महाराष्ट्र में इन दिनों Food Safety को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट, क्लब, कैंटीन और Quick Commerce कंपनियों तक को सतर्क कर दिया है। जहां भी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई या लाइसेंस से जुड़ी गंभीर खामी मिल रही है, वहां FDA कार्रवाई कर रहा है।
क्यों चर्चा में है तुकाराम मुंढे का FDA अभियान?
तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जांच को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया। मुंढे ने एक बयान में बताया कि करीब दो महीनों में 3,100 से ज्यादा निरीक्षण, लगभग 165 तत्काल लाइसेंस निलंबन और 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए।
यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके अभियान की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मुंढे खुद इस तरह की ‘सिंघम’ वाली छवि से दूरी बनाते हुए कहते रहे हैं कि विभाग कानून के मुताबिक काम कर रहा है।
बड़े नाम भी FDA की नजर से बाहर नहीं
महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई की खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में McDonald’s समेत कई चर्चित क्लब और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर स्वच्छता, खाद्य भंडारण और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
इसके अलावा महाराष्ट्र में Domino’s और Pizza Hut के कुछ आउटलेट भी FDA की कार्रवाई की चपेट में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी कमियां, कीटों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी संबंधी खामियां सामने आईं।
Quick Commerce कंपनियों पर भी शिकंजा
आज के दौर में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं से लोग रोजमर्रा का सामान घर बैठे मंगाते हैं। ऐसे में FDA ने इनके Dark Stores और Warehouses को भी जांच के दायरे में रखा है।
Reuters के मुताबिक, महाराष्ट्र में FDA ने 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 60 सुधार नोटिस जारी किए। कई वेयरहाउस में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलने के बाद लाइसेंस या परमिट पर कार्रवाई की गई।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Instamart से जुड़े 14 Food Business Licences निलंबित किए गए।
यानी अब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों से समझौता करना आसान नहीं होगा।
कहीं खराब पनीर, कहीं गंदगी ने खोली पोल
FDA की हालिया जांच में सामने आए मामले इस अभियान की गंभीरता बताते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कथित तौर पर सड़ा और दुर्गंधयुक्त पनीर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FDA ने इसे गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना।
मुंबई के कुछ प्रतिष्ठानों में भी मक्खियां, कॉकरोच, असुरक्षित खाद्य भंडारण और दूसरे Hygiene Violations मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई।
स्कूल कैंटीन और कॉलेजों तक पहुंची जांच
FDA की नजर अब स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद खाने-पीने की दुकानों पर भी है। तुकाराम मुंढे ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले Educational Institutions के आसपास के eateries के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
IIT Bombay की दो हॉस्टल कैंटीन को भी वैध FSSAI लाइसेंस नहीं होने के कारण बंद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
इसके साथ ही FDA ने बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘Safe Food For Every Child in Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है।
दूध और मिलावट पर भी नजर
FDA का अभियान सिर्फ रेस्टोरेंट और कैंटीन तक सीमित नहीं है। दूध में मिलावट और Synthetic Milk Units के खिलाफ भी महाराष्ट्र में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक बढ़ाया गया है।
यानी सरकार का फोकस सिर्फ उस जगह तक नहीं है जहां खाना तैयार होता है, बल्कि Food Supply Chain के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर है।
कार्रवाई पर सवाल भी उठे
जहां एक ओर FDA के अभियान को समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के तत्काल लाइसेंस निलंबन के आदेशों पर रोक लगाई या उन्हें पलटा। अदालत ने ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम और उचित प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया।
पुणे की एक मिठाई की दुकान से जुड़े मामले में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा जांच में प्रतिष्ठान ने 36 में से 35 खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था।
इससे साफ है कि Food Safety Enforcement के साथ-साथ कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
CM फडणवीस ने दिया मुंढे को समर्थन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने FDA के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सरकार के समर्थन के बाद यह संकेत साफ है कि महाराष्ट्र में Food Safety अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब?
इस पूरी कार्रवाई का सबसे सीधा असर आम ग्राहक पर पड़ता है। जिस होटल, कैंटीन या दुकान से लोग रोज खाना खरीदते हैं, वहां साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी सेहत से है।
लेकिन इस अभियान की असली सफलता सिर्फ छापेमारी या लाइसेंस निलंबित करने में नहीं होगी। लंबे समय में जरूरी यह है कि कारोबारियों में नियमों का पालन करने की आदत बने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन मिले।
फिलहाल महाराष्ट्र में FDA का संदेश बिल्कुल साफ है—चाहे छोटा कारोबार हो या बड़ा ब्रांड, Food Safety Rules से समझौता हुआ तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ने के संकेत हैं।
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