America – Iran के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर दिखा। कच्चा तेल 10% महंगा हुआ, सेंसेक्स 1100 अंक गिरा और सोने की कीमत 1.67 लाख रुपये तक पहुंच गई।
अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक बाजार में हलचल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया भर के बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में जंग जैसे हालात बनने की आशंका से निवेशकों में डर बढ़ गया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल, शेयर बाजार और सोने की कीमतों पर पड़ा है।
कच्चा तेल 10% तक महंगा
जैसे ही युद्ध की खबरें तेज हुईं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आ गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
सेंसेक्स 1100 अंक टूटा
घरेलू शेयर बाजार में घबराहट का माहौल रहा। BSE Sensex करीब 1100 अंक टूटकर 80,100 के स्तर पर आ गया। निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया और शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में ज्यादा गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी वैश्विक तनाव बढ़ता है, भारतीय बाजार पर उसका असर तुरंत दिखाई देता है।
सोना 1.67 लाख के पार
तनाव के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। इसी वजह से सोने की कीमतों में तेज उछाल आया। सोना करीब ₹5,000 बढ़कर 1.67 लाख रुपये (प्रति 10 ग्राम, अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुसार) के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
आम लोगों पर क्या असर?
- पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं
- रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है
- शेयर बाजार में निवेश करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत
- सोने में निवेश करने वालों को फायदा
आगे क्या?
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति पर है। अगर तनाव कम होता है तो बाजार संभल सकते हैं, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो महंगाई और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
ऐसे समय में विशेषज्ञ निवेशकों को धैर्य रखने और सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दे रहे हैं।
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