महाराष्ट्र में Marathi बनाम Hindi भाषा विवाद अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है। ताजा मामला नवी मुंबई के वाशी इलाके से सामने आया है, जहाँ एक कॉलेज छात्र को “मराठी में बात करो, नहीं तो राज ठाकरे आ जाएंगे” कहने पर बेरहमी से पीटा गया।
घटना क्या है?
20 वर्षीय छात्र, जो मोतीलाल झुंझुनवाला कॉलेज का विद्यार्थी है, उसने कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में अपने सहपाठियों से Marathi language में बात करने की बात कही और मजाक में राज ठाकरे का नाम लिया। इस बात से नाराज़ होकर चार छात्रों ने उसे अगली सुबह कॉलेज के बाहर बुलाया और उस पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान एक युवक ने हॉकी स्टिक से उसके सिर पर वार किया, जबकि अन्य ने मुक्के और लातें मारीं। छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से काफी खून बहा।
पुलिस कार्रवाई और एमएनएस का बयान
घटना की शिकायत वाशी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता गजानन काले अस्पताल पहुंचे और पीड़ित छात्र से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पृष्ठभूमि – क्यों बढ़ रहा है भाषा विवाद?
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य करने का फैसला लिया था, जिसे विरोध के बाद वापस लेना पड़ा।
राज ठाकरे ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी थी –
“अगर सरकार ने हिंदी थोपी, तो हम स्कूल बंद करवा देंगे।”
इसके बाद राज्यभर में कई घटनाएं सामने आईं:
- दुकानों पर मराठी न बोलने पर मारपीट
- राज ठाकरे के नाम पर धमकी देना
- पीड़ितों को वीडियो में ‘माफ़ी मांगने’ और ‘मराठी बोलने’ के लिए मजबूर करना
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इन घटनाओं के बाद एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसमें राज ठाकरे पर नफरत फैलाने वाले भाषण, धमकी, और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह नेताओं को इस प्रकार के बयान देने से रोके।
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