झारखंड में छात्रों का आंदोलन अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इसी मुद्दे ने संसद में भी सियासी गर्मी बढ़ा दी है। मंगलवार को संसद परिसर में NDA और कांग्रेस सांसदों के बीच प्रदर्शन और बयानबाजी देखने को मिली। BJP ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि वह झारखंड क्यों नहीं गए, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने इसका जवाब दिया।
मामला उस वक्त और गरमा गया जब NDA सांसदों ने संसद परिसर में मार्च किया। इस दौरान झारखंड के छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष पर राजनीति करने के आरोप लगाए गए।
BJP ने पूछा- राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए?
संसद में प्रदर्शन के दौरान BJP सांसदों ने राहुल गांधी को लेकर सवाल खड़े किए। BJP नेताओं का कहना था कि अगर कांग्रेस वास्तव में झारखंड के छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है, तो राहुल गांधी को खुद छात्रों के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए।
BJP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाती है। पार्टी नेताओं ने झारखंड के छात्रों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।
Priyanka Gandhi ने दिया सीधा जवाब
BJP के सवालों पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं।
प्रियंका के इस बयान के बाद BJP के उस सवाल पर कांग्रेस का पक्ष सामने आ गया, जिसमें राहुल गांधी के झारखंड नहीं जाने को मुद्दा बनाया जा रहा था। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं और उनके साथ हो रहे व्यवहार पर भी सवाल कर चुके हैं।
Jharkhand में क्यों चल रहा है Student Protest?
झारखंड में छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार से जवाब चाहते हैं।
कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन के कारण राज्य में माहौल गर्म है। छात्रों की कोशिश है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से बातचीत करे और कोई ठोस समाधान निकाला जाए।
विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया।
विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से प्रदर्शन के तरीके और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए।
संसद में आमने-सामने आए NDA और Congress
झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। NDA सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की आवाज उठाना राजनीति नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं को सामने लाना है। पार्टी लगातार सरकार से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की मांग कर रही है।
आगे क्या होगा?
झारखंड में छात्रों का आंदोलन जिस तरह लंबा खिंच रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है। अब नजर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर है।
सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन-सी पार्टी किस पर आरोप लगा रही है। असली मुद्दा उन हजारों छात्रों का है जो भर्ती परीक्षाओं और नौकरी की तैयारी में अपना समय और मेहनत लगा रहे हैं। छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत और पारदर्शी प्रक्रिया से निकलता है या फिर आंदोलन आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
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