‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के 8 सांसदों को सोमवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सांसदों में डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज, रुचि वीरा, धर्मेंद्र यादव समेत अन्य सांसद शामिल थे। करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी सांसदों को दोपहर करीब 12:30 बजे हिरासत में लेकर संसद मार्ग स्थित पार्लियामेंट थाने में बैठाया गया, जहां लगभग दो घंटे तक रखने के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे छोड़ दिया गया।
रिहा होने के बाद सांसद डिंपल यादव ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्राओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और कपड़े फाड़े जाने की शिकायत भी की। डिंपल यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई।

समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले सांसदों को हिरासत में लेना और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर के बाहर कहा कि एक ओर सांसदों को थाने में बैठाया गया, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी नीट पेपर लीक के विरोध और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि बीएचयू में छात्रों ने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया।
लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। विरोध में कई कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर इको गार्डन भेज दिया। वहीं आगरा में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com



