बीजिंग, 14 जुलाई 2025 — भारत के विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar ने 2020 की गालवान झड़प के बाद पहली बार चीन का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने बीजिंग में SCO (Shanghai Cooperation Organisation) Foreign Ministers Meet में हिस्सा लिया और चीन के उपराष्ट्रपति Han Zheng से मुलाकात की। इस हाई-लेवल मुलाकात को India-China संबंधों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
Galwan Clash के बाद पहली मुलाकात, दिखा भरोसे का नया माहौल
Dr. S. Jaishankar की यह यात्रा इसलिए खास है क्योंकि यह 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच पहली गंभीर और उच्च-स्तरीय बातचीत है। गालवान हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरी खटास आ गई थी, लेकिन अब एक नया Diplomatic thaw (राजनयिक गर्माहट) नजर आ रहा है।
Jaishankar और Han Zheng की मुलाकात में क्या हुआ?
- Han Zheng ने कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे की core concerns का सम्मान करना चाहिए और practical cooperation को आगे बढ़ाना चाहिए।
- जयशंकर ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि मौजूदा वैश्विक माहौल में खुले विचार-विमर्श और पड़ोसी संवाद (Neighbourhood Dialogue) बेहद जरूरी है।
- उन्होंने भरोसा जताया कि India-China ties में पिछले कुछ महीनों में जो सुधार आया है, वह भविष्य में और बेहतर होगा।
Kailash Mansarovar Yatra फिर से शुरू
Dr. S. Jaishankar ने इस मीटिंग में यह भी घोषणा की कि Kailash Mansarovar Yatra को पांच साल बाद फिर से शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी इस साल मनाई जा रही है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है।
SCO Foreign Ministers Meeting 2025 में भारत की भूमिका
विदेश मंत्री जयशंकर अब 15 जुलाई को तियानजिन (Tianjin) में आयोजित हो रही SCO Foreign Ministers’ Meet में भाग लेंगे। इस बैठक में अफगानिस्तान, आतंकवाद, व्यापार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
