लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चल रही चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। पिछले चार दिनों से वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही।
हाईकोर्ट ने क्यों दिया Medanta शिफ्ट करने का आदेश?
Sonam Wangchuk की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय रखी गई। इसके बाद कोर्ट ने माना कि बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा जाना उचित होगा।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए।
चार दिन से Safdarjung Hospital में भर्ती
सोनम वांगचुक पिछले चार दिनों से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह को देखते हुए उन्हें अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।
Jantar Mantar पर समर्थकों का प्रदर्शन जारी
वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शन में छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है।
प्रदर्शन स्थल पर कई बार पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए गए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे इलाके पर नजर रखी गई।
आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk?
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनका आंदोलन और स्वास्थ्य, दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी विस्तृत जांच और आगे का इलाज करेंगे। वहीं, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी।
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