छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनकी संस्था सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में जाकर युवाओं से संवाद किया जाएगा तथा बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
गुरुवार को संभाजीनगर में आयोजित बैठक के दौरान दीपके ने कहा कि देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था मुनाफे का माध्यम बन गई है, जिसे बदलने की जरूरत है।
CJP चुनाव नहीं लड़ेगी, प्रेशर ग्रुप के तौर पर करेगी काम
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी चुनावी राजनीतिक दल नहीं बनेगी। उनके अनुसार, संगठन लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनता की आवाज को प्रभावी तरीके से सामने लाना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर दबाव बनाना है।
अभियान के प्रमुख मुद्दे
दीपके के अनुसार, ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के दौरान इन विषयों पर विशेष फोकस रहेगा—
- महंगी शिक्षा और स्कूल, कॉलेज तथा कोचिंग फीस में कमी की मांग।
- सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
- बेरोजगारी को राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख मुद्दा बनाना।
- चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं में जवाबदेही और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में प्रयास।
नेशनल वर्किंग कमेटी का गठन
बैठक के दौरान CJP ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी के सदस्यों की भी घोषणा की। संगठन ने बताया कि अगले छह महीनों में विभिन्न राज्यों में समन्वय समितियों के साथ लोकसभा और शहर स्तर पर भी संगठनात्मक इकाइयों का गठन किया जाएगा।
जंतर-मंतर आंदोलन की हुई समीक्षा
दीपके ने बताया कि बैठक में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और भविष्य के आंदोलनों की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक धरना दिया था। बाद में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी।
सोशल मीडिया अभियान से शुरू हुई थी CJP
अभिजीत दीपके ने पहले भी कहा था कि देश को नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है।
CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। बाद में यह छात्र और युवा मुद्दों पर सक्रिय एक संगठित अभियान के रूप में सामने आया, जिसने शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर अपनी गतिविधियां तेज कीं।
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