हरियाणा के सिरसा में महिला की हत्या के करीब चार साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौसा-मौसी समेत छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। डॉ. नरेश सिंघल की अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अमित मेहता के अनुसार, कोर्ट ने मृतक महिला की नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते के लिए दोषियों से दो लाख रुपये वसूलने के आदेश भी दिए हैं।
मकान बनाने को लेकर हुआ था विवाद
मृतक महिला की पहचान अमृतपाल कौर (36) के रूप में हुई है। 29 अप्रैल 2022 को उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी।
बताया गया कि अमृतपाल कौर का अपने मौसा पप्पू सिंह और मौसी किरना रानी के साथ गांव में मकान बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। अमृतपाल ने मौसा के परिवार के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था।
आरोप था कि इसी रंजिश के चलते पप्पू सिंह ने अपनी पत्नी किरना रानी, बेटे जसविंदर सिंह, दामाद नवदीप, राजू और गांव के निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ मिलकर अमृतपाल की हत्या कर दी। मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।
नाबालिग बेटी मां के साथ रहती थी
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अमृतपाल की नाबालिग बेटी कमलजीत कौर 10वीं कक्षा में पढ़ती थी और अपनी मां के साथ पिपली गांव में रहती थी।
करीब 11-12 साल पहले उसके माता-पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपनी मां के साथ रहने लगी। लगभग आठ साल पहले मां-बेटी ने पिपली गांव में मकान बनाकर रहना शुरू किया था।
मकान खाली करने को लेकर बढ़ा विवाद
कमलजीत कौर के मुताबिक, पिपली गांव में प्लॉट उसकी मां की मौसी किरना रानी ने दिलवाया था। दोनों के मकान आमने-सामने थे।
आरोप है कि मकान बनने के बाद किरना रानी और उसके परिवार ने अमृतपाल कौर से घर छोड़कर गांव से चले जाने को कहा। अमृतपाल ने घर खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया।
केस वापस लेने के लिए दबाव का आरोप
शिकायत में बताया गया कि किरना रानी और उसके परिवार ने अमृतपाल के साथ मारपीट की थी। इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा था। आरोप है कि केस वापस लेने के लिए अमृतपाल पर दबाव बनाया जा रहा था।
29 अप्रैल 2022 को अमृतपाल पड़ोस के मकान से अपने घर लौट रही थी। जैसे ही वह घर के दरवाजे के पास पहुंची, आरोपी वहां आ गए। बताया गया कि आरोपियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे।
तलवार और धारदार हथियारों से हमला
कमलजीत कौर के अनुसार, आरोपियों के पास तलवार, धारदार हथियार और पिस्तौल थी। शाम करीब पांच बजे उन्होंने उसकी मां पर हमला कर दिया।
हमले में अमृतपाल के गर्दन और शरीर पर कई वार किए गए। आरोप है कि हमलावरों ने उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। शोर सुनकर कमलजीत घर से बाहर आई तो आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गए।
कमलजीत ने अपनी मां को मृत अवस्था में देखा और पुलिस तथा अपने मामा गुरदीप को फोन कर घटना की सूचना दी।
पुलिस जांच के बाद कोर्ट ने सुनाई सजा
कालांवाली थाना पुलिस ने मामले में IPC की धाराओं 147, 148, 149 और 302 सहित आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना और नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते से संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं।

