अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। Trump ने संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इसी बीच उन्होंने बातचीत का दरवाजा भी खुला रखा है। Trump का कहना है कि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते और अगर बातचीत से समाधान निकल सकता है तो इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
ईरान के साथ आज से बातचीत की तैयारी
Trump के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सोमवार यानी 3 अगस्त से फिर शुरू हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच संभावित वार्ता को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हैं। खास बात यह है कि ट्रंप ने बातचीत के लिए कोई निश्चित Deadline तय नहीं की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख फिलहाल दो तरफा नजर आ रहा है। एक ओर वह बातचीत के जरिए समझौते की संभावना तलाश रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए सैन्य विकल्प की बात भी कर रहे हैं।
Trump ने दी फिर Military Action की चेतावनी
Trump ने साफ किया है कि अगर बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता तो अमेरिका के पास आगे कार्रवाई करने के विकल्प मौजूद हैं। यानी ईरान को लेकर Washington की नीति में Diplomacy के साथ Military Pressure भी जारी रहने वाला है।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनका मकसद लोगों की जान लेना नहीं है। इसी वजह से बातचीत को एक मौका देने की कोशिश की जा रही है।
Nuclear Program बना सबसे बड़ा मुद्दा
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का एक बड़ा कारण ईरान का Nuclear Program है। अमेरिका चाहता है कि ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर ठोस आश्वासन मिले। इसके अलावा Middle East में सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव भी दोनों देशों के बीच बातचीत के अहम मुद्दे हो सकते हैं।
ईरान की ओर से आने वाला रुख इस पूरी प्रक्रिया में काफी महत्वपूर्ण होगा। अगर दोनों देश कुछ मुद्दों पर सहमति बनाने में सफल रहते हैं तो क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है।
Middle East पर भी नजर
अमेरिका-ईरान तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। Middle East के कई देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय राजनीति इससे प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि दुनिया के कई देश इस नई बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Trump और Iran के बीच बातचीत किसी Deal तक पहुंच पाएगी? अगर वार्ता सफल होती है तो सैन्य टकराव का खतरा कम हो सकता है। लेकिन बातचीत विफल रहने की स्थिति में तनाव फिर बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि Trump की Negotiation Strategy ईरान के साथ रिश्तों को किस दिशा में ले जाती है।
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