गुना में जल्द ही जैन समाज का ऐतिहासिक पंचमुखी पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। यह भव्य धार्मिक आयोजन मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में होगा। खास बात यह है कि जैन इतिहास में पहली बार ऐसा पंचमुखी पंचकल्याणक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सभी प्रमुख पात्रों की संख्या पांच-पांच होगी।
महोत्सव में 5 कुबेर, 5 यज्ञ नायक, 5 ईशान इंद्र और 5 सनत कुमार इंद्र शामिल होंगे। इसके अलावा भगवान के माता-पिता के रूप में 5 सौभाग्यशाली जोड़े बनाए जाएंगे। आयोजन के दौरान 5 नीलांजना नृत्य, 5 दीक्षाएं और 5 आहार जैसे दुर्लभ दृश्य भी देखने को मिलेंगे।
मुनि सुधासागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुना का यह पंचकल्याणक बेहद अलौकिक और विशेष होगा। उन्होंने कहा कि उनके सानिध्य में अब तक देश में ऐसा आयोजन कहीं नहीं हुआ है। जैसे पंचमुखी रुद्राक्ष का विशेष महत्व होता है, उसी तरह यह पंचमुखी पंचकल्याणक भी ऐतिहासिक साबित होगा।

मुनिश्री ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ गुना ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और विश्व के कल्याण का माध्यम बनेगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस दौरान इतनी मूर्तियों को सूर्य मंत्र दिया जाएगा कि संभव है कुछ नई मुनि दीक्षाएं भी हों। उन्होंने श्रद्धालुओं से अभी से मंत्र जाप शुरू करने का आह्वान किया।
इस दौरान अंचल के कमलश्री परिवार ने अपना निजी सीमंधर जिनालय मंदिर सकल जैन समाज को समर्पित कर दिया। यह मंदिर अब बजरंगगढ़ कमेटी के अंतर्गत संचालित होगा। मुनिश्री ने परिवार को मंगल आशीर्वाद भी दिया।
महोत्सव की तैयारियों के तहत शनिवार सुबह शहर में प्रभातफेरी निकाली गई। यात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नसियांजी पहुंची।

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