पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा (Parvinder Singh Jhotta) की हत्या का मामला सामने आया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान झोटा को गोली मार दी गई। घटना का कथित Facebook Live वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
परविंदर झोटा लंबे समय से इलाके में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े मामलों को उठाते थे और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाते थे। उनकी हत्या के बाद नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Medical Store पर विवाद के बाद चली गोली
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। वहां नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर दुकान संचालक से उनकी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि झोटा अपने साथ मौजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति के मामले को लेकर दुकान संचालक से सवाल कर रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर मेडिकल स्टोर के CCTV फुटेज दिखाने की मांग की। बातचीत बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान गोली चलाई गई, जिसमें झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, विवाद की पूरी वजह और गोली चलने की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Facebook Live Video में सुनाई दी गोली चलने की आवाज
इस घटना का कथित Facebook Live वीडियो भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झोटा घटना के समय सोशल मीडिया पर लाइव थे। वीडियो में मेडिकल स्टोर पर हो रही बहस सुनाई देने की बात कही जा रही है। इसी दौरान गोली चलने की आवाज भी सुनाई देती है।
वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पूरी प्रमाणिकता और उसमें दिखाई देने वाली घटनाओं के क्रम की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।
नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे परविंदर झोटा
परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर साझा करते थे।
उनका उद्देश्य इलाके में नशे की समस्या को उजागर करना और इस पर कार्रवाई की मांग करना था। उनके अभियान को लेकर पहले भी विवाद सामने आने की खबरें आई थीं। वर्ष 2023 में भी एक मेडिकल स्टोर संचालक से विवाद के बाद वह चर्चा में आए थे।
उनकी हत्या के बाद एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या और इससे जुड़े मामलों पर कार्रवाई को लेकर बहस शुरू हो गई है।
आरोपी की तलाश और पुलिस जांच पर नजर
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार का नाम सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
फिलहाल हत्या के पीछे की पूरी वजह, विवाद की परिस्थितियों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। मामले में किसी भी दावे को अंतिम सच मानने से पहले पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
Punjab में Drug Problem फिर चर्चा में
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और प्रशासनिक चिंता का विषय रही है। नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर झोटा की हत्या ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
यह घटना उन लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है, जो अपने इलाकों में नशे की कथित बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते हैं। साथ ही, यह जरूरत भी सामने आती है कि ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में अब पुलिस जांच से जुड़े अगले अपडेट पर नजर रहेगी। घटना के पीछे की असली वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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