Karnataka के चित्रदुर्ग (Chitradurga) जिले में गुरुवार तड़के एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। NH-48 हाईवे पर चल रही एक निजी स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक हादसे में कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
कैसे हुआ Karnataka Bus Fire Accident
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 दिसंबर की रात करीब 2:30 बजे की है। बेंगलुरु से शिवमोग्गा/गोकार्णा की ओर जा रही स्लीपर बस जब हिरियूर तालुक के गोरलथु क्रॉस के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक डिवाइडर पार कर बस को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के डीजल टैंक में आग लग गई और कुछ ही सेकंड में आग पूरी बस में फैल गई। यात्री नींद में थे और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया।
आग में फंसे यात्री, चीख-पुकार का मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के तुरंत बाद बस से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ यात्रियों ने शीशे तोड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग बस के अंदर ही फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्री बाहर नहीं निकल सके।
हादसे के बाद हाईवे पर चारों तरफ चीख-पुकार, अफरा-तफरी और जलती बस का खौफनाक दृश्य दिखाई दे रहा था।
मृतकों और घायलों की स्थिति
अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में 9 से 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ सूत्रों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। करीब 20 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है।
घायलों को हिरियूर, चित्रदुर्ग और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है।
बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एंबुलेंस टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान शुरू कर दी है और उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ट्रक चालक को नींद की झपकी या नियंत्रण खोने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्यालय और कर्नाटक सरकार ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि, जबकि घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
एक हादसा, कई उजड़े सपने
यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का अंत है। जो लोग त्योहार के मौके पर अपने घर लौट रहे थे, उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
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