मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटियों के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालयों का घेराव करने पहुंचे। यह प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण का हिस्सा था।

रायपुर में पुलिस से हुई खींचतान
राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत भी शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता की।
दुर्ग में काले कपड़े पहनकर निकली रैली
दुर्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर रैली निकाली। इसमें दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई नगर के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपा और वापस लौट गए। दुर्ग में कार्यक्रम के तहत CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
रायगढ़ में बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश
रायगढ़ में भी कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया।
इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी आंदोलन की रणनीति
रायपुर के राजीव भवन में सुखदेव भगत की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों के साथ नगरीय निकाय चुनाव, जल-जंगल-जमीन, स्मार्ट मीटर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर भी प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन की रणनीति तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
25 सितंबर को भी कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
कांग्रेस ने अपने आंदोलन के पहले चरण में 25 सितंबर को देशभर में राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने का कार्यक्रम रखा था। दूसरे चरण में 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस समितियों को जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च और प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए थे।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। पार्टी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी कर रही है। ये कांग्रेस के आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अलग पक्ष भी सामने आया है।

