महाकाल मंदिर में दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 16 सितंबर को 13 साल की बेटी के सामने गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की, बाल खींचे और घटना का वीडियो बनाने पर मोबाइल फोन छीन लिया। उन्होंने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है।
महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। उन्होंने महाकाल थाने में लिखित आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
धर्मशाला में कमरे की जानकारी लेने पर विवाद शुरू
प्रेरणा गर्ग के मुताबिक, वह 16 सितंबर को अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। उन्होंने कर्मचारियों से कमरे की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी।
महिला का कहना है कि कर्मचारियों ने कमरे खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने पूछा कि चेक-आउट या बुकिंग कैंसिल होने पर कमरा मिलने की संभावना है या नहीं। आरोप है कि कर्मचारियों ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया।
परिसर में बैठकर ऑनलाइन होटल तलाश रही थीं
प्रेरणा के अनुसार, धर्मशाला में कमरा नहीं मिलने पर वह परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरा होटल तलाशने लगीं। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा।
महिला का आरोप है कि कारण पूछने पर गार्ड्स ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। आपत्ति जताने के बाद विवाद बढ़ गया। उन्होंने मोबाइल फोन से घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश की, जिसके बाद एक गार्ड ने कथित तौर पर उन्हें धक्का देकर मोबाइल छीन लिया।
महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और बाल खींचे गए। उन्होंने अपनी बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का दावा किया है।
ट्रेन का समय होने के कारण समिति में शिकायत नहीं कर सकीं
प्रेरणा गर्ग ने बताया कि ट्रेन का समय होने के कारण वह मंदिर समिति में लिखित शिकायत नहीं दे सकीं। हालांकि, उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन दिया है।
उन्होंने घटना का वीडियो जारी कर मामले की जानकारी सार्वजनिक की है।

पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला श्रद्धालु की ओर से मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति को प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली
महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन समिति को अब तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
जून में भी श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुआ था विवाद
इससे पहले 11 जून 2026 को महाकाल मंदिर के गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था।
बताया गया था कि दो युवक बैरिकेड पार कर दूसरी लाइन में पहुंच गए थे। गार्ड द्वारा रोकने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी।
अगस्त में महाकाल लोक में भी सामने आया था विवाद
अगस्त 2026 में महाकाल लोक में श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
वीडियो में महाकाल लोक की सप्त ऋषि की मूर्तियों के पास एक महिला सुरक्षाकर्मी और कुछ महिला श्रद्धालुओं के बीच विवाद दिखाई दे रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने की बात सामने आई थी।



