सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हूतियों ने सऊदी अरब के Abha International Airport और राजधानी रियाद के King Khalid International Airport को निशाना बनाया। मिसाइल और ड्रोन से किए गए इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 लोग घायल हुए हैं।
हमले के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी गठबंधन ने यमन में 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
Abha और Riyadh Airport पर हुआ हमला
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, अबहा एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो विदेशी महिलाओं की मौत हुई। इस हमले में 28 लोग घायल बताए गए हैं। वहीं, रियाद के King Khalid International Airport को निशाना बनाए जाने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए।
हमले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई। यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
हूतियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
इन हमलों की जिम्मेदारी यमन के हूती संगठन ने ली है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि रियाद के एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जबकि अबहा एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, हूतियों की ओर से किए गए सैन्य दावों की सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
Saudi Arabia ने दिया जवाब
एयरपोर्ट पर हमले के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 80 से ज्यादा हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इन हमलों में हूतियों के सैन्य ठिकानों, हथियारों के भंडार, मिसाइल से जुड़े ठिकानों और कमांड सेंटरों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। सऊदी गठबंधन ने यह भी दावा किया कि रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया।
Yemen के Aden Airport तक पहुंचा तनाव
इस संघर्ष का असर यमन के Aden International Airport पर भी देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास मिसाइल गिरने के बाद काहिरा से आने वाली एक यात्री उड़ान को लेकर भी सुरक्षा संबंधी कदम उठाए गए।
इस घटना के बाद यमन में हवाई यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हूतियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर आम लोगों और यात्रियों पर भी पड़ रहा है।
Red Sea और Bab el-Mandeb को लेकर बढ़ी चिंता
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है। यमन के पास मौजूद Bab el-Mandeb Strait दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह Red Sea को Gulf of Aden से जोड़ता है।
इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई रूट को लेकर चिंता बढ़ सकती है। पहले भी हूती हमलों के कारण इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
तीन मौतों के बाद और बढ़ा तनाव
सऊदी एयरपोर्ट पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा गया है। एक तरफ हूती सऊदी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं यह टकराव और बड़े क्षेत्र में न फैल जाए। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की अगली सैन्य कार्रवाई से यह साफ होगा कि स्थिति किस दिशा में जाती है।
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