Suvendu Adhikari ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो ममता सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के मामलों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों की जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जनता में नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार कई मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है।
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि राज्य में मौलवियों और पुजारियों को दिए जाने वाले मानदेय की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और इसे बंद करने पर फैसला लिया जा सकता है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इस बयान पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच नेताओं के बयान लगातार तीखे होते जा रहे हैं। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। समर्थक इसे बड़ा राजनीतिक संदेश बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे चुनावी बयानबाजी करार दे रहे हैं।

