दिल्ली की राजनीति और कानूनी हलकों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कथित शराब नीति (Excise Policy) मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal, पूर्व डिप्टी सीएम Manish Sisodia और नेता Durgesh Pathak समेत अन्य आरोपियों को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दे दिया है।
यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब कोर्ट की सख्ती ने इसे और गंभीर मोड़ दे दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा केस दिल्ली की विवादित शराब नीति से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर पहले भी कई जांच और कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें इन नेताओं को केस से डिस्चार्ज किया गया था।
CBI का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला आगे बढ़ना चाहिए, जबकि आरोपी पक्ष इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहा है।
Delhi High Court की सख्ती
Delhi High Court ने सुनवाई के दौरान साफ कर दिया कि यह सभी आरोपियों के लिए “Last Opportunity” है। कोर्ट ने कहा कि अब और समय नहीं दिया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल करना जरूरी है।
अगर आरोपी पक्ष इस मौके का उपयोग नहीं करता है, तो अदालत बिना उनके जवाब के भी आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।
अब तक की स्थिति
- ट्रायल कोर्ट ने पहले कई आरोपियों को डिस्चार्ज किया था
- CBI ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी
- हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को जवाब देने का मौका दिया
- अब कोर्ट ने इसे अंतिम अवसर (Last Chance) घोषित कर दिया है
राजनीतिक माहौल भी गरमाया
इस मामले ने दिल्ली की राजनीति में भी गर्मी बढ़ा दी है। AAP के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम इस केस से जुड़े होने के कारण विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।
आगे क्या होगा?
अब इस केस की अगली दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि आरोपी पक्ष तय समय सीमा में अपना जवाब दाखिल करता है या नहीं। अगर जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो कोर्ट बिना उनकी दलीलों के भी आगे फैसला ले सकती है।
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