पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रही सियासी हलचल के बीच बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “अगर मुझे रोकना है, तो मुझे मारना पड़ेगा।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “गद्दारी की भी एक सीमा होती है।”
ममता बनर्जी के इस बयान को राज्य की राजनीति में चल रहे अंदरूनी मतभेदों के बीच अहम माना जा रहा है।
बागी नेताओं को सीधी चुनौती
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने या नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो खुलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे राजनीति करने के बजाय खुलकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
‘गद्दारी की भी एक सीमा होती है’
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने कई नेताओं को पहचान और जिम्मेदारी दी, लेकिन कुछ लोग उसी पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वासघात किसी भी संगठन को कमजोर करता है और इसकी भी एक सीमा होती है।
राजनीतिक हलचल तेज
हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ नेताओं के इस्तीफे और अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच ममता का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने इस संदेश के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संकेत दिया है।

