छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाईवे और सड़कों पर बाइक से खतरनाक स्टंट, रेसिंग और सार्वजनिक जगहों पर बर्थडे सेलिब्रेशन की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र के पद पर होने की पुष्टि भी उपलब्ध है।
यह मामला सड़कों पर जन्मदिन मनाने और खतरनाक स्टंटबाजी की खबरों को हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका के रूप में लिए जाने के बाद चल रही सुनवाई से जुड़ा है। इससे पहले कोर्ट ने डीजीपी, बिलासपुर एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों से जवाब मांगा था।
बिलासपुर में 13 महीने में 26 से ज्यादा मामले
सुनवाई के दौरान सामने आया कि बिलासपुर में पिछले 13 महीनों में सड़क पर स्टंटबाजी, खतरनाक ड्राइविंग और सार्वजनिक मार्ग पर बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़े 26 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं।
इनमें 19 मामले स्टंटबाजी और 8 मामले सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़े बताए गए हैं। इन मामलों में पुलिस ने 47 वाहन जब्त किए हैं, जबकि 80 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
SSP ने सभी थानों को दिए कार्रवाई के निर्देश
पिछली सुनवाई में बिलासपुर एसएसपी की ओर से कोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया था। इसमें बताया गया कि कोटा थाना क्षेत्र में कोरी डैम के पास बाइक स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाइक भी जब्त की गई और बाद में चार्जशीट पेश की गई।
एसएसपी ने सभी थानों को खतरनाक स्टंट, रेसिंग और सोशल मीडिया रील बनाने के लिए चलती गाड़ियों के इस्तेमाल पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस वायरल वीडियो और न्यूज रिपोर्ट के जरिए सामने आने वाली ऐसी घटनाओं पर भी नजर रख रही है।
DGP ने भी जारी किए निर्देश
सड़क पर स्टंट और बर्थडे सेलिब्रेशन रोकने के लिए डीजीपी की ओर से सभी जिलों के एसपी-एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के साथ जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से सर्कुलर क्रमांक 6/2025 के जरिए सड़क सुरक्षा और सड़क पर होने वाली ऐसी गतिविधियों को लेकर निर्देश जारी किए जाने की जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी गई।
बताया गया कि 25 अक्टूबर 2025 को संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी की बैठक में सड़क सुरक्षा और सड़क पर हुड़दंग से जुड़ी शिकायतों पर 15 से 30 मिनट में रिस्पॉन्स की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट ने कहा- अलग से गाइडलाइन जरूरी
सुनवाई के दौरान सामने आया कि डीजीपी की ओर से समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए राज्य स्तर पर स्पष्ट और अलग गाइडलाइन तैयार नहीं की गई है।
इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सड़क पर स्टंटबाजी और बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई पर सवाल
मामले में यह बात भी सामने आई कि सड़क पर स्टंट और बर्थडे सेलिब्रेशन के ज्यादातर मामलों में पुलिस कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने या न्यूज रिपोर्ट सामने आने के बाद हुई है।
अस्पताल, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े कैमरों और आईटीएमएस की निगरानी व्यवस्था के बावजूद ऐसे मामलों का स्वतः पता लगाने की क्षमता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में किस तरह की गाइडलाइन तैयार की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

