नई दिल्ली। नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) शुरू होने से ठीक पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी पर अनिश्चितता बढ़ गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने लीग में खेलने वाले अपने खिलाड़ियों के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की अनुमति रोक दी है। लीग की शुरुआत 26 अक्टूबर से होनी है, ऐसे में इस फैसले से पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।
ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, PCB प्रत्येक खिलाड़ी के लिए करीब 25 हजार अमेरिकी डॉलर की फीस मांग सकता है। हालांकि, इस रकम की मांग को लेकर PCB की ओर से लिखित सूचना जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है NOC और विदेशी लीग में क्यों जरूरी?
NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट किसी खिलाड़ी को दूसरे देश की लीग में खेलने के लिए उसके राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से दी जाने वाली अनुमति है।
विदेशी टी-20 लीग में किसी फ्रेंचाइजी के साथ अनुबंध करना ही पर्याप्त नहीं होता। खिलाड़ी को अपने बोर्ड की शर्तें पूरी करनी होती हैं और आवश्यक अनुमति भी लेनी पड़ती है। NOC नहीं मिलने की स्थिति में खिलाड़ी के लिए संबंधित लीग में खेलना मुश्किल हो सकता है।
किन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर पड़ सकता है असर?
रिपोर्ट में पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं, जिनकी NPL में भागीदारी प्रभावित हो सकती है। इनमें शामिल हैं:
- साहिबजादा फरहान
- हैदर अली
- हुनैन शाह
- हुसैन तलत
- इफ्तिखार अहमद
- हसन अली
- उसामा मीर
इनमें साहिबजादा फरहान पाकिस्तान की टी-20 टीम के कप्तान हैं। हुसैन तलत और इफ्तिखार अहमद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं, जबकि हसन अली और उसामा मीर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी पहले ही नेपाल पहुंच चुके हैं। ऐसे में NOC को लेकर अंतिम फैसला उनके लीग में खेलने की स्थिति तय करने में अहम होगा।
PCB की नई कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था से क्या है संबंध?
PCB ने इस साल केंद्रीय अनुबंध प्रणाली में बदलाव करते हुए टेस्ट क्रिकेट और सीमित ओवरों के क्रिकेट के बीच अंतर किया था। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रारूप के अनुसार अनुबंध और उपलब्धता को व्यवस्थित करना था।
इस व्यवस्था के तहत टी-20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों को, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से टकराव नहीं होने पर, विदेशी टी-20 लीग में खेलने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि, NPL के लिए NOC रोके जाने के पीछे PCB की आधिकारिक वजह और प्रत्येक खिलाड़ी पर लागू होने वाली शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी सूचीबद्ध खिलाड़ी लीग से बाहर हो जाएंगे।
26 अक्टूबर से शुरू होनी है नेपाल प्रीमियर लीग
नेपाल प्रीमियर लीग का आयोजन 26 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होना है। आठ टीमों वाली इस टी-20 लीग के मुकाबले काठमांडू में खेले जाने हैं।
अब सबकी नजर PCB के अगले फैसले पर है। यदि खिलाड़ियों को समय पर NOC नहीं मिलता, तो उनकी भागीदारी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।







































