पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या। जानिए पूरी घटना, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जांच की ताज़ा अपडेट।
Breaking News: बंगाल में खूनी सियासत! शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद जारी हिंसा अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में बीजेपी नेता और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे Suvendu Adhikari के निजी सहायक और करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 10:20 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी कार से बारासात स्थित घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर आए हमलावरों ने मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमलावरों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की, जिनमें से कई गोलियां रथ को लगीं। उनके साथ मौजूद ड्राइवर और एक अन्य सहयोगी भी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
“ये प्री-प्लान्ड मर्डर है” — शुभेंदु अधिकारी
घटना के बाद बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने इसे “पूर्व नियोजित हत्या” बताया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने दावा किया कि कई दिनों से रेकी की जा रही थी और इसके बाद हमला किया गया।
बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने भी घटना की निंदा करते हुए कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच की मांग की है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मी बताए जा रहे हैं। वे पिछले कई वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी थे और चुनावी रणनीति से लेकर संगठनात्मक काम तक संभालते थे। बीजेपी के अंदर उन्हें अधिकारी का सबसे भरोसेमंद चेहरा माना जाता था।
बंगाल में चुनाव बाद हिंसा क्यों बढ़ रही है?
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद कई जिलों से हिंसा, आगजनी, हमले और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। पुलिस के अनुसार चुनाव परिणाम आने के बाद अब तक 200 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कोलकाता और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश जारी है।
राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म
इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह उबाल पर है। बीजेपी इसे “लोकतंत्र पर हमला” बता रही है, जबकि टीएमसी हिंसा के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहरा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
यह भी पढ़े –Bengal Political Crisis 2026: 9 May को BJP Government की शपथ
