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Heavy Rain Alert: यूपी के 40 Schools में घुसा पानी, 100 साल पुराना मकान गिरा

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (Heavy Rain) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जहां यूपी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं के बीच कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

यूपी में बाढ़ का असर, 40 स्कूलों में घुसा पानी

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के बाद जलभराव और बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 40 स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल परिसरों में पानी आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और प्रशासन को हालात संभालने के लिए कदम उठाने पड़ रहे हैं।

ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है।

100 साल पुराना मकान गिरा, हादसे में 6 लोगों की मौत

बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। एक करीब 100 साल पुराना मकान अचानक ढह गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। राहत और बचाव टीमों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

यह घटना पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। बारिश के मौसम में जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

Kedarnath Highway पर Landslide, मलबे में दबे कई वाहन

उत्तराखंड में भारी बारिश का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित हुआ। कई गाड़ियों के मलबे में दबने की जानकारी सामने आई है।

प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और रास्ता खोलने में जुटी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

बारिश और बाढ़ से बढ़ी चुनौतियां

उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक बारिश ने कई इलाकों में परेशानी खड़ी कर दी है। कहीं स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है तो कहीं सड़कें और रास्ते बाधित हो गए हैं। प्रशासन, आपदा राहत दल और स्थानीय टीमें प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं।

मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नाले और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Yukta

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सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान चलाएगी CJP, अभिजीत दीपके बोले- बेरोजगारी और महंगी शिक्षा होंगे मुख्य मुद्दे

छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनकी संस्था सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में जाकर युवाओं से संवाद किया जाएगा तथा बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। गुरुवार को संभाजीनगर में आयोजित बैठक के दौरान दीपके ने कहा कि देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था मुनाफे का माध्यम बन गई है, जिसे बदलने की जरूरत है। CJP चुनाव नहीं लड़ेगी, प्रेशर ग्रुप के तौर पर करेगी काम अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी चुनावी राजनीतिक दल नहीं बनेगी। उनके अनुसार, संगठन लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनता की आवाज को प्रभावी तरीके से सामने लाना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर दबाव बनाना है। अभियान के प्रमुख मुद्दे दीपके के अनुसार, ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के दौरान इन विषयों पर विशेष फोकस रहेगा— नेशनल वर्किंग कमेटी का गठन बैठक के दौरान CJP ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी के सदस्यों की भी घोषणा की। संगठन ने बताया कि अगले छह महीनों में विभिन्न राज्यों में समन्वय समितियों के साथ लोकसभा और शहर स्तर पर भी संगठनात्मक इकाइयों का गठन किया जाएगा। जंतर-मंतर आंदोलन की हुई समीक्षा दीपके ने बताया कि बैठक में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और भविष्य के आंदोलनों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक धरना दिया था। बाद में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी। सोशल मीडिया अभियान से शुरू हुई थी CJP अभिजीत दीपके ने पहले भी कहा था कि देश को नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है। CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। बाद में यह छात्र और युवा मुद्दों पर सक्रिय एक संगठित अभियान के रूप में सामने आया, जिसने शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर अपनी गतिविधियां तेज कीं। देश और राजनीति से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

मोहन भागवत बोले- Gen-Z और Gen Alpha सबसे ज्यादा देशभक्त, संवाद की कमी से हुए आंदोलन

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में Gen-Z और Gen Alpha के युवाओं से संवाद किया। करीब एक घंटे तक चले इस संवाद में उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक देशभक्त और ईमानदार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की बात सुनना जरूरी है और संवाद की कमी ही कई बार आंदोलनों की वजह बनती है। भागवत ने यह संबोधन इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिया। कार्यक्रम में 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2,000 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संवाद की कमी से आंदोलन की नौबत आई मोहन भागवत ने कहा कि जब बातचीत सफल नहीं होती, तब आंदोलन का रास्ता अपनाया जाता है। उनके अनुसार यदि समय रहते संवाद हो जाए, तो कई विवाद टाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन भी संवाद का एक माध्यम है और उसे इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। Gen-Z सवाल पूछती है, जवाब भी चाहती है भागवत ने कहा कि पहले की पीढ़ी बड़े-बुजुर्गों की बात बिना सवाल किए मान लेती थी, लेकिन आज की युवा पीढ़ी हर विषय पर सवाल पूछती है और तर्कसंगत जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल उत्तर ही नहीं, बल्कि विश्वास और अपनापन भी चाहिए। आंदोलन को देशविरोध से न जोड़ें RSS प्रमुख ने कहा कि यदि युवा किसी मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं, तो उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। उनके अनुसार वे देश की अगली पीढ़ी हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ। जंतर-मंतर की घटना पर कही यह बात जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के सवाल पर भागवत ने कहा कि किसी भी घटना पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसके कारणों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में कुछ उपद्रवियों के शामिल होने की बात सामने आई है, लेकिन यदि उन्हें किसी पर भरोसा करना हो तो वह देश के युवाओं पर करेंगे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर भागवत ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए और इसके लिए सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद ही पाठ्यक्रम जैसे विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। विदेश नीति और सामाजिक मुद्दों पर भी रखी राय उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में देश को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन संघर्ष समाप्त होने के बाद बातचीत का रास्ता तलाशना भी जरूरी है। समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक व्यवस्था में बदलाव से पहले समाज को उसके लिए तैयार करना आवश्यक है। वहीं महिलाओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर और बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। ‘फिंगर क्लैप’ भी बना चर्चा का विषय कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने युवाओं के बीच लोकप्रिय ‘फिंगर क्लैप’ शैली में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। यह ताली बजाने का एक तरीका है, जिसमें हथेलियों की बजाय उंगलियों से हल्की चुटकी जैसी आवाज निकालकर सराहना व्यक्त की जाती है। हाल के वर्षों में यह शैली सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुई है। देश, राजनीति और राष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Gold

Gold Rate Today: सोना खरीदना हुआ महंगा, 6 दिनों में ₹5,501 की बढ़त

सोना (Gold) खरीदने वालों के लिए आज बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सोना (Gold) आज ₹2,735 महंगा होकर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। लगातार बढ़ते भाव ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं निवेशकों के लिए यह तेजी चर्चा का विषय बनी हुई है। 6 दिनों में सोने की कीमत में ₹5,501 का इजाफा सोने के भाव में तेजी का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 6 दिनों में सोने की कीमत ₹5,501 प्रति 10 ग्राम तक बढ़ चुकी है। इतनी तेज बढ़त ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। शादी-ब्याह के सीजन में सोना खरीदने वाले ग्राहक अब बढ़ी हुई कीमतों का सामना कर रहे हैं। Silver Rate Today: चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। आज चांदी का भाव ₹931 बढ़कर ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। चांदी में आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के दाम? सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बाजार कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग, आर्थिक अनिश्चितता, निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर दिखाई दे रहा है। सोना हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प भी रहा है। ऐसे में कीमतों में तेजी आने पर खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों की नजर भी बाजार की अगली चाल पर रहती है। ग्राहकों के लिए क्या है सलाह? बढ़ती कीमतों के बीच अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार भाव की जानकारी लेने के बाद ही फैसला करना बेहतर रहेगा। छोटी अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए खरीदारी करते समय सही समय और बजट का ध्यान रखना जरूरी है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं और आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Indian Stock Market

Indian Stock Market में तेजी: Banking और Energy Shares के दम पर Sensex-Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में आज खरीदारी का माहौल देखने को मिला। मजबूत बैंकिंग और Energy सेक्टर के प्रदर्शन के चलते घरेलू बाजार हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 250 अंक की बढ़त के साथ 78,850 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty ने भी मामूली तेजी दर्ज करते हुए 24,650 के आसपास कारोबार किया। Banking और Energy Stocks में दिखी मजबूत खरीदारी बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में आई खरीदारी रही। निवेशकों ने इन सेक्टरों के प्रमुख शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे बाजार के प्रमुख इंडेक्स को मजबूती मिली। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, वहीं Energy Stocks में मजबूती ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को फायदा मिला। Investors की नजर Global Market और Economic Data पर मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और नए आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। निवेशक अब कंपनियों के प्रदर्शन, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और कंपनियों के फंडामेंटल्स को ध्यान में रखना चाहिए। Market Outlook: आगे कैसी रह सकती है चाल? फिलहाल बैंकिंग और Energy सेक्टर में मजबूती ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। अगर घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत जारी रहते हैं, तो बाजार में आगे भी चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, आज के कारोबारी सत्र में Banking और Energy Stocks की तेजी ने Stock Market को मजबूती दी और Sensex-Nifty बढ़त के साथ बंद होने की दिशा में आगे बढ़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ODI World Cup 2027

ODI World Cup 2027 Update: कई बड़ी Teams की बढ़ी मुश्किलें, बिना Qualification नहीं मिलेगा मौका

ICC ODI World Cup 2027 से पहले क्रिकेट जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार कई टीमों के लिए वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं रहने वाला है। ICC ने टूर्नामेंट के Qualification Rules में बदलाव किया है, जिसके बाद अब हर टीम को सीधे World Cup में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। पहले कुछ बड़ी टीमों को अपने प्रदर्शन और ICC की स्थिति के कारण वर्ल्ड कप में जगह बनाना आसान होता था, लेकिन अब नए नियमों के तहत टीमों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ODI Ranking में मजबूत स्थिति बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर Qualifier मुकाबलों में जीत हासिल करना बेहद जरूरी होगा। ICC ODI World Cup 2027 में कैसे मिलेगी Entry? ODI World Cup 2027 की मेजबानी South Africa, Zimbabwe और Namibia करेंगे। इस टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान देशों को सीधे टूर्नामेंट में जगह मिलेगी, जबकि बाकी टीमों को अपनी स्थिति के आधार पर क्वालिफाई करना होगा। नए Qualification System के अनुसार: इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ बड़ी टीम का दर्जा होना काफी नहीं होगा। टीमों को हर सीरीज और हर मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करना पड़ेगा। West Indies जैसी बड़ी Teams पर बढ़ा खतरा वर्ल्ड क्रिकेट की दिग्गज टीमों में शामिल West Indies के लिए यह बदलाव बड़ी चुनौती बन सकता है। खराब ODI प्रदर्शन के कारण टीम को अब सीधे World Cup Qualification के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। दो बार की ODI World Cup Champion West Indies पहले भी 2023 World Cup से बाहर रह चुकी है। ऐसे में 2027 टूर्नामेंट के लिए टीम को अपनी Ranking सुधारने और लगातार जीत हासिल करने की जरूरत होगी। India की World Cup 2027 Qualification मजबूत भारतीय क्रिकेट टीम की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रही है। लगातार शानदार प्रदर्शन और ICC ODI Ranking में अच्छी स्थिति के कारण Team India के Direct Qualification हासिल करने की संभावना काफी ज्यादा है। भारत के अलावा Australia, England, New Zealand, Pakistan, South Africa और Afghanistan जैसी टीमें भी World Cup Qualification की रेस में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। छोटे देशों के लिए भी मिलेगा मौका ICC के नए नियम सिर्फ बड़ी टीमों को ध्यान में रखकर नहीं बनाए गए हैं। Associate Nations और उभरती हुई टीमों के लिए भी World Cup तक पहुंचने का रास्ता खुला रहेगा। जो टीमें Direct Qualification हासिल नहीं कर पाएंगी, वे Qualifier मुकाबलों के जरिए अपनी जगह पक्की कर सकती हैं। इससे छोटी टीमों को बड़े मंच पर पहुंचने का मौका मिलेगा। नए Rules से बढ़ेगा Competition ODI World Cup 2027 का नया Qualification Format क्रिकेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने वाला है। अब हर मैच का महत्व बढ़ जाएगा क्योंकि Ranking Points सीधे World Cup की टिकट से जुड़े होंगे। कई बड़ी टीमें जहां Direct Entry के लिए संघर्ष करेंगी, वहीं नई टीमें इतिहास बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।

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