बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan एक बार फिर अपनी कॉमिक अंदाज वाली फिल्म लेकर आए हैं – ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में रोमांस, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का मिश्रण देखने को मिलता है। फिल्म में कई ऐसे पल हैं जो दर्शकों को हंसाते हैं, लेकिन कमजोर कहानी और ज्यादा लंबाई इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है।
कैसी है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है जो प्यार, दोस्ती और परिवार के बीच उलझ जाता है। शुरुआत में फिल्म काफी मजेदार लगती है और कई कॉमिक सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। लेकिन इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी बिखरती नजर आती है।
कई जगह ऐसा महसूस होता है कि फिल्म को बिना जरूरत लंबा खींचा गया है। कुछ सीन दोहराव वाले लगते हैं, जिससे दर्शकों का ध्यान भटक सकता है।
वरुण धवन की एक्टिंग बनी सबसे बड़ी ताकत
फिल्म की सबसे अच्छी बात वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग है। उन्होंने अपने एक्सप्रेशंस और एनर्जी से कई कमजोर सीन को भी संभाल लिया। उनके डायलॉग और कॉमेडी पंच दर्शकों को एंटरटेन करते हैं।
फिल्म की बाकी स्टार कास्ट ने भी ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन कहानी मजबूत नहीं होने की वजह से किरदार ज्यादा असर नहीं छोड़ पाते।
म्यूजिक और डायरेक्शन
फिल्म का संगीत युवाओं को पसंद आ सकता है। कुछ गाने पहले से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। हालांकि बैकग्राउंड म्यूजिक कई जगह सामान्य लगता है।
डायरेक्टर ने फिल्म को हल्का-फुल्का और फैमिली एंटरटेनर बनाने की कोशिश की है, लेकिन स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ जाता है।
देखें या नहीं?
अगर आप वरुण धवन के फैन हैं और हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार देख सकते हैं। लेकिन अगर आप मजबूत कहानी और नया कंटेंट तलाश रहे हैं, तो फिल्म थोड़ी निराश कर सकती है।
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