भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में गुरुवार, 24 सितंबर को कारोबार के दौरान जोरदार गिरावट देखने को मिली। Sensex करीब 1100 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty में भी लगभग 350 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अचानक बढ़ी बिकवाली के पीछे अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ती Yield, महंगा कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की निकासी को अहम वजह माना जा रहा है।
US Bond Yield बढ़ने से Indian Market पर दबाव
अमेरिकी Treasury Bonds पर मिलने वाला ब्याज बढ़ने से ग्लोबल निवेशकों का ध्यान एक बार फिर अमेरिकी Assets की तरफ गया है। 10-year US Treasury Yield में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
अमेरिकी बॉन्ड पर ज्यादा Return मिलने की स्थिति में विदेशी निवेशकों के लिए भारत जैसे Emerging Markets में निवेश की तुलना में अमेरिकी Assets ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार में Foreign Selling के रूप में दिखाई दे रहा है।
Foreign Investors लगातार निकाल रहे पैसा
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी चिंता बढ़ा रही है। सितंबर महीने में अब तक Foreign Portfolio Investors यानी FPIs ने भारतीय Equities से करीब 21 हजार करोड़ रुपये की निकासी की है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में Liquidity पर असर पड़ता है और बड़े शेयरों में दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही कमजोर रुपया और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता ने भी निवेशकों का Sentiment प्रभावित किया है।
Crude Oil की कीमत 100 डॉलर के पार
भारतीय शेयर बाजार की गिरावट की एक और बड़ी वजह महंगा Crude Oil है। Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के Import से पूरा करता है। ऐसे में Crude Oil महंगा होने पर देश का Import Bill बढ़ सकता है और Inflation को लेकर भी चिंता पैदा हो सकती है। इसका असर रुपये और बाजार दोनों पर पड़ सकता है।
Rupee में भी कमजोरी
Stock Market में बिकवाली के बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। महंगे Crude Oil और Foreign Fund Outflow के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए फिलहाल डॉलर की चाल, अमेरिकी Bond Yield और तेल की कीमतें महत्वपूर्ण संकेत बन गई हैं।
Banking और Financial Stocks भी दबाव में
बाजार की गिरावट का असर Banking और Financial सेक्टर के कई बड़े शेयरों पर भी दिखाई दिया। Bajaj Finance, Axis Bank और Bajaj Finserv समेत कई प्रमुख Stocks में कमजोरी देखने को मिली।
बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में Foreign Investors का रुख कैसा रहता है।
आगे Market की दिशा किन चीजों पर निर्भर?
आने वाले दिनों में US Bond Yield, Crude Oil Price, Rupee-Dollar Rate और FPI Investment भारतीय बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर हो सकते हैं। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट की चाल और अमेरिका की Monetary Policy से जुड़े संकेत भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगे।
फिलहाल Sensex और Nifty में आई तेज गिरावट ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है। निवेशक अब वैश्विक संकेतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह पर नजर बनाए हुए हैं।
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