अमृतसर के सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस में 11वीं कक्षा की छात्रा कोमल ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों, सहपाठियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर स्कूल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस पंजाब सरकार की स्कूल ऑफ एमिनेंस सूची में शामिल है।
महिला टीचरों पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप
मृतका की बहन लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि दो महिला टीचर उसकी बहन और उसकी सहेलियों को कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान करती थीं। परिजनों का दावा है कि छात्राओं के चरित्र को लेकर भी कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां की जाती थीं।
परिजनों के अनुसार, कोमल को एनसीसी गतिविधियों से भी हटा दिया गया था। उसे एक महीने के लिए स्कूल से निकालने की धमकी देकर बाहर किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
कोमल की सहेली मीनाक्षी ने दावा किया कि टीचरों के कथित अपमानजनक व्यवहार से वह बेहद परेशान थी। सहेली के मुताबिक, कोमल का सपना पंजाब पुलिस अधिकारी बनने का था।
स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित अध्यापिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और पुलिस उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी अध्यापिकाओं और प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर मुख्य सड़क जाम करने की बात भी कही गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटनास्थल पर पहुंचे थाना प्रभारी नवदीप सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, छात्रा के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल से भी मामले को लेकर बातचीत की है। इसके साथ ही परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित अध्यापिकाओं और अन्य लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की
परिजन इस मामले में स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

