छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के बाद कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं। प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि झारखंड में संगठन महामंत्री रहे कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ भेजा गया है। 24 सितंबर को हुए इस बदलाव को लेकर कांग्रेस ने 1500 करोड़ रुपए की कथित वसूली से जुड़े वायरल वीडियो का मुद्दा भी उठाया है।
वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक की शिकायत के बाद सामने आए एक वायरल वीडियो में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए 1500 करोड़ रुपए की कथित वसूली का दावा किया गया था।
भाजपा ने इस वीडियो को फर्जी बताया था। कांग्रेस का कहना है कि अगर वीडियो फर्जी है तो इसकी सच्चाई जांच के जरिए सामने आनी चाहिए।
केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग
धनंजय सिंह ठाकुर ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो फर्जी है तो उसे तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि यदि वीडियो में आर्थिक लेन-देन को लेकर लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। पार्टी ने केंद्र सरकार से सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से जांच कराने की मांग की है।
संगठनात्मक फेरबदल पर भी सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पवन साय को छत्तीसगढ़ से हटाकर झारखंड भेजे जाने के बाद संगठनात्मक बदलाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बदलने से वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच का मुद्दा खत्म नहीं होता।
ठाकुर ने सरकार से पूरे मामले की जांच कर वास्तविकता जनता के सामने रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर और सामान-सर्विस की सप्लाई में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की भी मांग की।



