भारतीय शेयर बाजार(Market) में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंतिम घंटों में अचानक बिकवाली बढ़ने से निवेशकों की करीब 5.50 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति स्वाहा हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ बंद हुए, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे। कमजोर मानसून की आशंका, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया।
दो साल पुराने स्तर पर पहुंचा बाजार
गिरावट इतनी तेज रही कि निफ्टी एक बार फिर जून 2024 के आसपास के स्तरों तक फिसल गया। इससे उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में बाजार में निवेश किया था।
क्यों आया बाजार में भूचाल?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- कमजोर मानसून को लेकर चिंता
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
- अमेरिका-ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव
- MSCI इंडेक्स रीबैलेंसिंग के कारण बढ़ी अस्थिरता
इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार पर दबाव बढ़ाया और आखिरी घंटे में तेज बिकवाली देखने को मिली।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
बाजार में आई इस गिरावट से छोटे और मध्यम निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
