Pune में लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) पर हुई एक युवक की मौत ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला पूरी तरह बदल गया। अब इस केस में मृतक की मंगेतर (Fiancée) समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम ने लोगों को चर्चित “सोनम केस” की याद दिला दी है, हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान केतन विशाल अग्रवाल (26) के रूप में हुई है। वह पुणे के गहुंजे इलाके का रहने वाला था और परिवार के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा हुआ था। कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी और घर में तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं।
14 जून को केतन अपनी मंगेतर का जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ लोनावला स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए पहुंचा था। बताया गया कि ट्रेकिंग के दौरान फोटो खींचते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला था। शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया।
जांच में आया बड़ा Twist
घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले सबूत, मोबाइल रिकॉर्ड, साथ मौजूद लोगों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को शक हुआ कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश भी हो सकती है।
इसी आधार पर पुलिस ने मृतक की मंगेतर, उसके एक करीबी दोस्त और अन्य सहयोगियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ हत्या (IPC की संबंधित धाराएं) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
शादी की खुशियां पलभर में बदलीं मातम में
परिजनों के मुताबिक, केतन की शादी जल्द होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशियों में डूबा हुआ था। लेकिन लोहागढ़ किले पर हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पहले इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना गया, लेकिन अब हत्या के केस दर्ज होने के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
‘सोनम केस’ से क्यों हो रही तुलना?
सोशल मीडिया पर कई लोग इस मामले की तुलना चर्चित ‘सोनम केस’ से कर रहे हैं। वजह यह है कि दोनों मामलों में शुरुआत में दुर्घटना की बात सामने आई थी और बाद में हत्या की आशंका ने जांच की दिशा बदल दी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध नहीं है और पुणे मामले की जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से की जा रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
