भोपाल में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास के बाहर किसानों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। वे अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे और जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो उन्होंने शिवराज के घर के सामने ही सड़क पर गेहूं की बोरियां उलट दीं और वहीं धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया।

किसानों की मांग और कांग्रेस का रुख
दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ लगभग डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने भावांतर योजना, प्याज, धान और अन्य फसलों के दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद जीतू पटवारी ने कहा—
“भावांतर योजना के ज़रिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था, और अब फिर वही दोहराया जा रहा है।”
इसके बाद पटवारी ने एलान किया कि वे किसानों की समस्याएं सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और उनके बंगले तक पैदल जाएंगे।

पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खींचतान
जैसे ही जीतू पटवारी और किसान रेड क्रॉस चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने। कई बार पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पटवारी हर बार चकमा देकर आगे बढ़ते रहे।
आखिरकार, वे शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए। वहां शिवराज ने पटवारी और कुछ नेताओं को अंदर बुलाया और कुछ देर चर्चा की।
मुलाकात के बाद पटवारी ने मांगी माफी
बंगले से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा—
“अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर दीजिए।”
भाजपा का पलटवार
वहीं, भाजपा नेता हितेश बाजपेई ने X (ट्विटर) पर पटवारी की गेहूं की बोरी उठाए तस्वीर साझा की और लिखा—
“किसानों की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति चमका रहे हैं जीतू पटवारी जी। उनके साथ पीआर टीम फोटो और वीडियो बनाने में लगी थी।”

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