प्राइमरी मार्केट में अगले हफ्ते निवेशकों को कई कंपनियों के IPO में पैसा लगाने का मौका मिलने वाला है। EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स, BLS पॉलिमर्स, MK संस फाइन ज्वैल्स, SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स सहित पांच कंपनियां अपने पब्लिक इश्यू ला रही हैं। इनके जरिए कुल मिलाकर करीब ₹2,600 करोड़ जुटाने की योजना है।
इन कंपनियों के कारोबार अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट, पॉलिमर्स, ज्वेलरी रिटेल, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट और स्टील प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार विस्तार, वर्किंग कैपिटल और कर्ज चुकाने में किया जाएगा। कुछ इश्यू में मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी भी बेचेंगे।
1. EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का ₹1,200 करोड़ का IPO
एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की सब्सिडियरी EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का IPO 26 अक्टूबर को खुलेगा और 28 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹1,200 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर
- अपर प्राइस बैंड पर वैल्युएशन: करीब ₹10,765 करोड़
- इश्यू का प्रकार: पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS)
इस IPO के तहत एडेलवाइस ग्रुप अपनी हिस्सेदारी बेचेगा। इसलिए इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर को मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, एंकर निवेशकों से करीब ₹360 करोड़ जुटाए जा चुके हैं।
2. SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का ₹668 करोड़ का IPO
वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का IPO 29 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹668 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹313 से ₹330 प्रति शेयर
- अपर प्राइस बैंड पर वैल्युएशन: करीब ₹3,233 करोड़
- फ्रेश इश्यू: ₹150 करोड़
- OFS: प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स के 1.57 करोड़ शेयर
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। OFS से मिलने वाली रकम संबंधित शेयर बेचने वालों को मिलेगी।
3. MK संस फाइन ज्वैल्स का ₹275.4 करोड़ का IPO
ज्वेलरी रिटेलर MK संस फाइन ज्वैल्स लिमिटेड का IPO 28 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹275.4 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹153 से ₹162 प्रति शेयर
- फ्रेश इश्यू: 1.36 करोड़ शेयर
- OFS: प्रमोटर रामचंद्र मुरलीधर रायमलानी के 34 लाख शेयर
कंपनी इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में नया शोरूम खोलने, गुजरात के शोरूम के विस्तार से जुड़ी इन्वेंट्री जरूरतों को पूरा करने, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए करेगी।
4. BLS पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO
BLS पॉलिमर्स लिमिटेड का IPO 27 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।
- इश्यू साइज: ₹255 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹142 से ₹150 प्रति शेयर
- इश्यू का प्रकार: पूरी तरह फ्रेश इश्यू
- शेयरों की संख्या: 1.7 करोड़ इक्विटी शेयर
कंपनी जुटाई गई रकम में से ₹77.56 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च करेगी। इसके अलावा ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे गए हैं। बची हुई रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च की जाएगी।
5. बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का ₹183.1 करोड़ का IPO
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड का IPO 29 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹183.1 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹78 से ₹82 प्रति शेयर
- इश्यू का प्रकार: पूरी तरह फ्रेश इश्यू
कंपनी के मुताबिक, जुटाई गई रकम में से ₹125 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹15.7 करोड़ सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मौजूदा लीज एग्रीमेंट के तहत कैपिटल इक्विपमेंट के अधिग्रहण की लागत के वित्तपोषण में इस्तेमाल किए जाएंगे। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए होगी।
नवंबर में भी कई IPO आने की तैयारी
मर्चेंट बैंकरों के मुताबिक, गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग, माइलस्टोन गियर्स, अवाडा इलेक्ट्रो, स्वरा बेबी प्रोडक्ट्स, इंटीग्रिस मेडटेक और AGS हेल्थ जैसी कंपनियां भी IPO लाने की तैयारी कर रही हैं। इनके प्राइस बैंड और लॉन्च प्लान की घोषणा 5 नवंबर तक होने की उम्मीद जताई गई है।
हालांकि, इन कंपनियों के IPO की तारीखों और शर्तों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही होगी।
प्राइमरी मार्केट में बढ़ी गतिविधियां
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक 104 कंपनियां IPO के जरिए ₹1.4 लाख करोड़ से ज्यादा जुटा चुकी हैं। इससे प्राइमरी मार्केट में कंपनियों की फंड जुटाने की गतिविधियों का अंदाजा मिलता है।
लेख में जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के इश्यू का भी उल्लेख है। निवेशकों को किसी भी IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), वित्तीय स्थिति, जोखिम और वैल्यूएशन देखना चाहिए।
फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर है?
फ्रेश इश्यू: कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मिलने वाली रकम सीधे कंपनी को मिलती है, जिसका इस्तेमाल कारोबार विस्तार, कर्ज चुकाने या अन्य व्यावसायिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं। इससे मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलती है।
निवेश से पहले ध्यान दें: IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। केवल इश्यू साइज या लोकप्रियता देखकर निवेश का फैसला न करें; कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं और जोखिम जरूर समझें।

