बारामती में वरिष्ठ राजनेता अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार की रस्में भावुक माहौल के बीच जारी हैं। अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पवार परिवार के साथ-साथ हजारों समर्थक और शुभचिंतक बारामती पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया।
अजित पवार को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर वर्ग में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया।
Ajit Pawar Funeral में देश के बड़े नेता हुए शामिल
अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों से कई दिग्गज नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारामती पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी इस दौरान मौजूद रहे।
नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी।
आंध्र प्रदेश से भी पहुंचे मंत्री नारा लोकेश
अजित पवार के अंतिम संस्कार में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश भी शामिल हुए। उन्होंने पवार परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अजित पवार के राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया।
शोक में डूबी बारामती, कड़े सुरक्षा इंतजाम
बारामती और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम दर्शन कर रहे हैं।
अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बारामती आज अपने नेता को नम आंखों से अलविदा कह रही है।
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