छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व आज, 7 नवंबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस बार छोटी दिवाली पर भद्रा का साया करीब 12 घंटे तक रहने वाला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि भद्रा काल में पूजा और दीपदान करना शुभ रहेगा या नहीं? खासतौर पर यमराज के नाम का दीपक किस समय जलाना चाहिए?
हिंदू पंचांग और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली पर यम दीपदान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन यमराज के नाम से दीपक जलाने से परिवार की सुख-शांति और लंबी उम्र की कामना की जाती है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली 2026 पर भद्रा का समय, यम दीपदान का मुहूर्त और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें।
छोटी दिवाली 2026 पर कब से कब तक रहेगी भद्रा?
पंचांग के अनुसार, 7 नवंबर को भद्रा सुबह 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर रात 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। यानी इस बार करीब 12 घंटे 18 मिनट तक भद्रा का समय रहेगा।
हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में बताया जा रहा है। परंपरागत मान्यता है कि पाताल लोक में भद्रा होने पर पृथ्वी पर पूजा-पाठ और शुभ कार्यों पर इसका अशुभ प्रभाव नहीं माना जाता। इसलिए श्रद्धालु निर्धारित मुहूर्त में पूजा और दीपदान कर सकते हैं।
Choti Diwali 2026: यम दीपदान का शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली की शाम यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। इसे यम दीपदान कहा जाता है। 7 नवंबर को यम दीपदान के लिए शुभ समय शाम 5:32 बजे से 6:48 बजे तक बताया गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज से परिवार की रक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की जाती है।
लक्ष्मी पूजा और हनुमान पूजा का समय
छोटी दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान हनुमान की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार, 7 नवंबर को लक्ष्मी पूजा और हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:41 बजे से 7:18 बजे तक रहेगा।
वहीं, निशिता काल में पूजा का समय रात 11:39 बजे से 8 नवंबर की रात 12:31 बजे तक बताया गया है।
छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाना शुभ है?
धार्मिक परंपरा के अनुसार, छोटी दिवाली पर 14 दीपक जलाने का विशेष महत्व है। हालांकि, कई परिवार अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार 5, 7, 11 या 13 दीपक भी जलाते हैं।
इस दिन घर के मुख्य दरवाजे, आंगन और अन्य स्थानों पर दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। यमराज के नाम का दीपक जलाना भी इसी परंपरा का हिस्सा है।
छोटी दिवाली का धार्मिक महत्व
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी खुशी में दीप जलाने की परंपरा जुड़ी हुई है।









































