Americs और Iran के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका इस संघर्ष में बहुत जल्द जीत हासिल करने वाला है। वहीं, नवंबर में होने वाले US Midterm Elections से पहले ईरान के खिलाफ किसी नई सैन्य कार्रवाई की संभावना को भी उन्होंने पूरी तरह खारिज नहीं किया है।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं।
Midterm Election से पहले Attack का सवाल
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका नवंबर में होने वाले Midterm Elections से पहले ईरान पर दोबारा हमला कर सकता है, तो उन्होंने इस संभावना को सीधे तौर पर नकारा नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि हालात के हिसाब से आगे कोई भी फैसला लिया जा सकता है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। उनका दावा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Iran भी किसी नए हमले के लिए तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बीच ईरान ने भी अपनी स्थिति साफ कर दी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश किसी भी नए अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए तैयार है।
हालांकि, ईरान ने बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है। अराघची के मुताबिक, अगर कूटनीतिक तरीके से समाधान की संभावना बनती है तो Tehran बातचीत के विकल्प पर विचार कर सकता है।
Strait of Hormuz बना बड़ा मुद्दा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में Strait of Hormuz भी अहम मुद्दा बन चुका है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान की ओर से इस रास्ते को फिर से खोलने को लेकर कुछ शर्तें रखी गई हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रोकना और ईरान से जुड़े आर्थिक प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
बातचीत या फिर Military Action?
मौजूदा हालात में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका और ईरान के बीच आगे बातचीत होगी या तनाव फिर सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ेगा। एक तरफ ट्रंप लगातार अमेरिका की सैन्य ताकत और जीत की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान भी किसी हमले का जवाब देने की बात कह रहा है।
दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच Diplomacy की गुंजाइश अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। क्षेत्रीय देश भी तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल ट्रंप के बयान ने अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत और Strait of Hormuz को लेकर फैसले से यह साफ हो सकता है कि दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में बढ़ते हैं या संघर्ष का दायरा और बढ़ता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
