गौरी नगर में गौ हत्या के मामले को लेकर गुरुवार को नगर निगम ने फिर बुलडोजर कार्रवाई की। निगम की टीम ने गौरी नगर निवासी अलीम खान के मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बताया गया है कि गौ हत्या मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम इस मकान में किराए से रहता था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पर इसी मकान में गौ मांस काटने का काम करने का आरोप है। नगर निगम का अमला सुबह करीब 6 बजे मौके पर पहुंचा और बुलडोजर की मदद से मकान ढहाने की कार्रवाई शुरू की। कुछ ही समय में मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर वार्डवासियों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। वहीं, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मकान का निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था।
महापौर ने अवैध मांस बिक्री पर कार्रवाई के दिए निर्देश
महापौर मधुसूदन यादव ने अवैध रूप से मांस बेचने का कारोबार संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नोटिस जारी कर लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच करने को कहा है।
महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि नगर निगम की ओर से आवंटित दुकानों में अवैध रूप से मांस बिक्री पाए जाने पर दुकान का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
सांसद और विधायक प्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन
गौरी नगर मामले के बाद सर्व समाज के पदाधिकारियों ने गुरुवार को सांसद संतोष पांडेय और विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपकर शहर में खुले में मांस बिक्री और इससे जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई की मांग की गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि खुले में मांस की बिक्री और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की दुकानों के संचालन से क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में कदम उठाने की मांग की।
सस्ते नॉनवेज फास्ट फूड सेंटरों की जांच की मांग
शहर में 50 से अधिक ऐसे स्थान होने का दावा किया गया है, जहां फास्ट फूड के नाम पर कम कीमत में चिकन और मटन बेचा जा रहा है। आरोप है कि इनमें से कुछ दुकान संचालकों के पास जरूरी लाइसेंस नहीं हैं।
इन दुकानों पर परोसे जाने वाले नॉनवेज की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया गया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे केंद्रों से नियमित सैंपलिंग नहीं की है।
अब इन दुकानों के लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा मानकों और मांस की गुणवत्ता की जांच की मांग उठ रही है।

