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Delhi-NCR में बारिश का कहर: सड़कों पर तैरती गाड़ियां, नागपुर-रुद्रप्रयाग में भी बर्बादी का मंजर

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देश के कई हिस्सों में मानसून अब कहर बनकर बरस रहा है। Delhi-NCR में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों पर पानी भर गया और कई इलाकों में गाड़ियां तैरती नजर आईं। लोगों को ऑफिस और स्कूल जाने में भारी परेशानी हो रही है।

Delhi-NCR: सड़कों पर समंदर जैसा मंजर

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रातभर हुई बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में 2-3 फीट तक पानी भर गया है। नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है। सड़कों पर गाड़ियां फंसी हुई हैं और लोग घंटों से जाम में फंसे हुए हैं।

महाराष्ट्र के नागपुर में भी हालात खराब हैं। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं, लेकिन लोगों में डर बना हुआ है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में पहाड़ टूटने से कई सड़कें बंद हो गई हैं। लैंडस्लाइड की वजह से यात्रियों को बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले रूट पर भी खतरे की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

ये मौसम हमारी परीक्षा ले रहा है। ऐसे वक्त में ज़रूरतमंदों की मदद करें। अगर आप सुरक्षित जगह पर हैं तो अपने आस-पास के लोगों की मदद जरूर करें। प्रशासन से जुड़े रहें और बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें।

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Neha Pandey

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इंदौर में जल कनेक्शन बंद कराने के लिए नई SOP लागू, 30 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया; जानें कैसे करें आवेदन

इंदौर। शहर में जिन उपभोक्ताओं को अब जल कनेक्शन की जरूरत नहीं है, उन्हें इसे स्थायी रूप से बंद कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। नगर निगम ने जल कनेक्शन हटाने और उपभोक्ता का खाता बंद करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की है। इसका उद्देश्य कनेक्शन बंद होने के बाद भी बिल जारी होने जैसी समस्याओं को रोकना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर तैयार SOP के अनुसार, उपभोक्ता को संबंधित क्षेत्र के सहायक यंत्री के पास लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में कंज्यूमर आईडी, नाम, जल कनेक्शन का पता, मोबाइल नंबर और कनेक्शन बंद कराने का कारण बताना अनिवार्य होगा। 10 दिन में मिलेगा एस्टीमेट, भुगतान के बाद हटेगा कनेक्शन नगर निगम ने आवेदन मिलने के 10 दिन के भीतर बकाया राशि और कनेक्शन हटाने के शुल्क का एस्टीमेट देने की समय-सीमा तय की है। उपभोक्ता को बकाया जल बिल और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। भुगतान होने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जल कनेक्शन को फिजिकली हटाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर सहायक यंत्री कनेक्शन हटाने का प्रतिवेदन तैयार कर असिस्टेंट रेवेन्यू ऑफिसर (ARO) को भेजेंगे। 150 रुपए की रसीद के बाद मुख्यालय से बंद होगा खाता सहायक यंत्री से प्रतिवेदन मिलने के बाद ARO 150 रुपए की रसीद जारी करेंगे और पूरा मामला नगर निगम मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद मुख्यालय स्तर पर उपभोक्ता का खाता बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अनुसार, निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद अधिकतम 30 दिन के भीतर कनेक्शन हटाने और खाता बंद करने की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। केवल आवेदन देने से नहीं रुकेगी बिलिंग SOP में स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ कनेक्शन बंद कराने का आवेदन देने से बिलिंग बंद नहीं होगी। जब तक जल कनेक्शन वास्तव में नहीं हटाया जाता, तब तक की देय राशि उपभोक्ता को जमा करनी होगी। कनेक्शन फिजिकली हटाने और सभी निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उपभोक्ता का खाता बंद किया जाएगा। इसलिए आवेदन के साथ ही बकाया राशि और कनेक्शन हटाने के शुल्क का भुगतान करना जरूरी होगा। अधिकारियों को समय-सीमा में आवेदन निपटाने के निर्देश नगर निगम ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आवेदन मिलने के बाद सहायक यंत्री बकाया जलकर और अन्य देय राशि की जांच करेंगे। इसके बाद कनेक्शन हटाने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार कर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था से स्थायी रूप से जल कनेक्शन बंद कराने वाले उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिलिंग और बार-बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
INDIA Block Rally

INDIA Block Rally: दिल्ली के कारोबारियों का दावा, ₹11,000 करोड़ का नुकसान; 2.5 लाख दुकानें बंद

दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई INDIA Block Rally अब राजनीतिक चर्चा के साथ व्यापारिक विवाद का भी कारण बन गई है। दिल्ली के व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दावा किया है कि 1 नवंबर को हुई इस रैली के चलते राजधानी के कारोबार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संगठन के मुताबिक, दिल्ली के 20 से 25 प्रमुख बाजारों में लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि यह आयोजन दिवाली से ठीक पहले हुआ। इस समय बाजारों में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती है और दुकानदारों को त्योहारी सीजन में बेहतर बिक्री की उम्मीद होती है। लेकिन कारोबारियों का कहना है कि रैली के कारण ट्रैफिक, ग्राहकों की आवाजाही और सामान की सप्लाई पर असर पड़ा। इस मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राहुल गांधी ने दिल्ली में दुकानें बंद होने के लिए बीजेपी पर आरोप लगाए, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने व्यापारियों के नुकसान के आंकड़ों पर सवाल उठाए। दूसरी तरफ CTI का कहना है कि उसका मकसद किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि व्यापारियों की परेशानी सामने रखना है। 2.5 लाख दुकानें बंद, दिल्ली के 25 बाजारों में कारोबार प्रभावित CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास लगभग 20 से 25 बड़े बाजार हैं। इन बाजारों में करीब 3 लाख दुकानें मौजूद हैं। संगठन का दावा है कि इनमें से लगभग 2.5 लाख दुकानें रैली वाले दिन बंद रहीं। प्रभावित बाजारों में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, भागीरथ पैलेस, कनॉट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज और दरियागंज जैसे प्रमुख व्यापारिक इलाके शामिल हैं। व्यापारियों का कहना है कि रैली के दौरान भीड़ और ट्रैफिक की आशंका के चलते कई दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोलीं। वहीं, जो दुकानें खुली थीं, वहां भी ग्राहकों की संख्या कम रही। इससे खासतौर पर छोटे व्यापारियों और रोजाना बिक्री पर निर्भर दुकानदारों को परेशानी हुई। ₹11,000 करोड़ का नुकसान, किस कारोबार पर कितना असर? CTI ने अपने अनुमान में बताया है कि रैली के कारण सिर्फ बाजारों में बिक्री ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि ट्रांसपोर्ट, होटल, रेस्टोरेंट और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की कमाई पर भी असर पड़ा। व्यापारिक संगठन के अनुसार नुकसान का अनुमान इस प्रकार है: कारोबार का क्षेत्र अनुमानित नुकसान रिटेल और होलसेल व्यापार ₹8,800 करोड़ ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स ₹1,500 करोड़ होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन ₹500 करोड़ असंगठित क्षेत्र और दिहाड़ी मजदूर ₹200 करोड़ कुल अनुमानित नुकसान ₹11,000 करोड़ CTI का कहना है कि सबसे ज्यादा असर खुदरा और थोक कारोबार पर पड़ा। हालांकि, यह पूरा आंकड़ा व्यापारिक संगठन का अनुमान है। नुकसान की स्वतंत्र आर्थिक पुष्टि सामने नहीं आई है। 5,000 मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर असर दिल्ली के बाजारों में रोजाना बड़ी मात्रा में सामान पहुंचता है। इसके लिए ट्रक, टेंपो और दूसरे मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। CTI के मुताबिक, दिल्ली के 56 औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 5,000 मालवाहक वाहन बाजारों तक सामान पहुंचाते हैं। इनमें नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी और मुंडका जैसे औद्योगिक इलाके शामिल हैं। संगठन का दावा है कि रैली के कारण कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ, जिससे सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और डिलीवरी में परेशानी आई। दिल्ली से NCR और दूसरे शहरों में सामान पहुंचाने वाले वाहनों के संचालन पर भी असर पड़ने की बात कही गई है। कारोबारियों की चिंता यह है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले सप्लाई में देरी होने से दुकानों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। दिल्ली के बाहर से खरीदारी करने नहीं पहुंचे ग्राहक दिल्ली के चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे बाजारों में सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों से भी बड़ी संख्या में ग्राहक आते हैं। CTI के अनुसार, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ सहित करीब 100 शहरों से रोजाना 3 से 4 लाख ग्राहक दिल्ली के बाजारों में पहुंचते हैं। संगठन का दावा है कि रैली के दिन ट्रैफिक और बाजारों की स्थिति को देखते हुए कई ग्राहक दिल्ली नहीं पहुंचे। इसका असर थोक और खुदरा व्यापार दोनों पर पड़ा। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की कमाई भी प्रभावित रैली के कारण होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन कारोबार प्रभावित होने का दावा भी CTI ने किया है। संगठन के मुताबिक, कनॉट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज और चांदनी चौक जैसे इलाकों में होटल और गेस्ट हाउस की बुकिंग पर असर पड़ा। लाल किला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों की संख्या कम रहने की बात भी कही गई है। इसका असर सिर्फ बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। ऑटो चालक, ई-रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, लोडर और दिहाड़ी मजदूर भी रोजाना की कमाई के लिए ग्राहकों और बाजारों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कारोबार प्रभावित होने से उनकी आमदनी पर भी असर पड़ने का दावा किया गया है। रैली से पहले ही तारीख बदलने की मांग कर चुके थे व्यापारी CTI ने दावा किया कि व्यापारिक संगठनों ने रैली से पहले ही कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर आयोजन की तारीख बदलने की अपील की थी। व्यापारियों का कहना था कि दिवाली से पहले का समय कारोबार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में रामलीला मैदान में बड़ी रैली होने से पुराने दिल्ली के बाजारों में ट्रैफिक और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। संगठन ने रैली को दिवाली के बाद आयोजित करने या किसी दूसरे स्थान पर कार्यक्रम करने का सुझाव भी दिया था। हालांकि, रैली निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 नवंबर को ही हुई। Rahul Gandhi ने बीजेपी पर लगाया दुकानें बंद करवाने का आरोप रैली के बाद राहुल गांधी कनॉट प्लेस पहुंचे और वहां स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने लोगों से छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों का समर्थन करने को कहा। इस दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बीजेपी ने दुकानें जबरन बंद करवाई हैं। उनका कहना था कि रैली में आए लोगों को बाजारों में खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। वहीं, व्यापारियों के नुकसान के दावों पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाए। उन्होंने कारोबार अच्छा रहने की बात कही। इस तरह बाजारों...
INDIA गठबंधन

Indian Politics: INDIA गठबंधन की रैली के बाद BJP का पलटवार, राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

देश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ गया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद अब बीजेपी ने भी विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया है। इसी के साथ पार्टी ने 2 नवंबर को देश के कई शहरों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ (Loktantra Bachao, Arajakta Hatao) अभियान के तहत पदयात्राएं और विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। इस अभियान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान समेत कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि खराब कर रहे हैं। दूसरी तरफ, राहुल गांधी और विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली की रैली के बाद BJP का जवाबी हमला दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। रैली में नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष की इसी रैली के अगले दिन बीजेपी ने देशभर में अपना विरोध अभियान शुरू कर दिया। पार्टी इसे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दे रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। Amit Shah Hyderabad में निकालेंगे BJP का March बीजेपी के इस अभियान में अमित शाह की हैदराबाद पदयात्रा सबसे अहम कार्यक्रमों में शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री 2 नवंबर को हैदराबाद में पार्टी के मार्च का नेतृत्व करेंगे। यह पदयात्रा दोपहर करीब 3 बजे निजाम कॉलेज के सामने डॉ. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होगी। इसके बाद मार्च आबिड्स इलाके से होते हुए शाम करीब 6 बजे मोजमजाही मार्केट पहुंचेगा। तेलंगाना बीजेपी ने इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की हैं। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव भी आयोजन से जुड़ी तैयारियों में सक्रिय रहे हैं। मार्च को देखते हुए हैदराबाद के कुछ प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई है। Nitin Nabin बिहार और बंगाल में संभालेंगे कमान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस अभियान के तहत बिहार और पश्चिम बंगाल में पदयात्रा करेंगे। बिहार के भागलपुर में सुबह करीब 11 बजे लाजपत पार्क से मार्च शुरू होकर सेवा ज्योति चौक तक जाएगा। इसके बाद वह कोलकाता पहुंचेंगे, जहां दोपहर 3 बजे कॉलेज स्ट्रीट से पदयात्रा निकाली जाएगी। यह मार्च धर्मतला और एस्प्लेनेड की ओर बढ़ेगा। बीजेपी इन कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों का जवाब देने और अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है। हरियाणा में भी BJP ने निकाली पदयात्रा बीजेपी का यह अभियान 1 नवंबर को भी कई शहरों में देखने को मिला। हरियाणा के रोहतक में नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकाला। वहीं, फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पदयात्रा की अगुवाई की। फरीदाबाद में मार्च बीके चौक से शुरू होकर हार्डवेयर चौक तक पहुंचा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर समेत कई स्थानीय नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहा है। 1984 के सिख दंगों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बीजेपी ने INDIA गठबंधन की रैली को लेकर 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की तारीख सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए बेहद संवेदनशील है। ऐसे दिन रैली आयोजित करने को लेकर उन्होंने कांग्रेस से सवाल किए। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस पर इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। हालांकि, विपक्ष की रैली का मुख्य एजेंडा SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली था। Sambit Patra ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर साधा निशाना बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष की रैली पर सवाल उठाए। उन्होंने रैली में जुटी भीड़ और कांग्रेस के दावों को लेकर अपनी आपत्ति जताई। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रहे हैं। वहीं, राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन की रैली में चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। 30 नवंबर तक चलेगा BJP का अभियान बीजेपी ने अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को अलग-अलग चरणों में चलाने की योजना बनाई है। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, पहला चरण 5 नवंबर तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में भी कई बड़े नेताओं को पदयात्राओं की जिम्मेदारी दी गई है। 3 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम करेंगे। 4 नवंबर को नितिन नवीन, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। वहीं, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में पदयात्रा करेंगे। हरियाणा के करनाल में भी 5 नवंबर को अमित शाह के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। क्या है SIR विवाद, जिस पर आमने-सामने हैं BJP और कांग्रेस? इस पूरे राजनीतिक विवाद की सबसे बड़ी वजह चुनाव आयोग की Special Intensive...

इंदौर में RSS की तीन दिवसीय बैठक शुरू, मोहन भागवत समेत 408 पदाधिकारी संगठन के विस्तार पर करेंगे मंथन

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को डेली कॉलेज में शुरू हो गई। बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सभी छह सह सरकार्यवाह सहित देशभर के करीब 408 प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं। 4 नवंबर तक चलने वाली इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही संगठन विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी। संघ के मुताबिक, पिछले एक साल में देशभर में 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं शुरू हुई हैं और 65 हजार से ज्यादा हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। 1.01 लाख से ज्यादा दैनिक शाखाएं अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में संघ के 11 क्षेत्र और 46 प्रांतों से संघचालक, सह संघचालक, कार्यवाह, सह कार्यवाह, प्रचारक और सह प्रचारक शामिल हुए हैं। अंतिम दिन विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी और आंकड़े साझा किए जाएंगे। आंबेकर के अनुसार, देशभर में संघ की दैनिक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1 लाख 1 हजार 151 हो गई है। साप्ताहिक और मासिक मिलन को मिलाकर संघ का काम अब 1 लाख 10 हजार 849 स्थानों तक पहुंच गया है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में शताब्दी वर्ष के दौरान 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं जुड़ी हैं। बैठक में शाखाओं के साथ साप्ताहिक और मासिक मिलन की गतिविधियों को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलन आयोजित शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में 65 हजार 660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सुनील आंबेकर के मुताबिक, शहरों में बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ-दस गांवों को मिलाकर बनाए गए मंडल स्तर पर सम्मेलन हुए। कई जगह दो-तीन मंडलों को मिलाकर भी आयोजन किए गए। उन्होंने बताया कि इन सम्मेलनों में कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा और समाज की ओर से समर्थन मिला। कई लोगों ने संघ की शाखाओं से जुड़ने की इच्छा जताई। सामाजिक संस्थाओं और संगठनों ने भी अपने कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों के अनुभवों का सहयोग लेने की इच्छा व्यक्त की है। बैठक में इन आयोजनों से मिले अनुभवों और सामाजिक सहभागिता की समीक्षा होगी। महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर चर्चा शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी भी रही। अब इस अनुभव के आधार पर महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रमों और उपक्रमों पर विचार किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए शहरों, गांवों और कॉलेज परिसरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अन्य युवाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की योजनाओं पर चर्चा होगी। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान संघ की पिछली दो-तीन बैठकों में नशीली दवाओं के बढ़ते चलन पर चिंता जताई गई थी। इस बार भी यह विषय बैठक के एजेंडे में शामिल है। आंबेकर ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर प्रयास जरूरी हैं। युवाओं को नशीली दवाओं से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर विचार होगा। इसके लिए सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से काम करने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछली समन्वय बैठक में संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों ने भी अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ अभियान शुरू करने की जानकारी दी थी। पंच परिवर्तन के पांच विषयों पर बनेगी कार्ययोजना शताब्दी वर्ष में संघ ने पंच परिवर्तन के पांच विषय समाज के सामने रखे हैं। इनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। इन विषयों को समाज तक पहुंचाने के लिए गृह संपर्क अभियान, सम्मेलन और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैठक में इन पांचों विषयों के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। अलग-अलग प्रांतों के पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में हुए कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी देंगे। सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर नए अभियान चलाने पर भी विचार होगा। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर जन-जागरण की तैयारी बैठक में सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर जन-जागरण को लेकर भी चर्चा होगी। सुनील आंबेकर के मुताबिक, संघ का प्रयास रहेगा कि समाज के सभी वर्गों तक तथ्यात्मक जानकारी सही परिप्रेक्ष्य में पहुंचे। इसके लिए उचित दृष्टिकोण और जानकारी लोगों तक पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।
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Rajasthan Accident: झुंझुनूं में बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत

राजस्थान (Rajasthan) के झुंझुनूं जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सड़क बनाने के काम में लगी एक मशीन अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। जिन परिवारों के सदस्य रोजी-रोटी कमाने के लिए काम पर निकले थे, उनके घरों में मातम छा गया। वहीं, घटना से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। Jhunjhunu Accident: सड़क निर्माण के दौरान कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में कदम कुंड की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार को भी मजदूर सड़क बनाने के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली रोड़ी और बजरी मिलाने की मशीन ऊपर से गुजर रही 11 KV हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। बिजली के तार से संपर्क होते ही मशीन में करंट फैल गया। आसपास काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे। शुरुआती खबरों में पांच मजदूरों की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, बाद की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ बताई गई। घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में भी अंतर सामने आया है। 8 मजदूरों की मौत से गांव में पसरा मातम इस हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई। वहीं, करंट की चपेट में आए अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। एक साथ इतने मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख और नाराजगी है। फिलहाल घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों को मिलने वाली सहायता पर सबकी नजर बनी हुई है। ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे लोग हादसे के बाद छापोली गांव के ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि जब निर्माण स्थल के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी, तो वहां मशीन से काम कराने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कैसे हुई। लोग चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। CM भजनलाल शर्मा ने लिया हादसे का संज्ञान झुंझुनूं में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की ओर से घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। अब प्रशासनिक जांच के जरिए हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार है। अशोक गहलोत ने उठाई जांच और मुआवजे की मांग राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने घटना की जांच कराने और मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। गहलोत का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Construction Safety पर फिर उठे सवाल झुंझुनूं का यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान कई बार मजदूरों को बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास काम करना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और मशीन हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आई? प्रशासन की जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे। फिलहाल आठ मजदूरों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय तथा उचित सहायता मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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