। इतने दिनों तक मलबे के बीच जिंदा रहने की खबर ने बचावकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। महिला को बाहर निकालने के बाद तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा था चीनी नागरिक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में रास्ते और सुरंगें बंद हो गई थीं। इसी दौरान एक चीनी नागरिक करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंस गया था। बचाव दल ने लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद उसे सुरंग से बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान टीम को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार प्रयास जारी रहे। आखिरकार बचाव अभियान सफल हुआ और उसकी जान बचाई जा सकी। 11 दिन बाद भी जारी है जिंदगी की तलाश नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई परिवार अपनों की तलाश में हैं। ऐसे में 11वें दिन दो लोगों का जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर है। बचाव दल अब भी मलबे और प्रभावित इलाकों में संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीदें कमजोर जरूर पड़ती हैं, लेकिन इन दो लोगों का जिंदा बचना यह बताता है कि मुश्किल हालात में भी जिंदगी हार नहीं मानती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Cargo Plane Crash

Amazon Cargo Plane Crash: Landing के दौरान रनवे से फिसला विमान, 5 की गई जान

अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को हुए एक दर्दनाक Cargo Plane Crash ने हर किसी को झकझोर दिया। Amazon Prime Air का Boeing 767-300 विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया और एयरपोर्ट के आसपास मौजूद कई वाहनों से जा टकराया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और मौके पर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। Landing के दौरान बिगड़ा विमान का संतुलन यह हादसा रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। Prime Air Flight 7598 सैन जुआन, प्यूर्टो रिको से मियामी पहुंची थी। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के निर्धारित हिस्से से आगे निकल गया। इसके बाद उसने एयरपोर्ट के पास की सड़क पार की और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद विमान में आग भड़क उठी। हादसे की तस्वीरों और वीडियो में विमान का अगला हिस्सा जमीन की ओर झुका हुआ और उसके आसपास धुआं उठता नजर आया। राहत दलों के पहुंचने तक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो चुकी थी। विमान में फंसे थे Pilot और Co-Pilot हादसे के बाद Rescue Teams ने तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों के अनुसार विमान के Pilot और Co-Pilot कॉकपिट में फंस गए थे। जिन वाहनों से विमान टकराया, उनमें भी कुछ लोग फंसे हुए थे। राहतकर्मियों ने लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। Miami-Dade Fire Rescue की 60 से ज्यादा यूनिट्स और करीब 200 कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विमान से Fuel Leak की स्थिति भी सामने आई, जिससे Rescue Operation को और सावधानी से चलाना पड़ा। 5 की मौत, 3 की हालत Critical स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हादसे में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य घायल हुए। घायलों में 3 की हालत गंभीर है और उन्हें Critical Care की जरूरत बताई गई है। दो अन्य घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी जांच का विषय है कि मृतकों में विमान पर सवार लोग शामिल थे या जमीन पर मौजूद लोग। 32 साल पुराना था Boeing 767 हादसे में शामिल विमान Boeing 767-300 Freighter था। रिपोर्टों के अनुसार यह करीब 32 साल पुराना विमान था, जिसे पहले Passenger Aircraft के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था और बाद में Cargo विमान में बदला गया। विमान का संचालन North Carolina की कंपनी 21 Air कर रही थी और यह Amazon के लिए उड़ान भर रहा था। विमान सैन जुआन से मियामी आया था। Airport Operations पर पड़ा बड़ा असर हादसे के तुरंत बाद Miami International Airport पर सभी रनवे और Taxiways को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इससे बड़ी संख्या में उड़ानों पर असर पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों Flights में Delay और Cancellation की स्थिति बनी। बाद में एयरपोर्ट के कुछ रनवे दोबारा खोल दिए गए और Operations धीरे-धीरे बहाल होने लगे। आखिर क्यों हुआ हादसा? Investigation शुरू फिलहाल हादसे की असली वजह साफ नहीं हुई है। अमेरिका की Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि विमान रनवे से क्यों आगे निकल गया और Landing के दौरान किन परिस्थितियों में उसका नियंत्रण प्रभावित हुआ। मौसम, विमान की स्थिति और Landing से जुड़ी परिस्थितियों समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। Amazon ने हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि कंपनी स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद Miami Cargo Plane Crash की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CDS

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Weather

Weather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्न

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक साथ अलग-अलग तस्वीरें दिखानी शुरू कर दी हैं। कहीं पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है तो कहीं नदियों का बढ़ता पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बीच बर्फबारी हुई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में हालात ऐसे बने कि पानी फायर स्टेशन परिसर तक पहुंच गया। Bihar Flood: 12 जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इन 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। घरों से लेकर सड़क और खेत तक पानी पहुंचने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंगा ने बढ़ाई पटना की चिंता पटना में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावों और राहत टीमों की मदद ली जा रही है। NDRF और SDRF की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। Uttarakhand Snowfall: बारिश के बीच पहाड़ों पर बर्फ बिहार में जहां बाढ़ लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। बारिश के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में Snowfall देखने को मिली। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में सड़क यातायात और यात्रा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। Bareilly Weather: Fire Station में घुसा बारिश का पानी उत्तर प्रदेश के बरेली में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने की खबर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Fire Station परिसर तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी बारिश के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ Snowfall, दूसरी तरफ Flood देश के अलग-अलग हिस्सों का मौसम इस समय बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी जहां सर्द मौसम की दस्तक का अहसास करा रही है, वहीं बिहार में उफनती नदियां हजारों परिवारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित रखने की है। फिलहाल Bihar Flood, Uttarakhand Snowfall और UP Rain से जुड़े हालात पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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