नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों का नया ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके तहत ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। साथ ही, टेस्ट से पहले कम से कम 30 मिनट का ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल’ देखना भी जरूरी किया जा सकता है।
सरकार ने लाइसेंस से जुड़ी कुछ ऑनलाइन सेवाओं को आधार वेरिफिकेशन के जरिए मुफ्त करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने जैसी सेवाएं शामिल हैं। हालांकि, ये बदलाव अभी प्रस्तावित हैं और अंतिम नियम जारी होने के बाद ही इनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
अब मिलेगा मजबूत और वाटरप्रूफ PVC कार्ड
ड्राफ्ट के मुताबिक, नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने पर साधारण कागज के बजाय ‘फॉर्म 7’ के तहत मजबूत और वाटरप्रूफ PVC कार्ड देने का प्रावधान है।
लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया में पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर ID, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। दस्तावेजों की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और निर्धारित शर्तों पर निर्भर करेगी।
15 दिन में नाम-पता बदलने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव
ड्राइविंग लाइसेंस में नाम, पता या अन्य जानकारी बदलवाने के लिए आवेदन करने वालों को भी राहत मिल सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के अधिकारी को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी या आवेदन खारिज करना होगा।
यदि आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को उसका स्पष्ट कारण लिखित रूप में बताना होगा। इससे आवेदकों को आवेदन की स्थिति और अस्वीकृति की वजह जानने में मदद मिलेगी।
आधार वेरिफिकेशन से मुफ्त में बदलवा सकेंगे नाम-पता
सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आधार वेरिफिकेशन के जरिए ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं की फीस माफ करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत लाइसेंस में नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने जैसी सेवाएं मुफ्त हो सकती हैं।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो निर्धारित ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने वाले आवेदकों को शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हालांकि, मुफ्त सेवाओं का अंतिम दायरा नियमों को मंजूरी मिलने के बाद स्पष्ट होगा।
30 दिनों में मांगे सुझाव और आपत्तियां
परिवहन मंत्रालय ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी कर आम लोगों और विशेषज्ञों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद सरकार नियमों को अंतिम रूप दे सकती है।
ध्यान दें: फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित नियमों का हिस्सा हैं। इन्हें अंतिम रूप से लागू किए जाने से पहले आधिकारिक अधिसूचना जारी होना जरूरी है।




































