उज्जैन में शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को एक बार फिर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी और पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
सुबह भी हुआ था पथराव
इससे पहले सोमवार सुबह भी मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान हंगामा और पथराव हुआ था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान एक महिला थाना प्रभारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
10 लोगों पर FIR, 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
पुलिस ने मामले में 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि, इन पांचों की गिरफ्तारी की अभी जानकारी नहीं मिली है। वहीं, बाहर से आए 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मुस्लिम समाज ने खुद हटाना शुरू किया हिस्सा
विवाद के बीच मुस्लिम समाज के कुछ लोग मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को खुद हटाने के लिए पहुंचे। प्रशासन और समाज के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क की निर्धारित सीमा में आने वाला मस्जिद का करीब 10 फीट हिस्सा बाधक बताया गया है।
हाईकोर्ट में आज सुनवाई
शाही मस्जिद से जुड़े मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई होनी है। इससे पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर चुकी है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर है।
प्रशासन के अनुसार, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है और मस्जिद का कुछ हिस्सा प्रस्तावित सड़क सीमा में आ रहा है।
