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“मेरठ में स्कूल मालिक की पत्नी ने कथित तौर पर पति की हत्या के लिए सांप का इस्तेमाल किया”

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मेरठ के चर्चित स्कूल संचालक हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में पुलिस को जांच के दौरान कुछ नए सुराग मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पत्नी, एक ड्राइवर और जहरीले सांप के इस्तेमाल से जुड़ी कथित साजिश की हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में सभी संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना की पूरी योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

अधिकारियों के मुताबिक, अभी जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पुष्टि की जा रही है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

इस सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोग और मृतक के परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

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Sikkim

Sikkim Rain 10 लोगों की मौत के बाद तेज हुआ Rescue Operation, PM Modi ने CM Tamang से की बात

हिमालयी राज्य Sikkim एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। लगातार बारिश से बढ़ा संकट पिछले कुछ दिनों से Sikkim में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें ध्वस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। 10 लोगों की मौत, कई अब भी लापता राज्य सरकार के अनुसार, राहत अभियान के दौरान अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। PM Modi ने CM Tamang से की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। Amit Shah ने भी दिया हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तमांग से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाएं। राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय आपदा राहत मानकों के तहत हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं और केवल सरकारी सलाह का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi on Paper Leak: संसद में बहस की मांग तेज, Kharge ने कहा- सरकार चर्चा से बच रही है

देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की खामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर राष्ट्रीय सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। Rahul Gandhi ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनके सपनों और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका मानना है कि संसद में इस विषय पर खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपनी जिम्मेदारी और आगे की कार्ययोजना स्पष्ट कर सके। Speaker से मुलाकात, संसद में चर्चा की मांग लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से मांग रखी कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज है और करोड़ों छात्रों की चिंता को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके। Kharge का आरोप- विपक्ष को बोलने का मौका नहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा है। खड़गे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सभापति को पत्र लिखकर विपक्ष को पेपर लीक समेत अन्य जनहित के मुद्दों पर बोलने का समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि विपक्ष लगातार युवाओं, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल उठाना चाहता है, लेकिन इन विषयों पर चर्चा से बचने की कोशिश की जा रही है। क्यों बढ़ रही है पेपर लीक पर चिंता? बीते कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की कई भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि लाखों उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे छात्रों का समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक संतुलन तीनों प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठा रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव पेपर लीक को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं होगी और सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देगी, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। छात्रों की निगाहें संसद पर देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी उम्मीद है कि राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। छात्रों का मानना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक पर स्थायी समाधान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pentagon

America vs Iran: Pentagon ने पहली बार मानी 100 सैनिकों के घायल होने की बात

America-Iran War लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि हाल के ईरानी हमलों में उसके 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने कहा कि सुरक्षा कारणों और सैन्य अभियानों की संवेदनशीलता को देखते हुए इस जानकारी को तुरंत सार्वजनिक नहीं किया गया था। वहीं, इस खुलासे के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए ईरान के 9 शहरों में एयरस्ट्राइक की है। इन घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। Pentagon ने देर से क्यों दी जानकारी? पेंटागन के मुताबिक, घायल सैनिकों की संख्या पहले इसलिए साझा नहीं की गई क्योंकि इससे चल रहे सैन्य अभियानों और क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर सैनिकों को विस्फोटों के कारण सिर और शरीर पर हल्की चोटें आई थीं। कई जवान इलाज के बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि कुछ अभी भी मेडिकल निगरानी में हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जानकारी छिपाने का उद्देश्य नहीं था, बल्कि सैन्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी था। America ने Iran के 9 शहरों पर किया बड़ा हमला घायल सैनिकों की पुष्टि के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को और तेज कर दिया। अमेरिकी सेना ने ईरान के 9 शहरों में मौजूद कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट्स, ड्रोन बेस, हथियार भंडार, कमांड सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम को लक्ष्य बनाया गया। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि इन एयरस्ट्राइक का मकसद भविष्य में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों को रोकना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। लगातार बढ़ रहा है Middle East का तनाव पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं। ईरान समर्थित समूहों द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने कई चरणों में हवाई कार्रवाई की है। ताजा एयरस्ट्राइक को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे Middle East की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर America-Iran Conflict पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर दुनिया भर के देशों की चिंता भी बढ़ गई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। आगे क्या हो सकता है? फिलहाल अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उसके सैनिकों या सैन्य ठिकानों पर दोबारा हमला होता है तो जवाब पहले से अधिक सख्त होगा। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी एयरस्ट्राइक की आलोचना करते हुए उचित जवाब देने की चेतावनी दी है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयास दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सफल होते हैं। फिलहाल Middle East में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और हर नई सैन्य कार्रवाई वैश्विक राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी असर डाल सकती है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Delhi High Court on Sonam Wangchuk: Medanta Shift का आदेश, Health को लेकर बढ़ी चिंता

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चल रही चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। पिछले चार दिनों से वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। हाईकोर्ट ने क्यों दिया Medanta शिफ्ट करने का आदेश? Sonam Wangchuk की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय रखी गई। इसके बाद कोर्ट ने माना कि बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा जाना उचित होगा। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए। चार दिन से Safdarjung Hospital में भर्ती सोनम वांगचुक पिछले चार दिनों से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह को देखते हुए उन्हें अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। Jantar Mantar पर समर्थकों का प्रदर्शन जारी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शन में छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। प्रदर्शन स्थल पर कई बार पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए गए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे इलाके पर नजर रखी गई। आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनका आंदोलन और स्वास्थ्य, दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे क्या होगा? हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी विस्तृत जांच और आगे का इलाज करेंगे। वहीं, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में मार्च कर रहे 8 सपा सांसद हिरासत में, 2 घंटे बाद रिहा

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के 8 सांसदों को सोमवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सांसदों में डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज, रुचि वीरा, धर्मेंद्र यादव समेत अन्य सांसद शामिल थे। करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी सांसदों को दोपहर करीब 12:30 बजे हिरासत में लेकर संसद मार्ग स्थित पार्लियामेंट थाने में बैठाया गया, जहां लगभग दो घंटे तक रखने के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे छोड़ दिया गया। रिहा होने के बाद सांसद डिंपल यादव ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्राओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और कपड़े फाड़े जाने की शिकायत भी की। डिंपल यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई। समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले सांसदों को हिरासत में लेना और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर के बाहर कहा कि एक ओर सांसदों को थाने में बैठाया गया, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस बीच, उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी नीट पेपर लीक के विरोध और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि बीएचयू में छात्रों ने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। विरोध में कई कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर इको गार्डन भेज दिया। वहीं आगरा में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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