आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलCDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया BattlefieldBREAKINGदेश-हरपलWeather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्नBREAKINGदेश-हरपलDelhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौतBREAKINGप्रदेशMP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासाBREAKINGप्रदेशSuryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजाराBREAKINGप्रदेशSikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असरBREAKINGप्रदेशUS-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंजBREAKINGप्रदेशDelhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदरBREAKINGदेश-हरपलCDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया BattlefieldBREAKINGदेश-हरपलWeather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्नBREAKINGदेश-हरपलDelhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौतBREAKINGप्रदेशMP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासाBREAKINGप्रदेशSuryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजाराBREAKINGप्रदेशSikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असरBREAKINGप्रदेशUS-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंजBREAKINGप्रदेशDelhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदर
Banner

Delhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौत

Table of Content

दक्षिण Delhi के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जबकि अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक Search Operation चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने Sniffer Dogs और Search Cameras की मदद से मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच की।

अचानक भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना बेहद अचानक हुई। कुछ ही पलों में पांच मंजिला Building मलबे में बदल गई। हादसे की तस्वीरें और CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की। इसके बाद मशीनों और आधुनिक Rescue Equipment की मदद से बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया।

Basement में चल रहा था काम, उठे कई सवाल

प्रारंभिक जांच में इमारत के Basement में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले बेसमेंट में काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण के दौरान भवन के किसी महत्वपूर्ण हिस्से या Pillar से छेड़छाड़ हुई थी।

इमारत की उम्र और उसकी Structural Safety को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने से पहले हादसे की अंतिम वजह बताना जल्दबाजी होगी।

Rescue Teams ने ऐसे शुरू की मलबे में तलाश

हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना थी। भारी ढांचे के कारण राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाते रहे।

Rescue Dogs और Search Cameras के जरिए उन जगहों की तलाश की गई, जहां किसी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना थी। बचावकर्मियों ने मलबे को धीरे-धीरे हटाया, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर मौजूद हो तो उसे नुकसान न पहुंचे।

इस दौरान आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया और लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया।

Building Owner के खिलाफ FIR

हादसे के बाद पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इमारत में चल रहा निर्माण कार्य नियमों के अनुसार था या नहीं और हादसे से पहले भवन की सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं।

जांच में Building Plan, निर्माण कार्य और इमारत की Structural Condition से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है।

आसपास की Buildings की भी जांच

सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए हैं। अधिकारियों की नजर खास तौर पर पुरानी और कमजोर इमारतों पर है।

इस हादसे ने दिल्ली में पुराने मकानों को PG और Hostel में बदलकर इस्तेमाल करने तथा उनमें होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान Rescue Operation पूरा करने और हादसे की सही वजह पता लगाने पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांच मंजिला इमारत आखिर किन परिस्थितियों में गिरी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

CDS

CDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया Battlefield

युद्ध का मतलब अब सिर्फ सीमा पर आमने-सामने खड़ी सेनाएं और गोलाबारी नहीं रह गया है। समय के साथ Battlefield का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जमीन, समुद्र और आसमान के साथ अब Cyber, Space, Drones, Artificial Intelligence और Electronic Warfare भी किसी संघर्ष का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ‘सुरक्षा सभा आजतक’ में भविष्य के युद्ध और भारत के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए Multi-Domain Strategy की जरूरत पर जोर दिया। एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ा जाएगा अगला युद्ध CDS के मुताबिक आने वाले समय में किसी भी संघर्ष को केवल एक मोर्चे से समझना मुश्किल होगा। युद्ध के दौरान जमीन पर ऑपरेशन के साथ हवा, समुद्र, Space और Cyber Domain में भी गतिविधियां चल सकती हैं। ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। यही Multi-Domain Operations की मूल सोच है। सरल शब्दों में कहें तो भविष्य के युद्ध में जिस देश की सेनाएं और तकनीकी सिस्टम जितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़कर काम करेंगे, उसे उतना ही फायदा मिल सकता है। Technology ने बदल दी Battlefield की तस्वीर आज युद्धक्षेत्र में Drone, Satellite, Sensors और आधुनिक Communication Systems का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे सैनिकों और कमांडरों को बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में जानकारी मिलती है। लेकिन चुनौती सिर्फ Information जुटाने की नहीं है। असली चुनौती यह है कि सही जानकारी को समय पर समझा जाए और उसके आधार पर तुरंत फैसला लिया जाए। यही कारण है कि Artificial Intelligence और Data Analytics भविष्य की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। Drone और Precision Weapons ने बढ़ाई चुनौती हाल के वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों ने यह दिखाया है कि छोटे और अपेक्षाकृत कम लागत वाले Drones भी युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा Precision Weapons और लंबी दूरी की मारक क्षमता ने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब सुरक्षा की तैयारी केवल सीमा पर तैनात जवानों तक सीमित नहीं रह सकती। देश के महत्वपूर्ण Infrastructure, Communication Networks और Logistics व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है। Cyber और Space भी बन चुके हैं War Domain आधुनिक युद्ध में Cyber और Space की भूमिका तेजी से बढ़ी है। Communication, Navigation और Surveillance जैसी कई व्यवस्थाएं Space-based Systems पर निर्भर हैं। वहीं Cyber Domain में किसी महत्वपूर्ण Digital System को प्रभावित करने की कोशिश भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इसलिए भविष्य की Defence Planning में इन क्षेत्रों को पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी है। आत्मनिर्भर Defence Industry पर जोर किसी भी बड़े संकट के दौरान हथियारों और जरूरी सैन्य उपकरणों की लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मजबूत Domestic Defence Industry और Supply Chain की जरूरत है। भारत के लिए Aatmanirbhar Defence इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से जरूरत के समय बाहरी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। युद्ध में Logistics भी तय करता है नतीजा किसी ऑपरेशन की सफलता सिर्फ आधुनिक हथियारों से तय नहीं होती। सैनिकों तक समय पर जरूरी सामान पहुंचाना, उपकरणों की Maintenance और लगातार Supply बनाए रखना भी उतना ही अहम है। यानी किसी भी लंबे संघर्ष में Logistics, Technology और Manpower तीनों का मजबूत होना जरूरी है। Human और Machine साथ मिलकर बनाएंगे बढ़त AI और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद इंसान की भूमिका खत्म नहीं होने वाली। जरूरत ऐसे प्रशिक्षित लोगों की होगी जो आधुनिक Technology को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें। भविष्य की सैन्य क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंसान और Machine मिलकर कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं। बदलते युद्ध के लिए बदलनी होगी तैयारी CDS के संदेश का सार यही है कि भविष्य का युद्ध पहले की तरह सीधा और सीमित नहीं हो सकता। एक साथ कई Domains में चुनौती सामने आ सकती है। इसलिए भारत को अपनी Defence Preparedness में Army, Navy और Air Force के Joint Operations के साथ Cyber, Space, AI, Drones, Electronic Warfare और मजबूत Defence Industry पर भी ध्यान देना होगा। आज की बदलती दुनिया में मजबूत सेना जरूरी है, लेकिन उसके साथ मजबूत Technology, तेज Decision Making और आत्मनिर्भर व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही Multi-Domain Warfare के दौर में भारत की बड़ी जरूरत बनकर सामने आ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Weather

Weather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्न

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक साथ अलग-अलग तस्वीरें दिखानी शुरू कर दी हैं। कहीं पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है तो कहीं नदियों का बढ़ता पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बीच बर्फबारी हुई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में हालात ऐसे बने कि पानी फायर स्टेशन परिसर तक पहुंच गया। Bihar Flood: 12 जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इन 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। घरों से लेकर सड़क और खेत तक पानी पहुंचने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंगा ने बढ़ाई पटना की चिंता पटना में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावों और राहत टीमों की मदद ली जा रही है। NDRF और SDRF की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। Uttarakhand Snowfall: बारिश के बीच पहाड़ों पर बर्फ बिहार में जहां बाढ़ लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। बारिश के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में Snowfall देखने को मिली। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में सड़क यातायात और यात्रा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। Bareilly Weather: Fire Station में घुसा बारिश का पानी उत्तर प्रदेश के बरेली में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने की खबर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Fire Station परिसर तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी बारिश के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ Snowfall, दूसरी तरफ Flood देश के अलग-अलग हिस्सों का मौसम इस समय बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी जहां सर्द मौसम की दस्तक का अहसास करा रही है, वहीं बिहार में उफनती नदियां हजारों परिवारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित रखने की है। फिलहाल Bihar Flood, Uttarakhand Snowfall और UP Rain से जुड़े हालात पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi

Delhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौत

दक्षिण Delhi के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जबकि अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक Search Operation चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने Sniffer Dogs और Search Cameras की मदद से मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। अचानक भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना बेहद अचानक हुई। कुछ ही पलों में पांच मंजिला Building मलबे में बदल गई। हादसे की तस्वीरें और CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की। इसके बाद मशीनों और आधुनिक Rescue Equipment की मदद से बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया। Basement में चल रहा था काम, उठे कई सवाल प्रारंभिक जांच में इमारत के Basement में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले बेसमेंट में काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण के दौरान भवन के किसी महत्वपूर्ण हिस्से या Pillar से छेड़छाड़ हुई थी। इमारत की उम्र और उसकी Structural Safety को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने से पहले हादसे की अंतिम वजह बताना जल्दबाजी होगी। Rescue Teams ने ऐसे शुरू की मलबे में तलाश हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना थी। भारी ढांचे के कारण राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाते रहे। Rescue Dogs और Search Cameras के जरिए उन जगहों की तलाश की गई, जहां किसी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना थी। बचावकर्मियों ने मलबे को धीरे-धीरे हटाया, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर मौजूद हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। इस दौरान आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया और लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया। Building Owner के खिलाफ FIR हादसे के बाद पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इमारत में चल रहा निर्माण कार्य नियमों के अनुसार था या नहीं और हादसे से पहले भवन की सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं। जांच में Building Plan, निर्माण कार्य और इमारत की Structural Condition से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। आसपास की Buildings की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए हैं। अधिकारियों की नजर खास तौर पर पुरानी और कमजोर इमारतों पर है। इस हादसे ने दिल्ली में पुराने मकानों को PG और Hostel में बदलकर इस्तेमाल करने तथा उनमें होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान Rescue Operation पूरा करने और हादसे की सही वजह पता लगाने पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांच मंजिला इमारत आखिर किन परिस्थितियों में गिरी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बड़े ठगी के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। गुजरात से आकर मध्य प्रदेश में छिपे एक आरोपी पर करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों के बीच अपना रुतबा दिखाने के लिए लग्जरी कार और महंगे iPhone का इस्तेमाल करता था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे मामले के तार सिर्फ मध्य प्रदेश और गुजरात तक सीमित नहीं मिले। पुलिस को आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों और करीब 20 शेल कंपनियों की जानकारी मिली है। इसके अलावा उसके नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाता था भरोसा आरोपी कथित तौर पर महंगी कार और iPhone के जरिए लोगों के बीच अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति की छवि बनाता था। इसी तरह की लाइफस्टाइल देखकर कई लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी से जुड़े पैसों को अलग-अलग बैंक खातों और कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था। इससे पैसों के लेन-देन को समझना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। 65 बैंक अकाउंट और 20 शेल कंपनियां जांच के दौरान आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही करीब 20 शेल कंपनियों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों के जरिए कितनी रकम ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। हांगकांग तक जुड़े ठगी के तार मामले की जांच में नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब एजेंसियां विदेशी लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है। 14 करोड़ रुपये की ठगी, कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के सामने आने से यह मामला एक संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की तस्वीर साफ हो पाएगी।
Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

दलीप ट्रॉफी फाइनल में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए चेपॉक स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। उनकी बल्लेबाजी के दौरान स्टेडियम का माहौल पूरी तरह क्रिकेटमय हो गया और करीब 93 मिनट तक दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए इतनी भीड़ पहुंची कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की संख्या को देखते हुए एक्स्ट्रा स्टैंड भी खोलने पड़े। इससे मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी साफ नजर आई। सूर्यवंशी की बैटिंग ने खींचा ध्यान मैच के दौरान सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए दर्शक लगातार उत्साहित नजर आए। चेपॉक में उनके हर शॉट पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ने माहौल को और खास बना दिया। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी को देखने के लिए इस तरह की भीड़ जुटना क्रिकेट फैंस के बीच उसकी लोकप्रियता को दिखाता है। Extra Stands भी खोलने पड़े दर्शकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेडियम के अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। आयोजकों के लिए भी यह नजारा खास रहा, क्योंकि मुकाबले में फैंस की मौजूदगी उम्मीद से ज्यादा दिखाई दी। चेपॉक में मौजूद दर्शकों ने करीब 93 मिनट तक सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर भी स्टेडियम की भीड़ और माहौल की तस्वीरें चर्चा में रहीं। घरेलू क्रिकेट के लिए अच्छी तस्वीर दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट में नए और उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच है। ऐसे में किसी खिलाड़ी की बल्लेबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों का पहुंचना घरेलू क्रिकेट के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। चेपॉक में जुटी भीड़ ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय क्रिकेट फैंस सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी खिलाड़ियों को देखने के लिए स्टेडियम पहुंच रहे हैं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.