ज्योतिर्मठ के Shankaracharya स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिगों के साथ यौन शोषण के आरोप लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में दावा किया जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में शोषण की पुष्टि हुई है।
पीड़ित बताए जा रहे एक बटुक (वेद अध्ययन करने वाला छात्र) ने आरोप लगाया है कि उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। उसने कहा कि यह घटना उसके लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक रही। मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले नाबालिग छात्रों ने आरोप लगाए थे कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। अब आई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि शोषण की पुष्टि हुई है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम सच्चाई अदालत और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
पीड़ित का बयान
एक पीड़ित बटुक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह लंबे समय तक डर और दबाव में रहा। उसने आरोप लगाया कि उसे चुप रहने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए।
जांच एजेंसियां सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं और मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया गया है। यदि आरोप साबित होते हैं तो यह धार्मिक जगत के लिए एक बड़ा झटका होगा।
समाज में बढ़ी चिंता
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें धार्मिक संस्था और नाबालिग छात्र शामिल हैं। समाज के कई वर्गों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, सभी की नजर जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है। सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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