कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च निकाला। सुबह 8 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चला। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।
प्रदर्शन के दौरान सुबह करीब 10 बजे आंदोलनकारियों ने बैरिकेड तोड़ते हुए संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। मार्च जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ और विजय चौक होते हुए संसद के निकट पहुंचा। प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद परिसर में प्रवेश की कोशिश के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और मुख्य द्वार बंद कर दिए गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, झड़प में 50 से अधिक पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए। शाम तक पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली करा लिया।
CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई लोग घायल हुए। वहीं पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वांगचुक ने अनशन जारी रखने का ऐलान किया
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। प्रतिनिधिमंडल ने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित तौर पर जान गंवाने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग रखी।
इस बीच अभिजीत दीपके सहित 22 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया, लेकिन सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com



