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खंडवा में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी से लौट रहे लोगों की आयशर पलटी, 1 की मौत, 28 घायल

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मूंदी-सनावद हाईवे पर शादी समारोह से लौट रहे लोगों से भरी आयशर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 60 वर्षीय बाबूलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। शादी की खुशी मातम में बदली जानकारी के अनुसार, वाहन में करीब 40 लोग सवार थे, जो गुर्जर समाज से जुड़े थे। सभी लोग ग्राम तलवड़िया (अत्तर) से मामेरा लेकर ग्राम ठुकरा देवला गए थे। परंपरागत कार्यक्रम के बाद जब सभी अपने गांव लौट रहे थे, तब रास्ते में यह हादसा हो गया। कुछ देर पहले तक जहां खुशियां थीं, वहीं अचानक चीख-पुकार मच गई। ओवरटेक करते समय पलटी गाड़ी हादसा डूडगांव के पास मूंदी-सनावद हाईवे पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की, तभी वाहन का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे उतरते ही आयशर पलट गई। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग बैठे थे, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया। घटना के बाद मचा हड़कंप हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग वाहन के नीचे दब गए और मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस और निजी वाहनों से सनावद अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को खंडवा रेफर प्राथमिक इलाज के बाद कई गंभीर घायलों को जिला अस्पताल खंडवा रेफर किया गया है। वहीं मृतक बाबूलाल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग, ओवरटेक और लापरवाही हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। हालांकि, वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और लोकल खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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ग्वालियर में दर्दनाक सड़क हादसा: RTO सब-इंस्पेक्टर की मौके पर मौत, जीजा गंभीर घायल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में RTO सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके जीजा बॉबी उर्फ आशीष गंभीर रूप से घायल हो गए। ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय देवेंद्र मिश्रा अपने जीजा के साथ बाइक से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे। तभी पनिहार थाना क्षेत्र में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि देवेंद्र ट्रक के पहिए के नीचे आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घायल का अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल बॉबी उर्फ आशीष को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि वे भी पनिहार RTO कार्यालय में पदस्थ हैं। ट्रक चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पनिहार थाना पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हाईवे के ढाबों व होटलों के CCTV फुटेज खंगालकर उसकी तलाश की जा रही है। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ देवेंद्र मिश्रा अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके परिवार में पत्नी, 10 साल का बेटा और 13 साल की बेटी है। घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। होमगार्ड से RTO तक का सफर देवेंद्र मिश्रा पहले होमगार्ड में कार्यरत थे और साल 2025 में उनकी RTO में नौकरी लगी थी। इसी साल उनका ट्रांसफर पनिहार कार्यालय में हुआ था। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करता है। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और लोकल खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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ओंकारेश्वर में संत की संदिग्ध मौत पर विवाद: समाधि से शव निकालने की मांग, 73 एकड़ जमीन का एंगल

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में उदासीन अखाड़े से जुड़े संत ब्रजराज पुरी महाराज की संदिग्ध मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जल्दबाजी में दी गई समाधि, उठे सवाल संत की मौत को आश्रम के लोगों ने हार्ट अटैक बताया, लेकिन खाचरोद से आए संतों और परिजनों का कहना है कि मौत संदिग्ध है। आरोप है कि संत को जल्दबाजी में समाधि दे दी गई, जबकि परंपरा के अनुसार अन्य संतों के आने का इंतजार किया जाता है। मौत के अलग-अलग कारण, बढ़ा शक उदासीन अखाड़े के महंत ओंकारदास उदासीन का कहना है कि उन्हें फांसी लगने की जानकारी दी गई थी, जबकि आश्रम में हार्ट अटैक की बात कही गई। इसी विरोधाभास के कारण मामला और संदिग्ध हो गया है। गायब मिले गहने और नकदी महंत और संत समाज ने आरोप लगाया है कि संत के गले में पहनी सोने की चेन, रुद्राक्ष माला, मोबाइल और नकदी भी गायब है। उन्होंने मांधाता थाने में आवेदन देकर समाधि से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। भतीजे ने भी जताई हत्या की आशंका संत के भतीजे संदीप रघुवंशी (निवासी धार) ने भी पुलिस को आवेदन देकर हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि आश्रम में मौजूद लोगों के बयानों में विरोधाभास है और कुछ लोगों के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए हैं। 73 एकड़ जमीन का विवाद आया सामने इस पूरे मामले में 73 एकड़ जमीन का विवाद भी सामने आया है। हिंदू महासभा के पदाधिकारियों का दावा है कि जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था, जिसे अब इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस पर उठे सवाल वहीं मांधाता थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी नजदीकी परिजन की औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, इसलिए कार्रवाई नहीं की गई है। इस पर संत समाज और संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि हत्या जैसे मामलों में आशंका के आधार पर भी जांच शुरू होनी चाहिए। यह मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है, जहां संत समाज, संगठन और प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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CDS और NDA Exam 2026: 12 अप्रैल को होंगी परीक्षाएं, जानें टाइमिंग और सेंटर डिटेल

CDS और NDA परीक्षा 2026 का आयोजन 12 अप्रैल को किया जाएगा। परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अधिकारियों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। CDS परीक्षा तीन पालियों में होगी CDS परीक्षा 3 शिफ्ट में आयोजित की जाएगी: यह परीक्षा शहर के प्रमुख केंद्रों—बाल आश्रम परिसर कचहरी चौक, शांति नगर स्थित शासकीय स्कूल और पीजी डागा गर्ल्स कॉलेज में आयोजित होगी। NDA परीक्षा के लिए 5 सेंटर तय NDA परीक्षा 2 पालियों में आयोजित होगी: इसके लिए 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें गुरुकुल परिसर, लालपुर, गुढियारी और अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थान शामिल हैं। प्रशासन ने की खास व्यवस्था परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किण्डो को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर और रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। यह परीक्षा हजारों युवाओं के करियर से जुड़ी है, इसलिए समय की पाबंदी और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। 👉 ऐसी ही एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर में फिल्मी अंदाज में पकड़ा गया शातिर चोर: 5 घंटे तालाब में छिपा रहा, कमल की नाल से लेता रहा सांस

मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम एक फिल्मी सीन जैसा मामला देखने को मिला, जब पुलिस और एक शातिर चोर के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। पुलिस से बचने तालाब में कूदा आरोपी घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है, जहां एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी हरविंदर सिंह आरपीएफ की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागा और खितौला इलाके के एक गहरे तालाब में कूद गया। कमल की नाल से लेता रहा सांस सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी करीब 5 घंटे तक तालाब में छिपा रहा। वह पानी के अंदर रहते हुए कमल की डंठल (नाल) के जरिए सांस लेता रहा, जिससे पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई। गोताखोरों ने किया गिरफ्तार खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार आरोपी को काई के बीच से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया। नाम छिपाता रहा, पुरानी फोटो से खुली पोल गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा और खुद को ‘बबलू’ बताता रहा। लेकिन आरपीएफ अधिकारी को शक हुआ और पुराने रिकॉर्ड से मिलान करने पर उसकी असली पहचान सामने आ गई। ‘सन्नी’ नाम सुनते ही आरोपी टूट गया और अपनी सच्चाई कबूल कर ली। 400 से ज्यादा चोरी, कभी रहा पार्षद जांच में सामने आया कि हरविंदर सिंह पर देशभर में 400 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं। वह 2017 में यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। 2018 में उसके पास से 70 लाख रुपए के हीरे-जेवरात बरामद किए गए थे। वह अक्सर ट्रेनों के एसी कोच को निशाना बनाता था और वारदात के बाद सिम बदलकर फरार हो जाता था। कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराधी बचने के लिए कितनी चालाकी कर सकते हैं, लेकिन कानून के हाथ आखिरकार उन तक पहुंच ही जाते हैं। 👉 ऐसी ही क्राइम स्टोरी और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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इंदौर के मालवा मिल में शराब दुकान का विरोध: रहवासी सड़क पर उतरे, पुलिस बल तैनात

मध्य प्रदेश के इंदौर के मालवा मिल इलाके में मंगलवार को माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। रिहायशी इलाके में शराब दुकान का विरोध स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस इलाके में पहले से ही परिवार रहते हैं और यहां बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में शराब दुकान खुलने से माहौल खराब होगा और बच्चों पर गलत असर पड़ेगा। लोगों के मुताबिक, यह दुकान किसी दूसरे इलाके से शिफ्ट होकर यहां लाई जा रही है, जिसे वे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। बीजेपी पार्षद भी पहुंचे मौके पर विरोध के बीच बीजेपी पार्षद और MIC सदस्य नंदू पहाड़िया भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रहवासियों से बातचीत की और उनकी मांगों का समर्थन करते नजर आए। भारी पुलिस बल तैनात स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। टेंट लगाने से रोका, फैसला बाकी प्रदर्शन कर रहे लोग मौके पर टेंट लगाकर विरोध जारी रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन अभी तक दुकान को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। पहले भी हो चुका है विरोध स्थानीय लोगों का कहना है कि साल 2022 में भी इस तरह का विरोध हुआ था। रहवासी शिल्पा जैन और अनुराधा जैन ने बताया कि 600 मीटर के दायरे में पहले से ही 4 शराब दुकानें मौजूद हैं। उनका कहना है कि इतनी कम दूरी पर एक और दुकान खोलना इलाके के लिए ठीक नहीं है। विरोध जारी रखने की चेतावनी रहवासियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब दुकान का स्थान नहीं बदला जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जहां एक तरफ नियम हैं और दूसरी तरफ जनता का विरोध। 👉 ऐसी ही लोकल अपडेट्स और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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सागर मकरोनिया में दिनदहाड़े चोरी: महिला के घर पहुंचते ही चोर ने दिया धक्का, नकद और गहने लेकर फरार

मध्य प्रदेश के सागर के मकरोनिया इलाके में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। सूने मकान को बनाया निशाना दीनदयाल नगर मकरोनिया में रहने वाली गुड्डीबाई उपाध्याय सुबह करीब 11 बजे घर पर ताला लगाकर खाना बनाने के लिए गई थीं। इसी दौरान चोर ने सूना मकान देख गेट फांदकर घर में एंट्री कर ली। चोर ने घर का ताला तोड़कर अलमारी और पेटी में रखे नकद रुपए और गहनों पर हाथ साफ कर दिया। महिला के पहुंचते ही भागा चोर इसी बीच जब गुड्डीबाई घर लौटीं, तो उन्होंने अंदर चोर को देख लिया और चिल्लाने लगीं। पकड़े जाने के डर से चोर ने उन्हें धक्का दिया और मौके से भाग निकला। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। किस्त के पैसे और गहने ले गया आरोपी पीड़िता के मुताबिक, घर में रखे करीब 11 हजार रुपए (किस्त भरने के लिए रखे पैसे) और पायल, टॉप्स, चूड़ियां, अंगूठी समेत अन्य गहने चोर ले गया। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध घटना के पास लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें एक युवक गेट फांदकर घर में घुसते हुए नजर आया है। पुलिस जांच में जुटी मामले की शिकायत मकरोनिया थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि दिन में भी घरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में कांग्रेस का किसान आंदोलन: 9 अप्रैल को कलेक्टर घेराव, सरकार ने एक दिन पहले ही शुरू की गेहूं खरीदी

मध्य प्रदेश के खंडवा में कांग्रेस के किसान आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के ऐलान के बाद अब 9 अप्रैल को जिले में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। सरकार ने बदली गेहूं खरीदी की तारीख कांग्रेस के आंदोलन के ऐलान के बाद सरकार भी सतर्क हो गई है। पहले जहां गेहूं खरीदी 10 अप्रैल से शुरू होनी थी, अब इसे एक दिन पहले यानी 9 अप्रैल से ही शुरू करने का फैसला लिया गया है। कांग्रेस ने शुरू की तैयारी खंडवा में जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह पुरनी ने पार्टी कार्यालय में बैठक लेकर पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं। ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे बड़ी संख्या में शामिल हों और आंदोलन को सफल बनाएं। हर बूथ अध्यक्ष को कम से कम 10 लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। 5-6 हजार किसानों के जुटने का दावा कांग्रेस का दावा है कि इस आंदोलन में 5 से 6 हजार किसान शामिल होंगे, जिससे सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। कलेक्टर कार्यालय का होगा घेराव 9 अप्रैल को दोपहर 12 बजे सभी कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान महाराणा प्रताप प्रतिमा के पास एकत्र होंगे। इसके बाद रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेंगे और वहां घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान गेहूं खरीदी, सिंचाई और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। यह आंदोलन अब राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि किसानों के मुद्दों पर सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है। 👉 ऐसी ही पॉलिटिकल और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में जल्द होगा नए DGP का फैसला: अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता रेस में

छत्तीसगढ़ में जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। इस पद के लिए फिलहाल दो बड़े नाम सामने हैं—अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता। इनमें अरुणदेव गौतम का पलड़ा फिलहाल भारी माना जा रहा है। UPSC और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी तेजी दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग ने राज्य सरकार से पूछा था कि अब तक स्थायी DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP नहीं होना चाहिए। समय-सीमा पूरी होने के बाद अब सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। दो नामों का पैनल भेजा गया 13 मई 2025 को UPSC ने राज्य सरकार को दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। आमतौर पर तीन नाम भेजे जाते हैं, लेकिन इस बार विकल्प कम होने के कारण सिर्फ दो नाम शामिल किए गए। जनवरी 2025 से प्रभारी DGP हैं गौतम पूर्व DGP अशोक जुनेजा के रिटायर होने के बाद जनवरी 2025 में अरुणदेव गौतम को प्रभारी DGP बनाया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थायी नियुक्ति जरूरी है। अरुणदेव गौतम का अनुभव मजबूत अरुणदेव गौतम 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनका लंबा व अनुभव से भरा करियर रहा है। वे कई जिलों में एसपी रह चुके हैं और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राजनांदगांव और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी पोस्टिंग रही है, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम किया। DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, DGP की नियुक्ति UPSC द्वारा भेजे गए वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। साथ ही, चयनित अधिकारी को कम से कम दो साल का कार्यकाल देना अनिवार्य होता है, चाहे उसकी रिटायरमेंट डेट कुछ भी हो। जल्द हो सकता है बड़ा फैसला इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही नए स्थायी DGP के नाम का ऐलान कर सकती है। 👉 ऐसी ही पॉलिटिकल और प्रशासनिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में चोरी: स्टोर रूम से ट्रॉफियां और मोमेंटो ले गए चोर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। स्टोर रूम का ताला तोड़कर की वारदात जानकारी के मुताबिक, 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने बंगले के स्टोर रूम का ताला तोड़ दिया और वहां रखी ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड लेकर फरार हो गए। इस घटना का पता 6 अप्रैल की सुबह तब चला, जब सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर रूम का टूटा ताला देखा और सामान गायब पाया। सम्मान में मिली थीं ट्रॉफियां पुलिस के अनुसार, चोरी हुई ट्रॉफियां और मोमेंटो मंत्री विश्वास सारंग को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान स्वरूप मिले थे। फिलहाल इनकी कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। CCTV नहीं होने से जांच में दिक्कत जांच में यह भी सामने आया है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे थे। इसी वजह से चोरों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस जुटी जांच में टीटीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब यह चोरी एक मंत्री के सरकारी बंगले में हुई हो। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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