मध्य प्रदेश की राजनीति में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार ने विधानसभा में UCC विधेयक पेश कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है। जहां बीजेपी सरकार इसे समान अधिकार और एक कानून की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसकी प्रक्रिया और जरूरत को लेकर सवाल उठाए हैं।
विधानसभा में UCC Bill पेश होने के दौरान उस समय माहौल और गरमा गया, जब कांग्रेस के एक विधायक काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि UCC जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विरोध का तरीका सोचने वाला विषय है।
MP Assembly में UCC Bill पेश, सरकार ने बताया ऐतिहासिक कदम
मध्य प्रदेश सरकार लंबे समय से Uniform Civil Code लागू करने की तैयारी में जुटी थी। सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य देश और प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था तैयार करना है।
प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान नियम लागू करने की बात कही जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे समाज में कानूनी समानता बढ़ेगी और विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी कह चुके हैं कि हर नागरिक को समान अधिकार मिलना चाहिए और कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए।
Black Dress को लेकर विधानसभा में बढ़ा विवाद
UCC विधेयक के दौरान कांग्रेस विधायक के काले कपड़ों में पहुंचने को बीजेपी ने विरोध के संकेत के रूप में देखा। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का यह कदम जनता के हित और समानता से जुड़ा हुआ है।
वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े कानूनी बदलाव से पहले सरकार को सभी वर्गों, विशेषज्ञों और आम लोगों से व्यापक चर्चा करनी चाहिए। विपक्ष ने UCC को लेकर सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं।
UCC को लेकर BJP और Congress की अलग-अलग राय
बीजेपी का कहना है कि Uniform Civil Code से देश में समान नागरिक व्यवस्था मजबूत होगी और पुराने भेदभाव खत्म होंगे। पार्टी इसे सामाजिक सुधार से जोड़कर देख रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस का तर्क है कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। पार्टी ने सरकार से विधेयक के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने की मांग की है।
MP में UCC पर आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें विधानसभा में होने वाली बहस और आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। UCC Bill पर चर्चा के बाद ही यह साफ होगा कि इसे किस रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
मध्य प्रदेश में UCC अब सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विधानसभा के अंदर और बाहर बीजेपी-कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।



