मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका (America) ने ईरान के खिलाफ लगातार दूसरे दिन बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान ने इस टकराव को और सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने कहा कि वह ईरान की “हिटलिस्ट” में सबसे ऊपर हैं और अमेरिका किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
90 सैन्य ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने बताया कि इस अभियान के दौरान ईरान के मिसाइल लॉन्च सेंटर, ड्रोन बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य गोदाम और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिकी हितों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ किए गए हमले यह संकेत देते हैं कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।
हमलों के बाद तीन लोगों की मौत
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ताजा हवाई हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और सैन्य परिसरों के आसपास भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। हालांकि ईरान की सरकार ने अभी तक हताहतों का विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
Trump का बड़ा दावा- “मैं Iran की Hit List में सबसे ऊपर”
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है और वह उसकी “Hit List” में सबसे ऊपर हैं। ट्रम्प ने साफ कहा कि यदि अमेरिकी हितों या सैनिकों पर हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से भी ज्यादा सख्ती से दिया जाएगा।
उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।
ईरान ने भी दिखाई जवाबी तैयारी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है ताकि हालात पूर्ण युद्ध में न बदलें।
दुनिया की चिंता बढ़ी, Oil Market पर भी असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है क्योंकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी प्रभावित हो सकते हैं।

